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कागजी प्रक्रिया में लगे 25 घंटे उज्जैन आया जिमनास्ट का शव

पश्चिम बंगाल के कोलकाता में प्रैक्टिस के दौरान शहर के होनहार खिलाड़ी की मौत

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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। एलपी भार्गव मार्ग सब्जी मंडी इलाके में रहने वाले 17 साल के जिमनास्ट उजेर अली की पार्थिव देह शुक्रवार की सुबह उज्जैन पहुंच गई। यहां दोपहर की नमाज के बाद मौलाना मौज कब्रिस्तान में उसे सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। बुधवार की शाम इलाज के दौरान अली की मौत हो गई थी। मध्यप्रदेश से गए खेल अधिकारियों के असहयोग की वजह से उसके शव का पोस्टमार्टम 25 घंटे बाद हो सका।

उजेर अली पश्चिम बंगाल के कोलकाता में 69वीं स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया स्पर्धा में शामिल होने के लिए मप्र के दल के साथ 11 जनवरी को गए थे। 16 जनवरी को स्पर्धा से पूर्व प्रैक्टिस के दौरान वह चोटिल हो गए थे। डबल जंप करते हुए उनकी गर्दन की हड्डी टूट गई थी। हादसे के बाद मध्यप्रदेश से गए दल के कोच और मैनेजर ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया था और परिवार को घटना की सूचना दी थी। टीम अन्य खिलाडिय़ों के साथ वापस लौट आई थी।

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17 जनवरी को उजेर के परिजन कोलकाता पहुंच गए थे। वहां उसके दो ऑपरेशन हुए, लेकिन स्थिति नहीं संभली। बुधवार को उसने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। उजेर के मामा आकिब अली ने बताया कि मध्यप्रदेश से गए दल के सभी सदस्य वापस लौट चुके थे। लिहाजा कागजी खानापूर्ति करने में ही 25 घंटे लग गए तब कहीं पोस्टमार्टम हो सका। शुक्रवार सुबह कोलकाता से इंदौर तक फ्लाइट और इसके बाद सड़क मार्ग से पार्थिव देह को उज्जैन लाया गया। होनहार खिलाड़ी के इस तरह जाने से खेल जगत सदमे में है।

ओलंपिक खेलने का सपना था
17 साल का जिमनास्ट उजेर पिता मजहर अली और परिवार के साथ एलपीएल भार्गव मार्ग पर सब्जी मंडी के नजदीक रहते थे। वह इसी मार्ग पर ही स्थित स्टडी होम स्कूल में पढ़ते थे। उन्होंने जिमनास्ट में राज्य स्तर पर कई पदक जीते थे। दो बार नेशनल स्पर्धाओं में मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व भी किया था। देश के लिए ओलंपिक में खेलना उनका सपना था। पिता ने भी मजदूरी करते हुए सपने को पूरा करने की हर संभव कोशिश की। जुनूनी उजेर खेलते हुए ही दुनिया से अलविदा हो गए।

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