Advertisement

मकान जमींदोज किए, धूल का गुबार, कोहरा सा छाया

फ्रीगंज ओवरब्रिज के समानांतर 91.76 करोड़ से बनेगा नया ब्रिज

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

Advertisement

साइट क्लीयर होने के बाद शुरू हो जाएगा ब्रिज का निर्माण

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। फ्रीगंज ओवरब्रिज के समानांतर 91.76 करोड़ रुपए से बनने वाले नए ब्रिज के निर्माण में बाधक बन रहे मकानों पर बुलडोजर चलाकर उन्हें जमींदोज किया जा रहा है। साइड क्लीयर होते ही ब्रिज का निर्माण शुरू कर दिया जाएगा। १९ दिसंबर से मकानों को तोडऩे की शुरुआत हुई थी जो लगातार चल रही है। रविवार को मकानों को तोड़ते वक्त धुल का ऐसा गुबार उठा कि लगा मानो जैसे कोहरा छा गया।

Advertisement

12 दिसंबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस ब्रिज का भूमिपूजन किया था। ब्रिज दो साल में बनकर तैयार हो जाएगा जो फोरलेन होगा इसलिए तेजी से काम किया जा रहा है। नया पुल बनने से फ्रीगंज ओवरब्रिज पर यातायात का दबाव कम होगा और आवागमन भी सुगम होगा। नया ब्रिज चामुंडामाता मंदिर की ओर स्थित नगर वन के गेट से शुरू होगा। इसकी एक ब्रांच मक्सी रोड की ओर होगी, वहीं दूसरी ब्रांच सीधे टॉवर चौराहे तक बनेगी।

19  दिसंबर से शुरू किया तोडऩा, अब तेजी से काम

Advertisement

चामुंडा माता चौराहा से मक्सी रोड की ओर बनाए जाने वाले ब्रिज के निर्माण में दीपमाला, रेलवे कॉलोनी के सरकारी मकान आ रहे हैं जिन्हें खाली करने के लिए रहवासियों को पूर्व में नोटिस जारी किए गए थे। इसके बाद १९ दिसंबर से इन्हें तोडऩे की शुरुआत हुई थे। वर्तमान में तेजी से काम किया जा रहा है और मौके से मटेरियल को भी डंपर में भरकर हटाया जा रहा है।

… तो लगा मानो कोहरा छा गया
रविवार शाम करीब 5 बजे बुलडोजर और जेसीबी की मदद से जैसे-जैसे मकानों को जमींदोज किया जाता रहा उससे धुल का गुबार उठता रहा। एक समय ऐसा भी आया जब धूल के कारण ऐसा लगा जैसे कोहरा छा गया। ऐसे में वहां से निकलने वाले वाहन चालकों की आंखों और चेहरे पर धूल ही धूल हो गई। सूरज ढलने के बाद जैसे ही काम बंद हुआ लोगों ने राहत की सांस ली।

ऐसा होगा नया ब्रिज
नए पुल की चौड़ाई 21.40 मीटर होगी। यातायात के लिए दोनों ओर 9.9 फीट का रोड बनाया जाएगा। डेढ़-डेढ़ फीट के फुटपाथ और बीच में 0.40 मीटर का डिवाइडर होगा। ब्रिज पर सेंटर लाइटिंग का प्रावधान भी किया गया है। इसके बनने से फ्रीगंज और पुराने शहर के बीच में नई कनेक्टिविटी हो सकेगी। पुराने ब्रिज पर यातायात का लोड कम होगा और वाहन चालकों को आए दिन लगने वाले जाम से भी निजात मिल जाएगी।

Related Articles

Write a review