तीन इंच बारिश में ही चौड़ीकरण वाले इलाके बने दलदल, गाडिय़ां फंसी, सडक़ों पर तालाब सा नजारा

बारिश के दौरान करंट से खेत में काम कर रहे किसान ने भी गंवाई जान, सीवरेज की लापरवाही ने तोड़ा कॉलोनियों का संपर्क

उज्जैन। प्री-मानसून की पहली तेज बारिश ने ही शहर के हालात बिगाड़ दिए। शाम शुरू हुई बारिश देर रात तक चलती रही। रविवार सुबह ८ बजे तक २४ घंटे में ८४.६ मिमी यानी साढ़े तीन इंच बारिश हुई।
अब तक ९९ मिमी (३.८९ इंच) बारिश रिकॉड की जा चुकी है।इस बारिश ने ही कई इलाकों में समस्या खड़ी कर दी। सडक़ों पर जलभराव रहा और क्षतिग्रस्त रास्तों के कारण जनजीवन बेपटरी रहा, दो हादसे भी हुए। जूना सोमवारिया में करंट से 8 बकरे-बकरियों की मौत हो गई। टंकारिया में खुले तारों की चपेट में आने से किसान की जान चली गई।
जूना सोमवारिया ड्रेनेज बंद, सडक़ बनी तालाब
जूना सोमवारिया क्षेत्र में भी ड्रेनज का काम चल रहा है। बारिश के कारण शनिवार को पानी नहीं निकल सका। सडक़ पर पानी के कारण तालाब सा नजारा दिखाई दिया। लोगों का कहना है यह तो प्री मानसून की बारिश है, अगर लंबी बारिश हुई तो क्या होगा।
कावेरी रीजेंसी : सीवरेज लाइन के कारण रास्ता बंद
देवास रोड स्थित कावेरी रीजेंसी कॉलोनी में सीवरेज लाइन के लिए की जा रही खुदाई बारिश के दौरान बड़ी मुसीबत बन गई। कॉलोनीवासियों के अनुसार सीवरेज कंपनी के कर्मचारी पिछले दिनों से लापरवाही से काम कर रहे थे। नियमों को ताक पर रखकर बिना किसी डायवर्शन मार्ग के मुख्य सडक़ को ही खोद दिया गया। बारिश के बाद सडक़ पूरी तरह धंस गई जिससे कावेरी रीजेंसी और आसपास की तीन गलियों के लगभग 50 से अधिक परिवारों का बाहरी संपर्क टूट गया है।
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टंकी चौराहा : गड्ढे में फंसी कार, कई चालक गिरकर घायल
छत्रीचौक टंकी चौराहा पर सीवरेज लाइन के गड्ढे में कई वाहन चालक गिरे। कार सहित कई वाहन यहां फंसे। लोगों ने मदद कर वाहनों को निकाला। बाद में स्थानीय व्यापारियों ने वहां जुगाड़ लगाकर रस्सी का घेरा बनाया ताकि वाहन उस तरफ नहीं जा सकें।
फ्रीगंज क्षेत्र में पेड़ गिरा, कई इलाकों में रहा अंधेरा
बारिश शुरू होते ही शहर के बिजली फॉल्ट के भी कई मामले सामने आए हैं। फ्रीगंज स्थित शिव मंदिर के समीप पेड़ की टहनी टूटकर गिरी। फ्रीगंज क्षेत्र के बिजली कंपनी के ईई जयेंद्र सिंह ठाकुर के मुताबिक शनिवार शाम करीब ४.३० बजे क्षेत्र के सिटी २ और विनोद मिल क्षेत्र के फीडर पेड़ गिरने के कारण बंद हुए थे।
एक-डेढ़ घंटे में समस्या दूर कर दी थी। सर्वाधिक परेशानी वल्लभ नगर, खेड़ापति व नईसडक़ क्षेत्र में रही। यहां के कई इलाकों में सुबह से ही बिजली बंद थी। जिम्मेदार भी फोन बंद कर बैठे थे। खेड़ापति जोन कार्यालय पर रात 11 बजे तक शिकायत करने वाले लोग जमा थे। यही हाल नईसडक़ और वल्लभ नगर के थे। इस बारे में क्षेत्र के डीई सतीश कुमरावत से चर्चा नहीं हो सकी। उनका फोन लगातार स्वीच ऑफ रहा।
गौंड बस्ती : घरों की देहरी छू गया पानी
हरसिद्धि मंदिर के पीछे स्थित गौंड बस्ती में बारिश के दौरान पानी घरों की देहरी तक आ गया। रहवासी नंदकिशोर विश्वकर्मा ने बताया कि नालियां लंबे समय से जाम हैं। नगर निगम को शिकायत भी की थी। शनिवार को भी शिकायत की थी। कोई नहीं आया। रविवार को भी सडक़ पर नालियों का पानी बह रहा था।
करंट से 8 बकरे-बकरियों की मौत
जूना सोमवारिया क्षेत्र के वार्ड 13 में बिजली के खंभे में अचानक करंट आ गया। इसकी चपेट में आने से ८ बकरे-बकरियों की मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने आक्रोश जताते हुए बिजली कंपनी के खिलाफ नारेबाजी की।
खेत में पड़ा खुला तार बना काल
टंकारिया में शनिवार दोपहर खेत पर काम कर रहे राहुल पिता दिनेश पटेल की खुले बिजली के तारों की चपेट में आने से मौत हो गई।
न बैरिकेडिंग, न चेतावनी बोर्ड; गड्ढों में फंसे ऑटो
जानलेवा लापरवाही तेलीवाड़ा चौराहे पर भी देखने को मिली। रहवासी हितेश जैन ने बताया मुख्य चौराहे पर सीवरेज के लिए खोदे गए गड्ढे में कई गाडिय़ां गिरीं। गड्ढे में ऑटोरिक्शा भी फंस गया जिसे लोगों ने मदद कर मुश्किल से बाहर निकाला। उचित बैरिकेडिंग नहीं होने के कारण बारिश के पानी से भरे गड्ढे लोगों को नजर नहीं आए। इसके चलते कई राहगीर और टू-व्हीलर चालक सीधे इन गहरे गड्ढों में जा गिरे। यहां पर निर्माणाधीन सडक़ पर दलदल जैसे हाल हो गए। शनिवार शाम को जब हंगामा बढ़ा तब जाकर अधिकारियों ने आनन-फानन में मौके पर बैरिकेडिंग लगवाई।
कंट्रोल रूम : 15 से अधिक शिकायतें
नगर निगम के कंट्रोल रूम प्रभारी प्रफुल्ल कुमार गठरे (सहायक आयुक्त) ने बताया कि शनिवार को करीब १५ से अधिक शिकायतें मिली हैं। अधिकतर नाली चौक की शिकायतें थीं जिसे तुरंत दुरुस्त किया। रात ११ बजे तक टीम शहर के विभिन्न इलाकों में काम करती रही। उनके मुताबिक पहली बारिश में समस्या अधिक होती है। आगे ऐसी स्थिति नहीं बनेगी। जहां भी निर्माण कार्य चल रहे हैं वहां संबंधित को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए जा चुके हैं। वहीं बारिश के लिए बने जिला प्रशासनिक कंट्रोल रूम प्रभारी माधव प्रसाद मोगरे के मुताबिक शनिवार को शहर या जिले से एक भी शिकायत नहीं आई।









