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स्थानीय निकायों को मजबूत बनाएंगे, आम आदमी भी दे सकेगा सुझाव, जल्द शुरू होगा पोर्टल

छठवें मध्यप्रदेश वित्त आयोग के अध्यक्ष जयभान सिंह पवैया से खास चर्चा

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छह संभाग के दौरे में मिले कई बेहतरीन सुझाव, फोकस हर निकाय आत्मनिर्भर हो

पहली बार मीटिंग में शामिल हुए कांग्रेस के विधायक भी

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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। छठे मध्यप्रदेश वित्त आयोग के अध्यक्ष जयभान सिंह पवैया ने कहा कि पंचायत और नगरीय निकायों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए आम आदमी से भी सुझाव लिए जाएंगे। इसके लिए जल्द ही एक पोर्टल शुरू किया जाएगा। फिलहाल संभाग स्तर पर जनप्रतिनिधियों और अफसरों से सुझाव एकत्र किए जा रहे हैं। कई बेहतरीन सुझाव आयोग को मिल रहे हैं। इन सुझाव के आधार पर आयोग प्रतिवेदन तैयार कर राज्यपाल को सौंपेगा। उसी आधार पर राज्य सरकार निकायों को राशि जारी करेगी।

पवैया सर्किट हाउस में अक्षरविश्व से चर्चा कर रहे थे। वे बुधवार को वित्त आयोग के सदस्यों के साथ सुझाव लेने उज्जैन आए थे। पेश हैं उनसे बातचीत के संपादित अंश

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सवाल – वित्त आयोग क्या कर रहा है?
उत्तर- छठे वित्त आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्य नगरीय एवं पंचायती निकायों की वित्तीय स्थिति को सृदढ़ करने के लिए प्रदेश भर के दौरे कर रहे हैं। उज्जैन छठा संभाग है। पहले चरण में स्थानीय निकाय के जनप्रतिनिधि, सांसद, विधायक और अफसरों से चर्चा कर उनसे सुझाव ले रहे हैं। यह सुझाव निकायों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए हैं। प्रदेश के ९ संभागों से मिले सुझाव के आधार पर छठवां वित्त आयोग प्रतिवेदन तैयार करेगा। इस आधार पर राज्य सरकार निकायों को राशि का आवंटन करेगी।

सवाल- अभी तक कौनसा सुझाव अच्छा लगा ?
उत्तर- छह संभाग के दौरे के दौरान स्थानीय निकायों को मजबूत बनाने के लिए सैकड़ों सुझाव मिले हैं। इनमें कई बहुत अच्छे हैं। इनमें से ही एक हर पंचायत और नगरीय निकाय में सोलर एनर्जी प्लांट लगाने का है। अभी पंचायतों और निकायों की एक बड़ी राशि स्ट्रीट लाइट, नल-जल योजना संचालन पर होने वाले बिजली बिल के भुगतान पर खर्च हो जाती है। निकायों के अपने सोलर प्लांट होने से वह खुद बिजली पैदा कर सकेंगे और यह बिजली खर्च बचा सकेंगे। अतिरिक्त बिजली बेचकर वह कमाई भी कर सकेंगे। इंदौर नगरनिगम ऐसा कर रहा है। वह सोलर प्लांट से बिजली पैदा कर रहा है और गार्बेज वेस्ट से बॉयो गैस जनरेट कर कमाई कर रहा है। अभी ग्रामीण निकाय पूरी तरह राज्य एवं केंद्रीय मदद के भरोसे रहते हैं। स्वयं की आय बढ़ाकर वह आत्मनिर्भर हो सकते हैं।

सवाल- केंद्रीय वित्त आयोग ने अनुदान राशि में कटौती कर दी है क्या इसका कोई असर होगा ?

उत्तर- दरअसल केंद्रीय वित्त आयोग ने अनुदान राशि में कटौती नहीं की है,उसने फंड पहले की तुलना में काफी बढ़ाया है, बस उसने हर साल निकाय के काम की ऑडिट रिपोर्ट जरूरी कर दी है। ऑडिट होने से कामों में पारदर्शिता बनी रहेगी। यह जरूरी होनी भी चाहिए।

सवाल – आमआदमी के सुझाव वाला पोर्टल कब शुरू होगा?
उत्तर- पहले चरण में संभाग स्तर पर जाकर जनप्रतिनिधियों-अफसरों के सुझाव ले रहे हैं। यह प्रक्रिया पंचायत और जनपद पंचायत स्तर पर भी लिए जाएंगे। आम आदमी के सुझाव के लिए पोर्टल शुरू करने का काम जल्द ही हो जाएगा। प्रतिवेदन तैयार करने से पहले आर्थिक क्षेत्र के विशेषज्ञों से भी बात की जाएगी। दरअसल, आयोग का मकसद निकायों को आत्मनिर्भर बनाना तो है ही, क्वालिटी वाले कार्य भी कराना है। छठवें वित्त आयोग का पूरा फोकस निकायों की आत्मनिर्भरता और क्वालिटी कंट्रोल पर है।

यह भी सुझाव आए
नागदा-खाचरौद के विधायक डॉ. तेजबहादुरसिंह चौहान ने पंचायतों को कच्चे काम की स्वीकृति देने का सुझाव दिया। दरअसल, ग्रामीण क्षेत्र में काम के लिए क्राइट एरिया फिक्स कर रखा है। इसमें पक्के काम ही आते हैं। ग्रामीण क्षेत्र में कई काम कच्चे भी होते हैं, खासकर बारिश के समय।ग्रामीण क्षेत्र में कीचड़ और सड़क में टूट-फूट की समस्या आम होती है। मद नहीं होने से मुरम-चूरी तक नहीं डलवाई जा सकती। ऐसे में लोगों को समस्या होती है। कांग्रेस विधायक दिनेश जैन बोस और महेश परमार भी सुझाव देने पहुंचे।

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