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पत्नी की हत्या कर छुपाया शव, पुलिस ने गलत डायरी बनाई

बेटे और भाई इंसाफ के लिए दे चुके 60 आवेदन नहीं हो रही सुनवाई

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अक्षरविश्व न्यूज|उज्जैन। नरवर थाना क्षेत्र में 12 मई 2023 को पलंग पेटी से महिला का शव पुलिस ने बरामद किया था। शव का पोस्टमार्टम कराया गया। एफएसएल जांच भी हुई जिसमें पता चला कि महिला की हत्या कर शव को पलंग पेटी में छुपाया गया है। बावजूद इसके तत्कालीन थाना प्रभारी ने गलत केस डायरी बनाई। मृतका के ससुर को फरियादी बनाया। पुलिस कार्यवाही पर मृतिका के परिजनों को भरोसा नहीं। वह लोग डीजीपी से लेकर एसपी को अब तक 60 आवेदन दे चुके लेकिन इंसाफ नहीं मिल रहा।

यह था मामला:पालखंदा थाना नरवर निवासी 43 वर्षीय दीपा उर्फ कृष्णाबाई की १२ मई 2023 को घर में रखी पलंग पेटी से पुलिस ने लाश बरामद की थी। पलंग पेटी के ऊपर रखे बिस्तर जले हुए थे। पुलिस ने एफएसएल अधिकारी को मौके पर बुलाया। शव को पीएम के लिए जिला चिकित्सालय भेजा और जांच शुरू की थी। प्रारंभिक जांच में मामला हत्या का पाया गया। तत्कालिन टीआई संजय मंडलोई ने केस डायरी तैयार की। जिसमें दीपा की हत्या में फरियादी उसके ससुर अंतर सिंह को बनाया गया और आरोपी पति विजय परमार को बनाया गया था।

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बेटे ने लगाए आरोप

दीपा के पुत्र राजकुमार परमार ने अपने पिता विजय परमार, दादा अंतरसिंह, दादी सावित्री बाई और चाचा अजय परमार पर हत्या का आरोप लगाते हुए कहा कि 9 मई 2023 की रात्री में तीनों ने मिलकर दीपा की हत्या की है एवं साजिश करके आत्महत्या बताने के लिए शव को रस्सी का फंदा बनाकर छत से लटकाई और फिर नीचे उतारकर बिस्तर पेटी में छुपा दिया।

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वहीं दीपा के भाई हेमन्त चौहान ने दीपाबाई हत्याकांड में तत्कालीन नरवर थाना प्रभारी पर एफ.आई.आर. में मनगढ़ंत बातें दर्ज करने और लापरवाही का आरोप लगाते हुए आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग पुलिस महानिरीक्षक से की है। राजकुमार परमार के अनुसार अंतरसिंह और सावित्रीबाई ने पुलिस को गुमराह किया 9 मई को रात में हत्या की ओर बचने के लिए 11 मई 2023 को सुबह 5 बजे मेरी मां को जिंदा बताकर मायके जाना बताया। अब ये लोग धारा 164 के बयान’ बदलने के लिए मुझे जान से मारने की धमकी दे रहे है।

भाई ने लगाए थाना प्रभारी पर आरोप

हेमन्त चौहान ने कहा कि पी.एम. रिपोर्ट के अनुसार मेरी बहन दीपाबाई की हत्या 9 मई 2023 को सुबह 11 बजे से 10 मई 2023 को सुबह 11 बजे के बीच हुई (48 से 72 घंटे) किंतु तत्कालीन थाना प्रभारी संजय मण्डलोई ने हत्यारों को बचाने के लिये हत्या समय बदल दिया। 11 मई 2023 को सुबह 5 बजे दीपाबाई को जिंदा बताया, लाश को चलते फिरते बाथरूम में जाते बताया।

12 कि.मी. दूर मायके देवास जाना बताया, जबकि हकीकत में दीपा की हत्या 9 मई 2023 को हो चुकी थी ओर लाश बिस्तर पेटी में सड़ रही थी। हेमंत चौहान ने बताया कि मुख्यमंत्री, पुलिस महानिदेशक के समक्ष 6 जून 2023 व 20 जून 2023 को आवेदन दिये। आवेदनों जाच के आदेश हुए किंतु जांच अधिकारी संजय मण्डलोई को बचाने पर विशेष उच्चस्तरीय जांच के आदेश हुए किंतु जांच अधिकारी संजय मंडलोई ने हत्यारे परिजनों के लिये अंतरसिंह व सावित्रीबाई के पूर्व में दिये धारा 161 के बयान भी बदलवा दिये।

हेमंत चौहान ने बताया कि मुझे पी.एम. रिपोर्ट करिब साढ़े 3 माह बाद वकिल द्वारा न्यायालय से मिली। हेमंत चौहान ने पुलिस अधीक्षक से अनुरोध किया कि यह प्रकरण संज्ञान में लेकर जांच करें एवं मेरी बहन के हत्यारे विजय परमार, रेखा मालवीय, अंतरसिंह, सावित्री बाई, अजय परमार को रिमांड पर लेकर सख्ती से पूछताछ करके हत्या का समय मालूम करें।

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