रामघाट पर पैर फिसला तो डूबने लगी तीन महिला श्रद्धालु, जवानों ने बचाया

महाराष्ट्र से आया था 15 श्रद्धालुओं का दल

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। रामघाट पर बुधवार सुबह गंभीर हादसा होते-होते बच गया। आरती स्थल पर महाराष्ट्र की तीन महिला श्रद्धालु नहा रही थीं। इसी दौरान उनका पैर फिसल गया जिससे वह गहरे पानी में चली गई और डूबने लगीं। उन्हें छटपटाता देख साथ आए अन्य श्रद्धालु मदद के लिए चीखे तो घाट पर तैनात होमगार्ड और एसडीईआरएफ के जवान मौके पर पहुंचे और एक के बाद एक तीनों महिलाओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। जरा भी देर होती तो बड़ा हादसा हो सकता था।
रामघाट पर तैराक प्रभारी ईश्वरलाल चौधरी ने बताया कि महाराष्ट्र के भारूड़ से रहने वाले १५ श्रद्धालुओं का दल भगवान महाकाल दर्शन के लिए आया है। बुधवार सुबह सभी रामघाट पहुंचे और आरती स्थल के समीप स्नान कर रहे थे।
इसी दौरान सीढिय़ों पर जमी काई की वजह से तीन महिला श्रद्धालुओं का पैर फिसल गया जिससे वह गहरे पानी में जाकर डूबने लगी। उन्हें डूबता देख अन्य श्रद्धालु मदद के लिए चीखने लगे तभी वहां तैनात होमगार्ड और एसडीईआरएफ के जवान आशीष चौहान, सुरेश सोलंकी, सन्नी परमार, ईश्वर चौधरी पहुंचे और तीनों महिला श्रद्धालुओं को एक के बाद एक बाहर निकाला। जरा भी देर होती तो गंभीर हादसा हो सकता था।
पानी कम फिर भी हादसा
रामघाट पर इन दिनों शिप्रा में पानी बेहद कम है। छोटी रपट से करीब तीन फीट नीचे पानी है लेकिन सीढिय़ों पर काई जमी है। इसी की वजह से महिलाएं फिसलकर गहरे पानी में चली गईं। जिम्मेदारों को चाहिए कि वह सीढिय़ों पर जमी काई को साफ कर ताकि भविष्य में किसी भी श्रद्धालु के साथ ऐसी घटनाएं ना हों।
नहीं हो रहा अनाउंसमेंट
रामघाट पर राणोजी की छत्री पर अनाउंसमेंट के लिए सिस्टल लगा है जिससे दिनभर सूचनाओं का अनाउंसमेंट किया जाता है लेकिन पिछले 15दिनों से ज्यादा समय से इस सिस्टम में खराबी है। इसकी मरम्मत और रखरखाव का जिम्मा नगर निगम के पास है लेकिन अब तक इसकी मरम्मत नहीं हुई। जिसके चलते अनाउंसमेंट नहीं हो पा रहा है।









