रिवाइज होकर इस सप्ताह मिल जाएगी फाइनल ड्राइंग, फिर शुरू होगा ऑडिटोरियम का काम

फिलहाल बांगड़ बाल भवन के डिस्टमेंटल का काम चल रहा

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। कोठी रोड स्थित विक्रम कीर्ति मंदिर के पुनर्विकास का काम फिलहाल फाइनल ड्राइंग के इंतजार में रुका है। स्मार्ट सिटी द्वारा ड्राइंग में कुछ बदलाव किए जा रहे हैं, उम्मीद है कि इसी सप्ताह में फाइनल डिजाइन इस काम को करने का जिम्मा संभाल रही दिल्ली की कंपनी रिद्धि कंस्ट्रक्शन को मिल जाएगी जिसके बाद ऑडिटोरियरम का काम शुरू हो जाएगा। फिलहाल परिसर स्थित बांगड़ बाल भवन के डिस्मेंटल का काम किया जा रहा है।
दरअसल, 7.95 करोड़ रुपए की इस परियोजना का उद्देश्य परिसर को आधुनिक सुविधाओं से लैस कर सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित करना है। सबसे बड़ा बदलाव ऑडिटोरियम में किया जा रहा है। यहां लगी सालों पुरानी जर्जर फाल्स सीलिंग को हटा दिया गया है एवं तोडफ़ोड़ का काम भी पूरा होगा चुका है। इसकी सीटिंग व्यवस्था और तकनीकी ढांचे में भी बदलाव किया जा रहा है। आगामी चरण में यहां नई आरामदायक सीटें, उन्नत ध्वनि प्रणाली, आधुनिक लाइटिंग, डिजिटल प्रोजेक्टर सिस्टम, एचवीएसी सिस्टम, सीसीटीवी कैमरे और अत्याधुनिक फायर सेफ्टी सिस्टम लगाए जाएंगे। ओपन थियेटर को हटाकर इसके स्थान पर सुव्यवस्थित एवं आधुनिक सतह पार्किंग बनाई जाएगी जिसमें पक्की पार्किंग, जल निकासी और प्रकाश व्यवस्था की सुविधा होगी। इससे कार्यक्रम के दौरान पार्किंग की समस्या भी हल होगी।
बांगड़ बाल भवन को नया रूप मिलेगा
परिसर स्थित बांगड़ बाल भवन का भी कायाकल्प किया जाएगा। फिलहाल इसकी तोडफ़ोड़ का काम चल रहा है। यहां की दीवारों पर नए सिरे से प्लास्टर किया जाएगा। भवन के आंतरिक स्वरूप को भी नया लुक मिलेगा। इसे इंटरेक्टिव सिक्का म्यूजियम में बदला जाएगा जिससे यह ऐतिहासिक और शैक्षणिक महत्व का केंद्र बन सके। इसके साथ परिसर के बाहरी हिस्सों में सौंदर्यीकरण, फर्शबंदी और लैंडस्केपिंग का काम प्रस्तावित है।
इनका कहना
ड्राइंग में कुछ बदलाव किए जा रहे हैं इसलिए इंतजार कर रहे हैं। इस सप्ताह में स्मार्ट सिटी ने फाइनल ड्राइंग देने की बात कही है जिसके बाद ऑडिटोरियम का काम आगे बढ़ेगा। फिलहाल बांगड़ बाल भवन के डिस्मेंटल का काम चल रहा है।
सोनू राठौर
साइट इंजीनियर









