बाबा महाकाल को बंधी गलंतिका

उज्जैन। वैशाख कृष्ण प्रतिपदा पर रविवार को ज्योतिर्लिंग महाकाल में गलंतिका बांधी गई। भीषण गर्मी में भगवान को ठंडक प्रदान करने के लिए मिट्टी के कलशों से शीतल जलधारा प्रवाहित करने का विधान है। धार्मिक मान्यता के अनुसार समुद्र मंथन के समय भगवान शिव ने विष पान किया था। विष की गर्मी से ठंडक प्रदान करने के लिए ही भगवान शिव के जलाभिषेक का महत्व है। इसी मान्यता के चलते भक्त भगवान का वर्षभर जलाभिषेक करते हंै, लेकिन वैशाख मास में विष की उष्णता और बढ़ जाती है। ऐसे में भगवान को अधिक ठंडक प्रदान करने के लिए मिट़्टी के कलश से शीतल जल धारा प्रवाहित करने की परंपरा है।
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