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महाकाल मंदिर में आग की दूसरी घटना सुरक्षा और व्यवस्था पर फिर उठे सवाल

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। महाकाल मंदिर परिसर में कंट्रोल रूम की छत पर लगी भीषण आग से पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के एयर क्वालिटी मैनेजमेंट सिस्टम की बैटरियां जल कर खाक हो गईं। आग ऐसी थी कि एक किलो मीटर दूर तक के लोगों को दिखाई दी। इस घटना के बाद मंदिर में भक्तों का प्रवेश कुछ देर रोकना पड़ा। आग बुझाने के दौरान संतोष पाठक के दोनों हाथ झुलस गए, वे किसी तरह शंख द्वार की छत पर आग बुझाने पहुंचे थे। उन्हें तुरंत मंदिर मेें संचालित अस्पताल ले जाया गया।

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बताया जाता है कि महाकाल मंदिर में सुबह श्रद्धालुओं की भीड़ थी। गेट नंबर 1 पर स्थित शंख द्वार के कंट्रोल रूम की छत पर धुआं उठता देख श्रद्धालुओं ने शोर मचाया। देखते ही देखते धुएं के साथ-साथ आग की लपटें भी उठने लगीं। वहां मौजूद श्रद्धालुओं ने अपनी आदत के अनुसार इस घटनाक्रम का वीडियो बनाना शुरू कर दिया। कुछ ने तो अपनी फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया पर भी अपलोड कर दिया था। छत से उठता धुआं और लपटों को देख सुरक्षा कर्मी, गार्ड और कर्मचारी भी दौड़े, फायर ब्रिगेड पर फोन किया गया। ्रदमकलें भी मौके पर पहुंची। कुछ ही देर बाद ही आग पर काबू पा लिया गया। कुछ समय के बाद मंदिर के गेट को दोबारा भक्तों के लिए खोल दिया गया। आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है।

अधिकारी मौके पर पहुंचे
आग लगने की सूचना मिलते ही कलेक्टर रौशन सिंह, प्रशासक प्रथम कौशिक, एसपी प्रदीप शर्मा, निगम कमिश्नर आशीष पाठक सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। प्रथम कौशिक ने बताया, कंट्रोल रूम की छत पर पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के एयर क्वालिटी मैनेजमेंट सिस्टम की बैटरी में आग लगी थी, जिस पर तत्काल काबू पा लिया गया। इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है, केवल बैटरियों का ही नुकसान पहुंचा है। दर्शन व्यवस्था भी कुछ ही देर में बहाल कर दी गई।

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उस आग की जांच आज तक पूरी नहीं हुई
महाकाल मंदिर अपनी सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर सुर्खियों में रहा है। पेड़ गिरने से लोगों की मौत होती है। अन्न क्षेत्र में एक महिला की मौत हो जाती है। मार्च 2024 को होली पर्व के दौरान भस्म आरती में मंदिर के गर्भगृह में आग लगती है। कई पुजारी झुलसते हैं। यह घटना सीसीटीवी कैमरों में कैद होती है। घायलों को उज्जैन और इंदौर के अस्पतालों में भर्ती कराया जाता है। सेवादार सत्यनाराण सोनी की मौत हो जाती है। तत्कालीन कलेक्टर नीरज कुमार सिंह पूरे मामले की जांच कराते हैं। आज तक जांच पूरी नहीं हुई। यह भी एक कमाल है। यहां यह भी बता दें कि होली पर आग लगने के बाद मंदिर में हाईटेक सुरक्षा-व्यवस्था और आधुनिक संसाधन जुटाने के लिए लाखों रुपए खर्च कर फायर सिस्टम लगाए गए थे, जब सोमवार को भीषण आग लगी तो सारे संसाधन बोने साबित हुए।

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