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सूदखोरों से परेशान नगर निगम के कर्मचारी ने लस्सी में जहर मिलाकर पीया

जिंदगी और मौत से लड़ते हुए एक घंटे बाद तोड़ दिया दम, पुलिस के पास पहुंचे नाम

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अक्षरविश्व न्यूज:उज्जैन। पठानी ब्याज पर शहर में सूदखोरों का धंधा जोरशोर से फल फूल रहा है। 20 प्रतिशत से लेकर 50 प्रतिशत तक सूदखोर जरूरतमंदों से ब्याज वसूल रहे हैं। रुपए लौटाने में असमर्थ लोगों को इतना प्रताडि़त कर रहे हैं कि कर्ज के बोझ से दबे लोग आत्महत्या करने को मजबूर हो रहे हैं। 3 अप्रैल को नगर निगम के भृत्य ने कर्जदारों से परेशान होकर होटल के बाहर जहर खाया और अस्पताल में दम तोड़ दिया। कोतवाली पुलिस ने परिजन के बयान दर्ज कर मर्ग कायम किया और शव का पीएम कराया है।

अनुकंपा नियुक्ति पर लगा था निगम में

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गोंड बस्ती हरसिद्धि के पास रहने वाला गिरधारी पिता मंगू अपने पिता की मृत्यु के बाद अनुकंपा नियुक्ति पर नगर निगम में भृत्य के पद पर काम कर रहा था। रोजाना की तरह गुरुवार को वह सुबह 10.30 बजे ड्यूटी पर पहुंचा। स्टाफ के लोगों से मिलना जुलना कर अपना दैनिक कार्य करता रहा। इसी बीच उसने दोस्तों से कहा चलो लस्सी पीकर आते हैं। सहकर्मियों के साथ वह कोयला फाटक स्थित होटल गया। सहकर्मी ने लस्सी तुरंत पी और ऑफिस आ गया लेकिन गिरधारी ने अपनी लस्सी खत्म नहीं की। उसने होटल कर्मचारी से चम्मच मांगी और एक तरफ चला गया। कुछ देर बाद वह ऑफिस में लौट आया और अपना काम करने लगा।

उल्टियां की तो सहकर्मी लेकर पहुंचे अस्पताल

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दोपहर करीब 1.15 बजे गिरधारी उल्टियां करने लगा। किसी को कुछ समझ में नहीं आया। उसकी हालत बिगडऩे लगी तो सहकर्मी उसे तुरंत चरक अस्पताल ले गए। एक कर्मचारी उसके घर सूचना देने पहुंचा। गिरधारी के मोबाइल से एक कर्मचारी ने परिजन को सूचना दी। चरक अस्पताल के आब्र्जवेशन वार्ड में उसका उपचार शुरू हुआ, लेकिन उसकी स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो वार्ड में शिफ्ट किया गया। इस दौरान उसके परिजन भी अस्पताल पहुंच गए।

प्राइवेट अस्पताल ले गए परिजन

गिरधारी की हालत में सुधार होता नहीं दिखने पर परिजन उसे चरक अस्पताल से प्राइवेट अस्पताल ले गए जहां परीक्षण के बाद डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। उसका शव लेकर परिजन वापस जिला अस्पताल आए जहां पीएम रूम में उसका शव रखा गया। सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस यहां पहुंची। परिजन के बयान दर्ज किए। पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि गिरधारी सूदखोरों से परेशान था। कुछ सूदखोरों के नाम सामने आए हैं। शव का पीएम कराने के बाद परिजनों के बयान लेंगे उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

एक दिन पहले चिंतामन थाने में दर्ज हुआ था केस

एरवास निवासी 27 वर्षीय सुनील पिता नगजीराम मकवाना ने मुल्लापुरा निवासी अंकुश माली, जैथल निवासी संजय पिता बालाराम चौहान और चिकली निवासी भगवान पिता नानूराम सूर्यवंशी से अलग-अलग समय में रुपये ब्याज पर उधार लिए थे। 6 मार्च को उसने एरवास के शासकीय स्कूल प्रांगण में सल्फास खा ली। अस्पताल में उसकी मृत्यु हो गई। मृतक के पेंट की जेब से सुसाइड नोट पुलिस को मिला था। जिसमें अंकुश माली, संजय चौहान, भगवान सूर्यवंशी के नाम लिखे थे। 2 अप्रैल को चिंतामन थाना पुलिस ने तीन सूदखोरों के खिलाफ केस दर्ज किया था।

पुलिस ने चलाया था अभियान

कुछ वर्ष पूर्व सूदखोरों के आतंक से परेशान लोगों द्वारा आत्महत्या करने की घटनाएं सामने आने के बाद पुलिस ने सूदखोरों के खिलाफ अभियान चलाया था जिसमें प्रताडि़त व्यक्ति से थाने में शिकायत करने और थाने में लगी पेटी में गोपनीय सूचना-शिकायत देने की व्यवस्था की गई थी। हालांकि वर्तमान में यह व्यवस्था अधिकांश थानों में बंद हो चुकी है।

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