सिंहस्थ में रामघाट पर करना होगा फोकस

…. ताकि, प्रयागराज जैसे न बने यहां हालात

मंगलनाथ के छोटे पुल का चौड़ीकरण जरूरी
अक्षरविश्व न्यूज|उज्जैन। प्रयागराज की घटना के बाद सिंहस्थ 2028 को लेकर प्रशासन की चिंता बढ़ी है, क्योंकि सिंहस्थ में भी करोड़ों श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। रामघाट पर मुख्य फोकस के साथ साथ मंगलनाथ के पुराने छोटे पुल का चौड़ीकरण या समानांतर पुल बनाना जरूरी है। आपात स्थिति के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाना भी जरूरी है ताकि प्रयागराज जैसे हालात उज्जैन में न बनें।
रामघाट तक जाने का मार्ग अभी संकरा है। इस मार्ग पर भीड़ का दबाव सबसे ज्यादा रहता है। सिंहस्थ के दौरान इन मार्गों पर दबाव अत्यधिक हो जाता है। खतरनाक हालात तब बनते हैं जब साधु संतों की पेशवाई के बाद आम श्रद्धालु स्नान के लिए निकलते हैं।
रामानुज कोट से रामघाट तक आने और जाने के अलग अलग रास्ते बनाए जाना चाहिए ताकि भीड़ बढ़ने के कारण भगदड़ के हालात न बने। आज प्रयागराज में मौनी अमावस्या स्नान के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ इसलिए बेकाबू हुई क्योंकि संगम तट पर आने और जाने का रास्ता एक ही था। ऐसे हालात रामघाट पर भी बनते हैं। इसलिए रामघाट मार्ग को दो हिस्सों में बांटना जरूरी है।
फुट ओवरब्रिज की योजना खारिज
रामघाट तक जाने के लिए हरसिद्धि की पाल से पहले पाटीदार समाज के श्रीराम मंदिर से पहले से एक फुट ओवरब्रिज बनाने की योजना बनी थी, जिसके माध्यम से सीधे राणोजी की छतरी के सामने रामघाट को जोड़ने की योजना नगर निगम ने बनाई थी, लेकिन भोपाल में बैठे अधिकारियों ने इसे खारिज कर दिया था। इस योजना को एक बार फिर निकालकर धरातल पर उतारने पर विचार किया जाना चाहिए। इससे भी रामघाट पर भीड़ का दबाव कम किया जा सकता है।
ग्रीन कॉरिडोर की योजना
प्रयागराज में भगदड़ की घटना को देखते हुए सिंहस्थ के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाने की योजना है। इससे हालात नियंत्रित रहेंगे।-नीरज कुमार सिंह, कलेक्टर









