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इंडिया-ए बना चैंपियन, फाइनल में श्रीलंका-ए को हराया

भारतीय क्रिकेट के उभरते हुए सितारे और महज 15 वर्षीय युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी ने श्रीलंका की धरती पर इतिहास रच दिया है। रविवार को खेले गए ‘ए’ टीमों की ट्राई सीरीज के हाई-वोल्टेज फाइनल मुकाबले में वैभव की रिकॉर्ड तोड़ पारी और यश ठाकुर-विपराज निगम की घातक गेंदबाजी की बदौलत इंडिया ‘ए’ ने मेजबान श्रीलंका को 66 रन से करारी शिकस्त देकर प्रतिष्ठित ट्रॉफी अपने नाम कर ली है। दांबुला के मैदान पर खेला गया यह खिताबी मुकाबला वैभव सूर्यवंशी की आतिशी बल्लेबाजी के लिए हमेशा याद रखा जाएगा, जिन्होंने लिस्ट ए क्रिकेट (50 ओवर फॉर्मेट) की सबसे तेज फिफ्टी लगाने का विश्व रिकॉर्ड अपने नाम किया।

 

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वैभव का ‘पावरप्ले’ तूफान और लिस्ट ए का सबसे तेज अर्धशतक

टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंडिया ‘ए’ को वैभव सूर्यवंशी और प्रियांश (39) की ओपनिंग जोड़ी ने ऐसी शुरुआत दिलाई, जिसकी कल्पना शायद श्रीलंकाई टीम ने भी नहीं की होगी। वैभव ने पहली ही गेंद से आक्रामक रुख अपनाया और महज 11 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा कर लिस्ट ए क्रिकेट के इतिहास की सबसे तेज फिफ्टी जड़ दी।

उन्होंने विरोधी गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाते हुए सिर्फ 29 गेंदों में 94 रन की अविश्वसनीय पारी खेली, जिसमें 10 चौके और 8 गगनचुंबी छक्के शामिल थे। उन्होंने प्रियांश के साथ मिलकर सिर्फ 9 ओवरों में 132 रन की तूफानी साझेदारी कर फाइनल का नतीजा शुरुआती पावरप्ले में ही तय कर दिया। ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ वैभव ने ट्राई सीरीज के ग्रुप चरण की निराशा (4 मैचों में 117 रन) को पीछे छोड़ते हुए फाइनल के लिए अपनी सबसे बेहतरीन पारी बचाकर रखी थी। उन्होंने टूर्नामेंट का अंत 5 मैचों में 42.20 की औसत और 200.95 के विस्फोटक स्ट्राइक रेट के साथ 211 रन बनाकर किया।

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7 बल्लेबाजों के 25+ स्कोर से इंडिया ‘ए’ ने बनाया 377/9 का विशाल टोटल

वैभव के आउट होने के बाद भी भारतीय बल्लेबाजों ने दबाव बनाए रखा। कप्तान तिलक वर्मा ने कप्तानी पारी खेलते हुए पहले ऋतुराज गायकवाड़ (40) और फिर कुमार कुशाग्र (36) के साथ अर्धशतकीय साझेदारियां कीं। तिलक वर्मा ने 67 रन बनाए।

भारतीय पारी की सबसे खास बात यह रही कि बल्लेबाजी करने उतरे 10 में से सात बल्लेबाजों ने 25 से अधिक का स्कोर बनाया। अंत में विपराज निगम (27) और अनुकूल रॉय (39) ने उपयोगी पारियां खेलकर टीम को सीरीज के सबसे बड़े स्कोर—377/9 तक पहुँचाया। यह ट्राई सीरीज में पहली बार था जब किसी टीम ने साढ़े तीन सौ रनों का आंकड़ा पार किया।

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सदीरा और सहान के संघर्ष के बावजूद 311 रन पर सिमटा श्रीलंका

विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम की शुरुआत बेहद खराब रही और पावरप्ले के भीतर ही 75 रन के स्कोर पर उसके टॉप-3 बल्लेबाज पवेलियन लौट गए। इसके बाद अनुभवी सदीरा समरविक्रमा ने अर्धशतक (52 रन) लगाकर पारी को संभालने की कोशिश की और टीम को चेज में बनाए रखा।

समरविक्रमा के आउट होने के बाद वानुजा सहान ने टीम के लिए सर्वाधिक 62 रन बनाए, लेकिन उन्हें दूसरे छोर से पर्याप्त साथ नहीं मिला। श्रीलंकाई टीम लगातार अंतराल पर विकेट गंवाती रही और लक्ष्य से काफी पीछे रह गई। पूरी टीम 47.1 ओवर में 311 रन पर सिमट गई। भारत की ओर से तेज गेंदबाज यश ठाकुर और स्पिनर विपराज निगम ने घातक गेंदबाजी करते हुए सर्वाधिक 3-3 विकेट चटकाए, जबकि टीम के अन्य गेंदबाजों ने भी समय-समय पर सफलताएं हासिल कर श्रीलंका को बड़े स्कोर तक पहुँचने से रोका।

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