सीएम ले रहे संज्ञान-अफसर बन रहे अंजान

निराकरण के बिना ही निपट जाती हैं सीएम हेल्पलाइन की शिकायतें, पूर्व निगम अध्यक्ष भी मनमानी का शिकार

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। प्रदेश के मुखिया डॉ. मोहन यादव हर बैठक में अफसरों को ताकीद करते हैं कि सीएम हेल्पलाइन में आने वाली शिकायतों का समय सीमा में निराकरण हो, क्योंकि इसमें समस्या बताने वाला आम नागरिक है और उसकी बात सबसे पहले सुनी जाए। वे हर बैठक में अधिकारियों को साफतौर पर कहते हैं कि जनता की समस्या को पहले सुना जाए लेकिन उज्जैन नगर निगम के अफसर हेल्पलाइन की शिकायतों से अनजान बने रहने की कोशिश करते हैं। बिना निराकरण के ही शिकायत को निराकृत बता दिया जाता है या फिर दूसरे विभाग का मामला बताकर जिम्मेदारी से बचते हैं। निगम के पूर्व अध्यक्ष वरिष्ठ भाजपा नेता प्रकाश चित्तौड़ा खुद भी इस समस्या से परेशान हैं।
2014 में सीएम हेल्पलाइन की शुरुआत तत्कालीन सीएम शिवराज सिंह चौहान ने इस उद्देश्य से की थी आम जनता की समस्याएं सीधे सरकार तक पहुंचे। हर समस्या के निराकरण के लिए समयसीमा भी तय है। इसी भावना के साथ सीएम डॉ. मोहन यादव भी हेल्पलाइन की समस्या के निराकरण के प्रति प्रत्येक बैठक में तत्परता दिखाते हैं। हर आला अधिकारी को उनका स्पष्ट निर्देश है कि सीएम हेल्पलाइन की लगातार मॉनिटरिंग होनी चाहिए। कलेक्टर रौशनकुमार भी टीएल से लेकर हर मीटिंग में सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा करते हैं। इसके बाद भी अफसरों को यह व्यवस्था रास नहीं आ रही। शिकायतों के निराकरण के बजाय उनके टालने पर ज्यादा जोर है। ऐसे और भी कई मामले हैं जिसमें प्रमुख रूप से अतिक्रमण, गंदगी, पेयजल, आवारा पशु, स्ट्रीट डॉग आदि के मामलों पर सीएम हेल्पलाइन में कार्रवाई नहीं होती उन्हें निराकृत बता दिया जाता है।
बिना निराकरण के ही बंद कर दी शिकायत
मामला 1 : सडक़ पर गड्ढे यथावत समस्या का समाधान
27 जून को शिकायत (क्रमांक 33019073) की गई थी कि आदिवासी कन्या छात्रावास की एप्रोच रोड पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। यह स्थान दीनदयाल कांप्लेक्स, पुराना दिनेश पेट्रोल पंप के पीछे से वार्ड 47 में है। जर्जर सडक़ के कारण विद्यार्थियो के अलावा रहवासी भी परेशान हैं। यह सडक़ आज भी जर्जर है। लेकिन नगर निगम ने समस्या को निराकृत बता दिया है।
मामला 2 : मैसेज आया समस्या का समाधान गंदगी बरकरार
एक ऐसा ही मामला नीलगंगा थाने के पास स्थित राजीव रत्न कॉलोनी (अंबर कॉलोनी) के पास का है। जून माह के प्रारंभ में यहां गंदगी की शिकायत एक महिला व अन्य रहवासियों ने सीएम हेल्पलाइन में की थी। एक सप्ताह बाद महिला के मोबाइल पर समस्या निराकरण का मैसेज आत है, जबकि सफाई हुई नहीं थी। बाद में वरिष्ठों के संज्ञान मे मामला लाया गया और सीएम हाउस (उज्जैन) तक बात पहुंची। इसके बाद नगर निगम अमला सक्रिय हुआ और सफाई करवाई।
जनता से जुड़ी समस्याओं पर भी ध्यान नहीं
