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निकास से इंदौर गेट, मकोडिय़ा आम से हरिफाटक ब्रिज तक बनेगा एलिवेटेड कॉरिडोर

सिंहस्थ से पहले कॉरिडोर बनाना बड़ी चुनौती, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की सहमति से पिछले माह बन गई थी योजना

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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। सिंहस्थ 2028 से पहले शहर में दो एलिवेटेड कॉरिडोर निकास से इंदौर गेट और मकोडिय़ा आम से हरिफाटक ब्रिज तक बनेंगे। हालांकि इनका बड़ी चुनौती है। इसकी हरी झंडी केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी एक माह पहले ही उज्जैन बदनावर फोरलेन के लोकार्पण समारोह के दौरान दे चुके हैं, लेकिन अभी इसकी योजना तैयार नहीं हो सकी है। जानकारों की मानें तो प्रशासन को इसके लिए युद्धस्तर पर जुटना पड़ेगा।

लोक निर्माण विभाग इसकी योजना बनाने में जुट गया है। इसके लिए नागपुर में बने एलिवेटेड कॉरिडोर का अध्ययन भी अधिकारियों द्वारा किया जा चुका है। फिलहाल डीपीआर तैयार करने के लिए सर्वे का काम भी किया जा चुका है। सिंहस्थ से पहले इसके बनने से देश विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को तो सुविधा मिलेगी ही, शहर के विकास में भी एक नया आयाम जुड़ेगा।

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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसके लिए सभी वरिष्ठ अधिकारियों को साफ निर्देश दे दिया है कि समस्याओं को बताने की जगह रास्ते तलाशे जाएं। दोनों मार्गों पर एलिवेटेड कॉरिडोर बनने से वाहन कहीं रुके बगैर सीधे इंदौर फोरलेन तक पहुंच जाएंगे। जिन वाहनों को शहर में कहीं रुकना नहीं है, उनके लिए एलिवेटेड कॉरिडोर फायदेमंद रहेंगे। दिन या रात के समय ट्रक और भारी वाहन बगैर शहर में आए इंदौर से आगर रोड सिंहस्थ बायपास और नागदा बायपास पर आ-जा सकेंगे।

अभी दौलतगंज में होलसेल मार्केट है। इसके कारण रोज ट्रैफिक जाम के हालात बनते हैं। एलिवेटेड कॉरिडोर बनने से यह स्थिति दूर होगी।पहला कॉरिडोर मकोडिया आम चौराहा से शुरू होकर देवासगेट, रेलवे स्टेशन होते हुए हरिफाटक ब्रिज से मिलेगा। दूसरा कॉरिडोर निकास चौराहे से शुरू होकर दौलतगंज होते हुए इंदौर गेट पर मिलेगा।

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एलिवेटेड कॉरिडोर के फायदे

जमीन पर ट्रैफिक का दबाव कम होने से जाम की समस्या नहीं होती।

एलिवेटेड पर बिना रुकावट के सफर करने से समय की बचत होती है।

जाम और सिग्नल पर नहीं रुकने से स्मूथ ट्रैफिक के साथ पेट्रोल-डीजल की खपत कम होती है।

कम ट्रैफिक जाम और कम ईंधन खपत से प्रदूषण में कमी आती है।

एलिवेटेड कॉरिडोर से ट्रैफिक नियमों के पालन के साथ दुर्घटना की संभावना कम रहती है।

सुव्यवस्थित व मॉडर्न इन्फ्रास्ट्रक्चर से शहर की सुंदरता बढ़ती है।

बढ़ता ट्रैफिक, परेशान लोग

महाकाल लोक के बाद शहर के ट्रैफिक में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। खासकर शहर के दो मार्ग पर वाहनों की आवाजाही अधिक है। इसमें निकास चौराहे से कंठाल, नई सडक़, फव्वारा चौक, दौलतगंज होते हुए इंदौर गेट तक का मार्ग व्यावसायिक होने के साथ यहां दिनभर वाहनों की रेलमपेल रहती है। वहीं आगर रोड पर मकोडिय़ा आम चौराहे से लेकर चरक अस्पताल, चामुंडा चौराहा, देवासगेट बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और इंदौर गेट मार्ग पर वाहनों की आवाजाही अधिक है। विशेषकर बस व रेलवे स्टेशन के साथ जिला अस्पताल के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। रेलवे स्टेशन के बाहर ट्रेनों के आने पर ई रिक्शा जमा हो जाते हैं, जिससे जाम के हालात बनते हैं।

अब यह करना होगा

डीपीआर को जल्द तैयार कर उसे स्वीकृति जल्द मिले।

सारे निर्णय तेजी से लिए जाएं। इसके लिए प्रशासनिक अधिकारियों और पीडब्ल्यूडी की नियमित बैठकें जरूरी।

टेंडर की प्रक्रिया तेजी से शुरू कर बारिश बाद काम शुरू करने की स्थिति बने।

सिंहस्थ से पहले बनाने की कोशिश

एलिवेटेड ब्रिज की योजना पर प्रारंभिक स्तर का काम शुरू हो चुका है। सरकार ने निर्णय लिया है तो इसे सिंहस्थ से पहले ही बनाने की पूरी कोशिश करेंगे।
-योगेंद्र बागोले, मुख्य अभियंता लोक निर्माण विभाग

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