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धार्मिक पर्यटन की संभावनाओं का लाभ उठाकर आय स्रोत बढ़ाएं-पवैया

उज्जैन। धार्मिक पर्यटन की संभावनाओं का लाभ उठाते हुए नगरीय निकायों के आय स्रोतों का विस्तार किया जाए और स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप नीतिगत सुधार किए जाएं।

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यह बात छठे राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष जयभान सिंह पवैया ने बुधवार दोपहर नगरीय निकायों और पंचायत राज संस्थाओं को वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए जनप्रतिनिधियों से बैठक में कही। सर्किट हाउस और प्रशासनिक संकुल भवन के सभा कक्ष में उन्होंने दो अलग-अलग बैठकें लीं।

सर्किट हाउस में हुई बैठक में राजस्व स्रोत बढ़ाने और वित्तीय सुदृढ़ीकरण के लिए जिले के जनप्रतिनिधियों से सुझाव मांगे, जबकि प्रशासनिक संकुल में हुई बैठक में पंचायतों के आर्थिक सुदृढ़ीकरण और नवाचारों पर संभागीय समीक्षा की गई। बैठक में महापौर मुकेश टटवाल, सांसद अनिल फिरोजिया, महापौर मुकेश टटवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष कमला कुंवर, जिला पंचायत उपाध्यक्ष शिवानी कुंवर, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, सतीश मालवीय, दिनेश जैन बोस, तेज बहादुर सिंह चौहान, महेश परमार तथा जितेंद्र पंड्या मौजूद थे।

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पंचायतें सौर ऊर्जा और पेयजल में आत्मनिर्भर बनें, पर्यटन से कमाएं
प्रशासनिक संकुल में हुई संभागीय समीक्षा बैठक में आयोग अध्यक्ष श्री पवैया ने पंचायतों में सौर ऊर्जा, स्व-राजस्व वृद्धि और अनिवार्य विकास मॉडल पर जोर देते हुए नगरीय निकायों और पंचायत राज संस्थाओं की आर्थिक मजबूती पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि राज्य वित्त आयोग एक संवैधानिक संस्था है जो आगामी पाँच वर्षों के लिए अपनी अनुशंसाएं तैयार कर रहा है, जिसके आधार पर राज्य की संचित निधि से स्थानीय निकायों को अनुदान का निर्धारण किया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी ग्राम पंचायतें सौर ऊर्जा तथा पेयजल के संबंध में आत्मनिर्भर बनें और सांस्कृतिक तथा पर्यटन की दृष्टि से राजस्व बढ़ाने पर विशेष जोर दें।

बैठक में बताई उपलब्धि 43 पंचायतों में उठ रहा है डोर-टू-डोर कचरा

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उज्जैन जिला – 43 ग्राम पंचायतों में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण किया जा रहा है। ग्राम पंचायत नरवर में वित्तीय वर्ष 2025-26 में 1 करोड़ से अधिक का टैक्स एकत्रित किया गया। सीएसआर फंड से 100 ई-बाइक उपलब्ध कराई गई हैं, जो आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को दी गई हैं। प्रोजेक्ट स्वाध्याय के तहत 9वीं से 12वीं तक के 9 हजार विद्यार्थियों और शिक्षकों को एआई प्रशिक्षण दिया गया। कायथा टोल प्लाजा का संचालन स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा किया जा रहा है, जिससे पिछले 3 वर्षों में 1.80 करोड़ की आय हुई। उज्जैन जनपद की समस्त ग्राम पंचायतों में सोलर पैनल स्थापित किए गए हैं।

देवास जिला- जॉब पोर्टल से 611 अभ्यर्थियों का सफल प्लेसमेंट हुआ। 494 देवास बाल वाटिकाएँ पूर्ण कराई जिस राष्ट्रीय स्कॉच अवार्ड की सिल्वर श्रेणी प्राप्त हुई है।

शाजापुर जिला-98 पंचायतों में अप्रैल 2026 से सिटीजन पोर्टल से कर अधिरोपित। ग्रामीण क्षेत्रों में 37 किताबघर जंक्शन नामक पुस्तकालय प्रारंभ।

आगर-मालवा जिला- ग्राम पंचायत कसाई देहरिया के भानपुरा में होम-स्टे संचालित। महिलाओं को रुई की बत्तियाँ बनाने का प्रशिक्षण।

रतलाम जिला- महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा आधुनिक अध्ययन केंद्रों का संचालन। जिले की 419 में से 415 पंचायतों को पंचायत दर्पण पोर्टल पर ऑनबोर्ड किया।

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