शैव और वैष्णव संप्रदाय में आचार्य शंकर ने समन्वय स्थापित किया- कुलगुरु विजय सीजी

उज्जैन। प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ़ एक्सीलेंस शासकीय माधव महाविद्यालय में आदि शंकराचार्यजी की जयंती के उपलक्ष्य में कार्यशाला का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि महर्षि पाणिनि संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. विजय कुमार सीजी थे। कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में कुलगुरु ने आदि शंकराचार्य द्वारा रचित विवेक चूड़ामणि की विस्तृत व्याख्या प्रस्तुत की।
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आचार्य द्वारा प्रतिपादित अनेकों रचनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि प्रस्थानत्रयी, भजगोविंदम, अपरोक्षानुभूति प्रमुख रचनाएं हैं। अध्यक्षीय उद्बोधन प्राचार्य डॉ. कल्पना सिंह ने दिया। इस अवसर पर अद्वैत वेदांत से संबंधित पोस्टर का अनावरण किया गया। विषय प्रवर्तन डॉ. शोभा मिश्रा ने किया। संचालन डॉ. जफर महमूद ने किया।
कार्यशाला के द्वितीय सत्र में डॉ. प्रवीण जोशी आनंदम जिला संयोजक ने उनके जीवन पर प्रकाश डालते हुए आचार्य द्वारा किए गए देश की अखंडता का उल्लेख किया। इस अवसर पर डॉ. अंशु भारद्वाज, मनीष कुमार, डॉ. नलिनी तिलकर, डॉ. अर्चना पांडे, डॉ. सरोज शुक्ला, डॉ. लक्ष्मी मेहर, डॉ. ज्योति गोयल, डॉ. किरण बडेरिया, डॉ. शैलजा सावले, डॉ. शोभा मिश्रा, प्रो. दीपक भारतीय सहित प्राध्यापक, शोधार्थी एवं विद्यार्थी उपस्थित थे।









