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कमाल है… पीएचई ने हाथ खड़े कर दिए और एक कारीगर ने चालू कर दिया पानी

इब्राहिमपुरा बाखल में बंद बोरिंग एक दिन में हुआ चालू, बोहरा समुदाय की कोशिश खुशी लाई

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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। पिछले एक सप्ताह से बंद बोरिंग को चालू कराने के मामले में जब पीएचई ने हाथ खड़े कर दिए तब एक बोहरा समुदाय की एक कोशिश ने कमाल कर दिखाया और यह एक दिन में चालू हो गया। पीने के पानी का संकट दूर होने से सभी के चेहरों पर खुशी छा गई।

मामला इब्राहिमपुरा बाखल का है, जहां एक सरकारी बोरिंग पिछले कई दिनों से बंद हो गया। इसे चालू करने के लिए बोहरा समुदाय ने नगर निगम और सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत तक दर्ज कराई लेकिन पीएचई के अधिकारियों ने जांच करने के बाद हाथ खड़े कर कहा इसे सुधारना संभव नहीं। बाखल की नजाफत कमेटी ने हार नहीं मानी और बोरिंग ठीक करने वाले एक्सपर्ट नरवर के चांद खां को बुलाया और ठीक कराने की पहल की।

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बुधवार को इसका काम शुरू किया गया और रात तक 150 फीट नीचे कटर फंसने के बाद भी हार नहीं मानी और 11 हजार रुपए का चंदा कर नया मोटर पंप लगाया गया। शाम को ही ताबड़तोड़ नई मोटर मंगाई गई और उसे लगाने में कामयाबी हासिल कर ली। गुरुवार सुबह बोरिंग को चालू देख लोग बोले यह तो कमाल हो गया। पीएचई के इंजीनियरों ने कहा था कि यह बोरिंग अब चालू करना मुमकिन नहीं, लेकिन एक निजी कारीगर ने उसे एक दिन में ठीक कर दिया। 11 साल पहले सांसद निधि से 365 फीट गहरा यह बोर किया गया था। इससे वाअज के लिए आने वाले बोहरा समुदाय के लोगों को बड़ी सुविधा मिल गई थी। पिछले कुछ दिनों से बोरिंग बंद होने के कारण सभी की परेशानियां बढ़ गई थी।

सब मिलकर करें काम तो हर मुश्किल आसान…
बोहरा समुदाय के लोगों ने शहर को यह संदेश भी दे दिया है कि सब मिलकर सहयोग करें तो हर मुश्किल काम भी आसान हो सकता है। समुदाय के लोगों ने सरकारी पंप के लिए खुशी खुशी चंदा दिया और नए पंप के लिए 11 हजार रुपए तुरंत जुटा लिए, जिससे बंद सरकारी पंप चालू हो गया।

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