मामला-1 : एक साल से तीन बत्ती चौराहे पर टूटा है चैंबर का ढक्कन
शहर के प्रमुख तीन बत्ती चौराहे से एक साल से अधिक समय से चैंबर का ढक्कन टूटा है। यहां से रोज हजारों की संख्या में गाडिय़ां गुजरती हैं। कई दोपहिया वाहन चालक यहां फिसलकर हाथ-पैर तुड़वा चुके हैं। इसकी शिकायत पहले भी कई बार हुई। वर्तमान शिकायत 33165087 पूर्व निगम अध्यक्ष चित्तौड़ा ने 1 जुलाई को की है। पूर्व निगम अध्यक्ष चित्तौड़ा का कहना है हर बार यह शिकायत नगर निगम – स्मार्ट सिटी-पीएचई के अफसरों के बीच झूलती है। इसके लिए सभी विभाग एक-दूसरे को जिम्मेदार बताते हैं। जब सीएम तक मामला पहुंचा तो जिम्मेदारों ने यहां बेरिकेड्स लगा दिया ताकि दुर्घटना ना हो, समस्या आज भी जस की तस है।
मामला-2 : गोवर्धनधाम में पार्क के लिए नहीं मिल रहे पौधे, कुर्सियां टूटी
शहर की पॉश कॉलोनी गोवर्धनधाम नगर के पार्क में पौधारोपण के लिए सीएम हेल्पलाइन (क्रमांक 32661040) के माध्यम से 2 जून को 300 पौधे मांगे गए थे। चित्तौड़ा बताते हैं आधा जुलाई बीतने को आया लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई। एक-दो दिन पहले नगर निगम से एक अधिकारी का फोन आया था कि पार्षद मद से पौधे दिलाने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे में वक्त लगेगा और बारिश गुजर जायेगी। फिर पौधारोपण का क्या फायदा। इसी तरह पार्क की टूटी कुर्सियों और रैलिंग को बदलने, खेलकूद उपकरण की मरम्मत की शिकायत (32661008) 2 जून से पैंडिंग हैं।
मामला-3 : बड़ी नाली छोटी से जोड़ी, कॉलोनी में भर जाता है पानी
यह मामला भी गोवर्धनधाम नगर का है। कॉलोनी की नालियों को आगे छोटी नाली में जोड़ा गया है। जिससे मामूली बारिश में भी कॉलोनी में पानी भर जाता है। कॉलोनी की नाली को व्यवस्थित कर शास्त्री नगर के नाले से जोडऩे के लिए शिकायत (38660781) 2 जून से पैंडिंग है। चित्तौड़ा का कहना है बारिश के दौरान सभी रहवासी परेशान हैं, लेकिन समस्याओं के निराकरण पर जिम्मेदारों का ध्यान नहीं है।
पूर्व निगम अध्यक्ष भी अफसरों की मनमानी से परेशान: वरिष्ठ भाजपा नेता प्रकाश चित्तौड़ा (पूर्व निगम अध्यक्ष) शहर की जनसमस्याओं को सीएम हेल्पलाइन पर उठाने वालों में अग्रणी हैं। जून में इन्होंने 22 शिकायतें की थी। जिसमें से कुछ का आधा अधूरा निराकरण हुआ तो कुछ बिना निराकरण के ही पोर्टल पर निराकृत बता दी गई। जबकि तीन शिकायतें सरकारी अफसर दूसरे विभाग की बता कर साइड लाइन किए हैं।
सीएम तक बात पहुंचने के भय से अधिकतर मामलों में सुनवाई भी हो रही-चित्तौड़ा
वरिष्ठ भाजपा नेता चित्तौड़ा लंबे समय से शहर की समस्याएं सीएम हेल्पलाइन के जरिए उठाते आ रहे है। उनका कहना है कि उज्जैन के डॉ. मोहन यादव के सीएम बनने के बाद से अधिकतर मामलों पर कार्रवाई भी हो रही है। क्योंकि अफसरों को भय रहता है कि मामला सीएम तक नहीं पहुंच जाए। इसके पहले तो अधिकारी शिकायतों को घोल कर पी जाते थे। कागजों में उन्हेें निराकृत बता दिया जाता था।









