आम के लिए बने खास नियम VIP के लिए सब चलता है

महाकाल मंदिर में आम श्रद्धालुओं के मोबाइल जमा करवाए जा रहे
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वीआईपी और प्रोटोकॉल से जाने वाले बेधड़क ले जा रहे
अक्षरविश्व न्यूज|उज्जैन। 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक श्री महाकालेश्वर मंदिर में आम श्रद्धालुओं के लिए खास और सख्त नियम हैं। अंदर मोबाइल ले जाने पर पाबंदी है। इसके लिए पूरे परिसर में जगह-जगह सूचना लिखे बोर्ड भी लगे हैं। यदि कोई आम दर्शनार्थी मोबाइल लेकर लाइन में लग जाएं तो सुरक्षाकर्मी उसे लाइन से निकाल देते हैं और पहले मोबाइल जमा करने को कहते हैं।
हालांकि, यह नियम केवल आम श्रद्धालुओं पर लागू होते हैं, वीआईपी और प्रोटोकॉल से आने वाले दर्शनार्थियों के लिए कोई नियम कायदे नहीं। वे ना सिर्फ मोबाइल लेकर अंदर प्रवेश करते हैं बल्कि नंदी हॉल सहित कार्तिकेय और गणेश मंडपम् सहित परिसर में जमकर फोटो और वीडियो बनाते हैं। इस दौरान सुरक्षाकर्मी तो मौजूद होते हैं लेकिन उन्हें कोई रोकता-टोकता तक नहीं।
दरअसल, आम दर्शनार्थी महाकाल लोक में बैरिकेड्स से होते हुए मानसरोवर से अंदर प्रवेश करते हैं। यहां से लाइन में होते हुए वह प्रवेश द्वार तक पहुंचते हैं जहां सुरक्षाकर्मी उनकी तलाशी लेते हैं। मोबाइल होने पर उन्हें लाइन से बाहर कर दिया जाता है और समीप स्थित काउंटर पर मोबाइल जमा करने को कहा जाता है। ऐसे में दर्शनार्थी काउंटर पर पहुंचता और वहां लाइन में लगकर मोबाइल जमा करता है। इसके बाद उसे अंदर प्रवेश दिया जाता है। सबसे ज्यादा परेशानी बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को होती है क्योंकि उन्हें इसकी जानकारी नहीं होते। ऐसे में उन्हें दो बार लाइन में लगना पड़ता है जिससे समय की बर्बादी होती है।
यह कर सकते हैं
दर्शनार्थियों को होने वाली दोहरी परेशानी से बचाने के लिए मंदिर प्रशासन सुरक्षाकर्मियों को वहां तैनात कर सकता है जहां से आम श्रद्धालु लाइन में लगते हैं। यहां सुरक्षाकर्मी आने वाले दर्शनार्थियों को कहें कि पहले मोबाइल जमा करें फिर लाइन में लगे। इससे उन्हें परेशान नहीं होना पड़ेगा।
भस्मार्ती में बैन किया मोबाइल
गुरुवार से भस्मार्ती में मोबाइल बैन कर दिया गया। एक दिन पहले ही प्रभारी प्रशासक और एडीएम अनुकूल जैन ने अधिकारियों से चर्चा कर यह निर्णय लिया था। इसके तहत तड़के पहुंचे दर्शनार्थियों के मोबाइल पहले चैकिंग पॉइंट पर जमा करवा लिए गए। आरती के बाद उन्हें मोबाइल लौटा दिए गए।
पहले भी प्रतिबंध लेकिन पालन नहीं
पुजारी, पुरोहित और मंदिर के कर्मचारी यजमानों और खास लोगों के फोटो खींचते हैं। अन्य श्रद्धालु भी फोटो खींचने लगते हैं। पूर्व में भी मोबाइल पर प्रतिबंध लगाया था लेकिन पालन नहीं किया गया।










