विवाहिता ने मायके में सल्फास खाया, मौत

उज्जैन। अज्ञात कारणों के चलते झारड़ा क्षेत्र के ग्राम इंदौख स्थित अपने मायके में विवाहिता ने सल्फास खा लिया। हालत बिगडऩे पर परिजनों उसे पहले गांव के अस्पताल ले गए, फिर झारड़ा और उसके बाद उज्जैन लेकर पहुंचे जहां निजी अस्पताल में इलाज के दौरान गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी उसकी मौत हो गई। शुक्रवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
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मृतका का नाम सीमा पति जसपाल सौंधिया (२३) है। उसके फूफाजी नारायणसिंह चौहान ने बताया कि उसकी शादी वर्ष २०२० में राजस्थान के झालावाड़ के ग्राम चिरोड़ी में हुई थी। उस वक्त रस्म के मुताबिक और उम्र कम होने के कारण परिजन उसे ससुराल से घर ले आए थे। इसके बाद से वह ग्राम इंदौख स्थित अपने मायके में रह रही थी।
दो माह पहले ही वह २० दिन के लिए वह ससुराल गई थी। गुरुवार को परिजन सीमा के मामा तिरपाल सिंह निवासी मुंडला सौंधिया के यहां कथा में गए थे और घर पर कोई नहीं था। दोपहर करीब १२ बजे सीमा ने सल्फास खा लिया। परिजन घर पहुंचे तो उसकी तबीयत खराब देख उसे पहले गांव के ही अस्पताल ले गए लेकिन वहां हालत में सुधार नहीं होने के बाद झारड़ा ले गए। यहां भी जब कोई सुधार नहीं हुआ तो परिजन उसे उज्जैन लेकर आए जहां नानाखेड़ा क्षेत्र स्थित निजी अस्पताल में भर्ती किया जहां देर रात करीब ३.१५ बजे इलाज के दौरान सीमा ने दम तोड़ दिया। शुक्रवार सुबह नानाखेड़ा पुलिस ने पीएम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया।
एक साल पुराना सल्फास खाया: मृतका के फूफाजी नारायण सिंह ने बताया कि सीमा ने एक साल पुराना सल्फास खाया था। उसके पास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला, ना ही उसने सल्फास खाने का कारण बताया। वह घर में काफी खुश थी, बावजूद इसके उसने ऐसा कदम क्यों उठाया, इससे परिजन सदमे में हैं।










