Bada Mangal 2026: छठे बड़े मंगल पर करें ये आसान उपाय, धन, सुख और तरक्की के खुलेंगे रास्ते

साल 2026 का छठा बड़ा मंगल पर्व 9 जून यानी आज मनाया जा रहा है। हनुमान भक्तों के लिए यह दिन विशेष महत्व रखता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बड़े मंगल पर विधि-विधान से बजरंगबली की पूजा करने से जीवन की अनेक परेशानियां दूर होती हैं और सुख-समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है। मान्यता है कि इस दिन किए गए कुछ सरल उपाय रोजगार, विवाह, आर्थिक स्थिति और रुके हुए कार्यों से जुड़ी बाधाओं को दूर करने में सहायक हो सकते हैं। आइए जानते हैं इन उपायों के बारे में।
श्रीराम नाम की माला करें अर्पित
हनुमान जी को भगवान श्रीराम का परम भक्त माना जाता है। ऐसे में बड़े मंगल के दिन श्रीराम नाम लिखी हुई माला अर्पित करना शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह उपाय रुके हुए कार्यों को गति देने और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने में सहायक माना जाता है।
पीपल के वृक्ष के नीचे जलाएं दीपक
बड़े मंगल के दिन पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाकर राम नाम का स्मरण करना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे ग्रहों से जुड़े दोषों का प्रभाव कम होता है और घर-परिवार में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
हनुमान जी को लगाएं बूंदी के लड्डुओं का भोग
बजरंगबली को बूंदी के लड्डू अत्यंत प्रिय माने जाते हैं। इस दिन श्रद्धा के साथ बूंदी के लड्डुओं का भोग लगाने से हनुमान जी की कृपा प्राप्त होने की मान्यता है। कहा जाता है कि इससे मनोकामनाओं की पूर्ति होती है और जीवन में शुभ फल प्राप्त हो सकते हैं।
मुख्य द्वार और पूजा स्थल में करें दीप प्रज्ज्वलित
बड़े मंगल की शाम घर के मुख्य द्वार पर दीपक जलाना शुभ माना जाता है। साथ ही घर के पूजा स्थल में हनुमान जी की पूजा कर हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इससे घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सुख-शांति का वातावरण बना रहता है।
दान-पुण्य और सिंदूर अर्पण का विशेष महत्व
इस दिन जरूरतमंद लोगों को अपनी क्षमता के अनुसार दान करना पुण्यकारी माना जाता है। इसके अलावा हनुमान मंदिर में जाकर बजरंगबली को सिंदूर अर्पित करने की परंपरा भी है। मान्यता है कि यह उपाय कष्टों को कम करने और शुभ परिणाम प्राप्त करने में सहायक होता है।
अस्वीकरण: यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं और प्रचलित विश्वासों पर आधारित है। इसकी सत्यता अथवा सटीकता की पुष्टि नहीं की जाती। किसी भी धार्मिक उपाय को अपनाने से पहले संबंधित विषय के जानकार से परामर्श अवश्य लें।









