मक्सी रोड उद्योगपुरी, विक्रमनगर को जोडऩे वाले ब्रिज के बीच दरार

रूद्रसागर ब्रिज की होगी जांच इस ब्रिज पर खतरे की आंच

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। पिछले सिंहस्थ में मक्सी रोड उद्योगपुरी और विक्रमनगर को जोडऩे वाले ब्रिज के बीच दरार किसी खतरे का संकेत दे रही। गुजरात के मेहसाणा में एक ब्रिज ढहने की घटना के बाद इस दरार को देख लोग डरे हुए हैं, क्योंकि इस ब्रिज पर भारी वाहनों का आवागमन ज्यादा होता है।
सिंहस्थ 2016 में यह ब्रिज बनाया गया था, लेकिन अब इस पर जगह जगह गड्ढे हो गए हैं। इनकी रिपेयरिंग भी की जा रही है लेकिन डिवाइडर के बीच बढ़ते फासले से बड़ी दरार दिखाई दे रही है। विभागीय सूत्रों के अनुसार यह दरार नहीं बल्कि दोनों तरफ पिलर अलग अलग बनाए गए हैं और बीच में गैप रखा गया है। ये स्लैब बियरिंग पर है। पहले दरार दिखाई न दे इस कारण थर्माकोल भरा गया था, जो अब निकल गया है। इस कारण वह दरार के रूप में दिखाई दे रहा। गर्मी के दिनों में यह फासला बढ़ता है। एक्सपर्ट की मानें तो तकनीकी पक्षों को देखते हुए इनकी जांच की जाना चाहिए। प्रशासन ने महाकाल महालोक के पास रूद्रसागर में बने ब्रिज की तकनीकी जांच कराने का निर्णय लिया है। इसी तरह इस ब्रिज की भी तकनीकी जांच कराई जाना चाहिए।
ये हैं तकनीकी पक्ष
ब्रिज अलग अलग पिलर पर बने हुए हैं और दोनों के बीच करीब 4 एमएम का गेप छोड़ा गया है।
दरार के बीच थर्माकोल भरा गया था।
स्लैब बियरिंग पर होने से मौसम के अनुसार दूरी घटती बढ़ती है।
बड़ा सवाल ये…
दरअसल, ब्रिज के बीच कुछ हिस्से में दरार ज्यादा बड़ी दिखाई दे रही।
दोनों छोर की तरफ कम। बड़ा सवाल ये कि गेप छोड़ा गया तो एकसमान दरार क्यों नहीं?
कोई खतरा नहीं
मैंने ब्रिज का निरीक्षण किया है। गेप बढऩे से कोई खतरा नहीं है। दोनों ब्रांच अलग अलग बने हुए हैं, जिससे गेप छोड़ा जाता है।
पीएस पंत, कार्यपालन यंत्री, पीडब्ल्यूडी ब्रिज









