नगर पूजा कल, मां महामाया और महालया को लगेगा मदिरा का भोग, तैयारियां जारी

27 किलोमीटर तक बहेगी मदिरा की धार, कलेक्टर करेंगे पूजन
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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। शारदीय नवरात्रि की महाष्टमी पर 30 सितंबर को चौबीस खंभा माता मंदिर में नगर पूजा की जाएगी। कलेक्टर रौशन कुमार सिंह सुबह 8 बजे मां महामाया और मां महालया को मदिरा का भोग लगाकर पूजन की शुरुआत करेंगे। इसके बाद अधिकारी एवं कोटवारों का दल ढोल-ढमाकों के साथ 27 किलोमीटर की परिधि में आने वाले देवी और भैरव मंदिरों में पूजन के लिए रवाना होंगे। इस दौरान हांडी से मदिरा की धार बहाई जाएगी।
दरअसल, हांडी में छेद होता है इसी के जरिए निरंतर धार बहती रहती है। शारदीय नवरात्र की महाष्टमी पर नगर पूजा की यह परंपरा सम्राट विक्रमादित्य के काल से चली आ रही है। कालांतर में रियासतों के समय भी पूजन की परंपरा का निर्वहन किया जाता रहा। आजादी के बाद से शासन द्वारा नगर पूजा करवाई जा रही है।
श्रद्धालु ग्रहण करते हैं मदिरा का प्रसाद
श्री चौबीस खंभा माता मंदिर में पूजन के पश्चात मदिरा को एक पात्र में एकत्र कर श्रद्धालुओं को वितरित किया जाता है। श्रद्धालु भी इसे मां के प्रसाद के रूप में ग्रहण करते हैं। माना जाता है कि इस प्रसाद को ग्रहण करने से सभी तरह की व्याधियां दूर होती हैं।
दशहरे पर नए शहर आएंगे बाबा महाकाल
दशहरे पर 2 अक्टूबर को बाबा महाकाल की सवारी नए शहर आएगी। साल में केवल विजयादशमी पर्व पर ही भगवान महाकाल की सवारी यहां आती है जो परंपरागत मार्गों से होकर दशहरा मैदान पहुंचेगी।
हरसिद्धि मंदिर में शासकीय पूजा
श्री हरसिद्धि मंदिर में महाअष्टमी पर शासकीय पूजा होगी। कलेक्टर रौशन कुमार सिंह मां का पूजन कर उन्हें सौभाग्य सामग्री, वस्त्र, नेवैद्य आदि अर्पित करेंगे। प्रतिवर्ष मंदिर में शासकीय पूजा होती है इसलिए कलेक्टर अलग से यहां पहुंचकर पूजन करते हैं।










