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घर में शांति और समृद्धि चाहिए तो किचन में करें ये छोटे बदलाव

किचन को घर का दिल कहा जाता है, क्योंकि यहीं से परिवार की सेहत, ऊर्जा और खुशहाली जुड़ी होती है। वास्तु शास्त्र में भी किचन को बेहद महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। अगर किचन सही दिशा में हो और उसमें पॉजिटिव एनर्जी बनी रहे, तो घर में सुख-शांति, समृद्धि और आपसी प्रेम बढ़ता है। वहीं, गलत वास्तु से लगातार धन हानि, बीमारियां और कलह जैसी समस्याएं घर में बनी रहती हैं। ऐसे में किचन में कुछ छोटे लेकिन महत्वपूर्ण वास्तु बदलाव आपकी जिंदगी को सकारात्मक दिशा दे सकते हैं।

 

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रसोई घर की शुभ दिशा क्यों है जरूरी?

वास्तु विज्ञान के अनुसार, किचन के लिए सबसे शुभ दिशा आग्नेय कोण यानी दक्षिण-पूर्व होती है। यह अग्नि का स्थान माना गया है। इसी दिशा में चूल्हा रखने से घर में शांति, सेहत और समृद्धि बनी रहती है। उत्तर-पूर्व में किचन बनवाना अशुभ माना जाता है, क्योंकि यह जल तत्व की दिशा है। दक्षिण-पश्चिम में रसोई होने पर परिवार में अनबन और उत्तर-पश्चिम में होने पर बेवजह खर्च बढ़ने की संभावना रहती है।

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किचन में चूल्हा और सिंक की सही प्लेसमेंट

किचन को वास्तु अनुरूप रखने के लिए गैस चूल्हा दक्षिण-पूर्व दिशा में रखना चाहिए। खाना बनाते समय मुख पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए। यह दिशा भोजन में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाती है। वहीं, सिंक, वाटर फिल्टर और फ्रिज जैसे जल तत्व से जुड़े उपकरणों को उत्तर-पूर्व दिशा में रखना शुभ माना गया है। इससे अग्नि और जल की विपरीत ऊर्जा के बीच बैलेंस बना रहता है।

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साफ-सुथरी और व्यवस्थित किचन क्यों जरूरी?

किचन को हमेशा साफ, व्यवस्थित और खुशबूदार रखना चाहिए। गैस चूल्हे के नीचे या ऊपर भारी सामान रखने से तनाव और अशुभ ऊर्जा बढ़ाती है। माना जाता है कि अगर किचन गंदी रहती है, तो मां अन्नपूर्णा और देवी लक्ष्मी नाराज रहती हैं। इसके साथ ही दाल, अनाज और भारी वस्तुएं दक्षिण या पश्चिम दिशा में रखनी चाहिए। वहीं, चूल्हे के सामने मुख्य द्वार या खिड़की नहीं होनी चाहिए, यह सकारात्मक ऊर्जा को बाहर कर देता है।

किचन के लिए उपयुक्त रंग कौन से हैं?

वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार, रसोईघर में हल्का हरा, पीला, नारंगी और गुलाबी रंग शुभ माने जाते हैं। ये रंग किचन में सकारात्मक माहौल बनाते हैं और घर में खुशहाली लाते हैं। काले और गहरे नीले रंगों से बचना चाहिए, क्योंकि ये नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करते हैं और अग्नि तत्व को कमजोर करते हैं।

इन वास्तु गलतियों से बचें

किचन को कभी भी बाथरूम, पूजा घर या बेडरूम के ऊपर या नीचे नहीं बनाना चाहिए। इससे घर की ऊर्जा असंतुलित होती है। किचन में पानी की लीक या जाम नालियां धन हानि का संकेत हैं, इन्हें तुरंत ठीक कराना चाहिए। साथ ही टूटे-फूटे बर्तनों को घर में रखना नेगेटिविटी को बढ़ाता है, इसलिए इन्हें घर से बाहर कर देना चाहिए।

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