फाफड़े खाने गया था, तेल के कढ़ाव पर गिरने से झुलसा

तडक़ा लगा तो उससे उठे धुएं से बचने के लिए हटा था, चरक अस्पताल में चल रहा इलाज

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। शहर में जगह-जगह खाने-पीने के ठेले और दुकानों लग गई जहां सुबह होते ही खाने के शौकीनों की भीड़ लगती है लेकिन यहां सुरक्षा को लेकर कोई इंतजाम नहीं होते। जिसके चहले हादसों का खतरा हमेशा बना रहता है। कई बार तो हादसे हो भी चुके हैं। ऐसा ही हादसा सोमवार दोपहर को हुआ जब डाबरीपीठा में एक शख्स फाफड़़े खाने के लिए पहुंचा। इसी दौरान तडक़ा लगाया जिससे उठे धुएं से बचने के लिए वह हटा और तेल के कढ़ाव से टकरा गया जिससे उसका हाथ और सीना झुलस गए। उसे चरक अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।
घायल का नाम सुनील पिता गणेशीलाल कटारिया (४७) निवासी गणेश कॉलोनी है। सुनील ने बताया कि वह मजदूरी करता है और सोमवार दोपहर करीब २ बजे वह भूख लगने पर डाबरीपीठा में फाफड़े खाने के लिए गया था। होटल पर खड़े होकर फाफड़े खा रहा था तभी होटल कर्मचारी ने बघार लगाया जिससे उठे धुएं से बचने के लिए वह हटा तो पास में गर्म तेल की कड़ाही से टकरा गया जिससे उसका हाथ खौलते तेल में चला गया। जिससे उसका एक और सीने का कुछ हिस्सा बुरी तरह झुलस गया। सुनील ने बताया कि दुकान संचालक ने उसकी कोई मदद नहीं की। दूसरे लोगों ने उसे अस्पताल पहुंचाया जहां उसका इलाज चल रहा है।
दुकानदार नहीं रखते सुरक्षाका ख्याल
नए और पुराने शहर में होटलों के आगे फुटपाथ पर कब्जा कर उसी पर बड़े-बड़े कढ़ाव में समोसे-कचोरी और अन्य खाद्य पदार्थ बनाए जाते हैं। यहां सुरक्षा के कोई इंतजाम भी नहीं होते। सबसे खराब स्थिति पुराने शहर की है जहां तंग गलियों में ऐसे कई होटलों और रेस्टोरेंट मिल जाएंगे। जिम्मेदार भी इस ओर ध्यान नहीं देते। इसी का परिणाम शख्स झुलस गया।









