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ट्रैफिक सिग्नल हो रहे बदहाल, यातायात का बुरा हाल

कहीं बंद रहते हैं तो कहीं टाइमिंग ही गड़बड़, नियम टूटने के साथ वाहन चालक होते हैं परेशान

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उज्जैन। भगवान महाकाल की नगरी में ट्रैफिक व्यवस्था ‘राम भरोसे चल रही है। स्थिति यह है कि कहीं सिग्नल बंद पड़े हैं तो कहीं टाइमिंग गड़बड़ है जिसके चलते रोज सड़कों पर नियम टूटते नजर आते हैं। दरअसल, शहर के मुख्य चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल या तो काफी समय से बंद हैं और जो चालू हैं उसमें टाइम गड़बड़ा रहा है।

संभवत: मेंटेनेंस नहीं होने के चलते इस तरह की स्थिति बनी है, जबकि जिम्मेदारों का कहना है कि कंस्ट्रक्शन के चलते केबल कटने से दिक्कत आ रही है। हालांकि, इससे यातायात व्यवस्था गड़बड़ाई हुई है जिसके चलते ना सिर्फ टै्रफिक रूल टूट रहे हैं बल्कि वाहन चालकों को भी परेशानी झेलना पड़ रही है। रोज ऐसे हालात तीन बत्ती चौराहा, चामुंडा माता चौराहा देवासगेट, नानाखेड़ा चौराहे सहित अन्य जगहों पर देखे जा सकते हैं।

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स्थान- तीन बत्ती चौराहा समय- दोपहर 12.37 बजे

तीन बत्ती व्यस्ततम चौराहा में से एक है। यहां सिग्नल तो चालू है लेकिन इसकी टाइमिंग में गड़बड़ है। देवास रोड से आकर माधव क्लब की ओर जाने वाले मार्ग पर रेड लाइट का टाइमिंग 72 सेकंड का है लेकिन यह टाइम अचानक स्लो हो जाता है और 30 सेकंड पर रुकने के बाद अचानक 4 या 5 सेकंड पर पहुंच जाता है। इसके अलावा इंदौर रोड की ओर से टॉवर की ओर जाने वाले सिग्नल जब ग्रीन होता है तो गुजरने के लिए केवल 22 सेकंड का टाइम मिलता है, जबकि इस ओर वाहनों का दबाव काफी ज्यादा होता है। ऐसे में रेड सिग्नल होने के बाद भी वाहन गुजरते रहते हैं और नियम टूटते रहते हैं।

 

स्थान- चामुंडा माता चौराहा समय- दोपहर 12.58 बजे

यह भी प्रमुख चौराहों में से एक है जहां से दिनभर हजारों वाहन निकलते हैं। यहां सिग्नल चालू है लेकिन इसमें भी टाइमिंग में गड़बड़ है। देवासगेट से आकर आगर रोड की ओर जाने पर रेड सिग्नल का टाइम 82 सेकंड है तो फ्रीगंज ओवरब्रिज से प्रेमछाया की ओर जाने वाले सिग्नल का टाइम 72 सेकंड है, जबकि ग्रीन सिग्नल होने का टाइम भी अलग-अलग है, जबकि सभी का रेड और ग्रीन सिग्नल का समय एक जैसा होना चाहिए।

 

स्थान- देवासगेट समय- दोपहर 1.46 बजे

यहां बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन दोनों हैं। दिनभर यहां से रेलवे स्टेशन पर यात्रियों का आवागमन और यात्री बसें गुजरती हैं। बावजूद इसके यहां लगा सिग्नल लंबे समय से बंद है। केवल यलो लाइट ब्लिंक करती है। ट्रैफिक सिग्नल बंद होने से चारों ओर से वाहनों की रेलमपेल मचती है और इसमें फंसकर दिनभर में कई बार जाम की स्थिति भी निर्मित हो जाती है और वाहन चालकों को परेशान होना पड़ता है।

 

स्थान- नानाखेड़ा चौराहा समय- शाम 5.55 बजे

इंदौर की ओर से शहर में प्रवेश करने का यह प्रमुख मार्ग है। दिनभर यहां भी वाहनों का भारी दबाव रहता है। इंदौर से आने वाले श्रद्धालु इसी रास्ते से एंट्री करते हैं लेकिन यह सिग्नल कभी चालू हो जाता है तो कभी अचानक बंद हो जाता है। कभी-कभी यलो लाइट ही ब्लिंक करती है। ऐसे में वाहन चालक रुकते नहीं और एक साथ निकलते रहते हैं जिससे दुर्घटना की संभावना भी रहती है।

 

पाइप फैक्ट्री चौराहा समय- दोपहर. 2.05 बजे

यहां टै्रफिक सिग्नल चालू है लेकिन टाइम की गड़बड़ी यहां भी अन्य चौराहों की तरह बरकरार है। अचरज की बात यह है कि यहां रेड सिग्नल होने पर 72 सेकंड से 30 पर आकर अचानक फिर से रिपीट करना शुरू हो जाता है। ऐसे में ग्रीन सिग्नल का इंतजार कर रहे वाहन चालक गफलत में रहते हैं। कई तो यह देखकर रूल्स तोड़ते हुए आगे निकल जाते हैं।

 

इधर, रात में 9 बजे बाद सिग्नल बंद

सड़कों पर टूटते नियम, बंद पड़े सिग्नल, टाइमिंग की समस्याओं के साथ एक समस्या यह भी है कि रात 9 बजे ही ट्रैफिक सिग्नल बंद हो जाते हैं, जबकि रात 11 बजे तक सड़कों पर वाहनों का दबाव रहता है। दूसरी ओर शहर से 56 किमी दूर इंदौर का उदाहरण लिया जाए तो वहां रात 12 बजे तक सिग्नल चालू रहते हैं ताकि ट्रैफिक को व्यवस्थित रूप से संचालित किया जा सके। देश की सबसे क्लीन सिटी अब ट्रैफिक को लेकर भी दूसरे के लिए उदाहरण बनने की ओर अग्रसर है। यदि वहां की तरह ही यहां भी व्यवस्थाओं को अपनाया जाए और रात 10 बजे तक ही सिग्नल चालू रखे जाएं तो स्थिति में कुछ सुधार तो जरूर देखा जा सकता है।

फाइबर केबल कट गई है…

शहर में कई जगह कंस्ट्रक्शन चल रहा है जिसके कारण ट्रैफिक सिग्नल की फाइबर केबल कट गई है। इसके लिए हमने एमपीआरडीसी से 29 लाख रुपए का क्लेम मांगा है जिसमें से कुछ राशि हमें मिल भी चुकी है। पूरी राशि मिलने के बाद और कंस्ट्रक्शन पूरा होने के बाद ही सिग्नल को फिर से चालू किया जा सकेगा। कई सिग्नल ऐसे भी हैं जिन्हें हटाया जाना है और रोटरी डेवलप की जाना है। अगर सिग्नल में टाइमिंग की परेशानी आ रही है तो मैं दिखवाता हूं। रही बात रात १० बजे सिग्नल को बंद किए जाने की तो वर्तमान में 10 बजे ही सिग्नल बंद किए जा रहे हैं।
-संदीप शिवा, सीईओ, स्मार्ट सिटी लिमिटेड

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