जबलपुर क्रूज हादसा: प्रदेश में वॉटर स्पोर्ट्स पर रोक, जांच कमेटी बनी, 4 अब भी लापता

अब तक 9 शव मिले, पायलट समेत तीन बर्खास्त एक सस्पेंड

जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर में बरगी डैम पर हुए दर्दनाक क्रूज हादसे में अब तक 9 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 4 लोग अब भी लापता हैं। शुक्रवार शाम तेज बारिश के चलते रेस्क्यू ऑपरेशन रोकना पड़ा था, जिसे शनिवार सुबह 5 बजे से फिर शुरू कर दिया गया है। लापता लोगों की तलाश के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें लगातार अभियान चला रही हैं।
हादसे के बाद सरकार ने सख्त कदम उठाते हुए पूरे मध्य प्रदेश में अगली सूचना तक सभी क्रूज, मोटर बोट और वॉटर स्पोर्ट्स गतिविधियों पर रोक लगा दी है। मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर इस मामले की जांच के लिए उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है, जो पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच करेगी।
तीन कर्मचारी बर्खास्त
घटना के बाद कार्रवाई करते हुए क्रूज के पायलट, हेल्पर और टिकट काउंटर प्रभारी को बर्खास्त कर दिया गया है। प्रारंभिक जांच में गंभीर लापरवाही सामने आई है।
लापरवाही बनी हादसे की वजह
जानकारी के अनुसार, तेज आंधी और खराब मौसम के बावजूद क्रूज को नदी में चलाया गया। मौसम बिगड़ने के बाद भी उसे समय रहते किनारे नहीं लाया गया। इतना ही नहीं, यात्रियों को शुरुआत में लाइफ जैकेट भी उपलब्ध नहीं कराई गई थी। जब क्रूज में पानी भरने लगा, तब जाकर जैकेट दी गई।
20 साल पुराना था क्रूज
पर्यटन विभाग के अनुसार, हादसे का शिकार हुआ क्रूज करीब 20 साल पुराना था, जिसे 2006 में बनाया गया था। इसकी क्षमता 60 यात्रियों की थी, जबकि हादसे के समय इसमें 40 से ज्यादा लोग सवार थे।
28 लोग सुरक्षित, जांच जारी
अब तक 28 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है। प्रशासन ने साफ किया है कि जल परिवहन के मामलों में अब किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रदेशभर में सभी जल परिवहन साधनों का सेफ्टी ऑडिट अनिवार्य कर दिया गया है और सुरक्षा मानकों की समीक्षा के बाद ही संचालन की अनुमति दी जाएगी।









