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13 तस्करों से 100 ग्राम से अधिक एक करोड़ रुपए की ड्रग्स जब्त

जिले में राजस्थान से आ रही एमडी ड्रग्स और स्मैक

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अक्षरविश्व न्यूज|उज्जैन। जिले के युवा एमडी ड्रग्स के नशे की लत में पड़ रहे हैं। तस्कर राजस्थान के शहरों से ड्रग्स लाकर जिले में सप्लाय कर रहे हैं। पुलिस ने पिछले एक माह तक तस्करों के खिलाफ अभियान चलाया। 13 बदमाशों को पकड़कर 100 ग्राम से अधिक ड्रग्स कीमत 1 करोड़ 30 लाख जब्त कर एनडीपीएस के तहत केस दर्ज किया।

तस्करों ने पुलिस के सामने पूछताछ में कई राज उगले। मादक पदार्थों की तस्करी और सेवन करने वालों ने पूछताछ में रूट का खुलासा किया। तस्करों से पूछताछ के दौरान पुलिस को पता चला कि राजस्थान का डग-बढोद मादक पदार्थों की आपूर्ति का मुख्य केंद्र है।

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यह स्थान तस्करों के लिए एक अहम ठिकाना बन गया है, जहां से बड़ी मात्रा में ड्रग्स उज्जैन और उसके आसपास के इलाकों में लाई जाती है। इसके अलावा, राजस्थान के चाचुरनी, प्रतापगढ़ और घाटाखेड़ी जैसे स्थान भी ड्रग्स तस्करी के लिए महत्वपूर्ण केंद्र माने जा रहे हैं। इन इलाकों का भौगोलिक और परिवहन नेटवर्क तस्करों के लिए अनुकूल है, जिससे ये न केवल उज्जैन बल्कि प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी मादक पदार्थों की सप्लाई के लिए इस्तेमाल किए जा रहे हैं।

यह तस्कर अब तक आए गिरफ्त में

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महाकाल थाना पुलिस ने गरीब नवाज कॉलोनी निवासी अदनान पिता आशिक और सोहेल पिता मुन्ना को गिरफ्तार कर 6.73 ग्राम एमडी ड्रग्स जब्त की जिसकी अंतर्राष्ट्रीय कीमत 6.5 लाख रुपए आंकी गई है। इसी प्रकार जीवाजीगंज थाना पुलिस ने पहलवान पीर का टेकरा निवासी दानिश पिता करीम और जांसापुरा निवासी अरशद पिता आसिफ को गिरफ्तार कर इनके पास से 6.59 ग्राम स्मैक पाउडर और 2.59 ग्राम एमडीएमए ड्रग्स जब्त की गई, जिसकी अनुमानित कीमत 5 लाख रुपये है इसी थाना पुलिस ने बेगमबाग निवासी शादाब पिता सालार, जूना सोमवारिया निवासी सुल्तान उर्फ भेजी पिता मुबारिक, पिपलोन चौकी आगर मालवा निवासी अमजद पिता अजगर को पकड़कर 50 ग्राम एम.डी. ड्रग्स जिसकी अनुमानित अंतर्राष्ट्रीय कीमत 50 लाख रुपये की जप्त की गई।

थाना चिमनगंज मंडी पुलिस टीम ने गांधी नगर निवासी भूरा उर्फ ओहिल शरीफ, राजस्व कालोनी निवासी असफाक पिता अब्दुला सावरी उर्फ कटोरी को पकड़कर 3.5 ग्राम एम.डी. ड्रग्स जब्त की गई। ऐसे ही खाचरौद पुलिस टीम ने पांच युवकों को गिरफ्तार कर इनके पास से 38 ग्राम एमडी ड्रग्स जब्त की।

वाहनों के चैम्बर में छुपाते हैं ड्रग्स

तस्कर इन रूट्स का उपयोग करते हुए अक्सर कार और मोटरसाइकिल जैसे वाहनों का इस्तेमाल करते हैं। तस्करी के दौरान ड्रग्स को छुपाने के लिए वाहनों में विशेष छुपे हुए चैंबर बनाए जाते हैं। कभी-कभी तस्कर स्थानीय वाहनों जैसे ई-रिक्शा और ऑटो का भी उपयोग करते हैं, ताकि वे पुलिस की नजरों से बच सकें। उज्जैन के बाहरी इलाकों में इन ड्रग्स को छोटे डीलरों तक पहुंचाया जाता है, जो इसे आगे वितरित करते हैं।

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