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दिल्ली से उड़ा विमान पहुंच गया पाकिस्तान, फिर मच गया हड़कंप

दिल्ली से अमृतसर के लिए उड़ान भरने वाली एअर इंडिया की एक फ्लाइट के साथ बीते सोमवार (22 जून 2026) की रात आसमान में एक बेहद संवेदनशील और गंभीर वाकया सामने आया। उड़ान के दौरान अचानक विमान के नेविगेशन सिस्टम (दिशा सूचक यंत्र) में आई तकनीकी खराबी के कारण एअर इंडिया की फ्लाइट एआई-479 (AI-479) अपने निर्धारित मार्ग से पूरी तरह भटक गई और सीधे सीमा पार कर पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र (Airspace) में दाखिल हो गई।

 

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सूत्रों के मुताबिक, इस अंतरराष्ट्रीय चूक का अहसास पायलट को तब हुआ जब पाकिस्तान एयर ट्रैफिक अथॉरिटी ने विमान को अवैध प्रवेश को लेकर तुरंत सख्त चेतावनी (Warning) जारी की। चेतावनी मिलते ही पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत विमान को हवा में ही यू-टर्न पर डाला और वापस भारतीय हवाई क्षेत्र की ओर रुख किया। यह घटना सामान्य रूप से रास्ता भटकने जैसी नहीं है, क्योंकि यह विमान उस एयरस्पेस में चला गया था जो भारत के लिए पूरी तरह ‘नो-फ्लाई जोन’ घोषित है।

क्यों बेहद संवेदनशील है यह मामला? अप्रैल 2025 से लागू है बैन

भारत और पाकिस्तान के बीच ‘पहलगाम हमले’ के बाद से ही कूटनीतिक और सामरिक रिश्ते बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। ऐसे में किसी भारतीय यात्री विमान का पाकिस्तानी सीमा में प्रवेश करना दोनों देशों के बीच सैन्य अलर्ट को सक्रिय कर सकता था।

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  • लगातार बढ़ रहा है बैन: पाकिस्तान एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ने अप्रैल 2025 से ही भारतीय रजिस्ट्रेशन वाले सभी कमर्शियल और मिलिट्री (सैन्य) विमानों के लिए अपना आसमान पूरी तरह बंद कर रखा है। पाकिस्तान हर महीने ‘नोटम’ (NOTAM – नोटिस टू एयरमिशन) जारी कर इस प्रतिबंध की अवधि को लगातार आगे बढ़ा रहा है।

  • 24 जुलाई तक पाबंदी: जिस रात एआई-479 का रास्ता भटका, उस समय भी यह पाबंदी लागू थी, जिसे 24 जून की सुबह समाप्त होना था। हालांकि, इससे पहले ही 16 जून को जारी एक नए नोटम के तहत इस हवाई प्रतिबंध को 24 जुलाई 2026 तक के लिए और आगे बढ़ा दिया गया है। यही कारण था कि जैसे ही भारतीय विमान पाकिस्तान के लाहौर ‘फ्लाइट इंफॉर्मेशन रीजन’ में घुसा, वहां के एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) ने फौरन एक्शन लिया।

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पाकिस्तान सीमा के 1.5 मील अंदर तक गया विमान; नेविगेशन हुआ था ठप

अमृतसर एयरपोर्ट के आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, एअर इंडिया का यह विमान पाकिस्तानी सीमा के भीतर लगभग डेढ़ (1.5) मील अंदर तक चला गया था।

  • उड़ान का समय: विमान ने सोमवार रात तय समय से महज 3 मिनट की देरी से रात 9:18 बजे दिल्ली से उड़ान भरी थी।

  • शेड्यूल: इसे रात 10:30 बजे अमृतसर में लैंड करना था। लेकिन बीच रास्ते में ही विमान के मुख्य नेविगेशन उपकरणों ने काम करना बंद कर दिया, जिससे पायलटों को दिशा का सही अनुमान नहीं मिल सका और विमान अनजाने में अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर गया।

भारतीय सीमा में लौटने पर भी नहीं मिली लैंडिंग; हवा में काटता रहा चक्कर

पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र से सुरक्षित बाहर निकलने के बाद भी विमान और उसमें सवार यात्रियों की मुसीबतें कम नहीं हुईं। जब फ्लाइट AI-479 दोबारा भारतीय एयरस्पेस में लौटी, तब तक अमृतसर राजासांसी एयरपोर्ट पर हवाई यातायात (Air Traffic) काफी बढ़ चुका था।

  • दिल्ली किया गया डायवर्ट: रनवे खाली न होने के कारण एटीसी ने विमान को लैंडिंग की अनुमति नहीं दी। कुछ देर तक अमृतसर के आसमान में चक्कर (Hovering) काटने के बाद कंट्रोल रूम के निर्देश पर विमान को वापस दिल्ली डायवर्ट कर दिया गया, जहां उसकी सुरक्षित लैंडिंग कराई गई।

  • 4 घंटे की देरी से पहुंचे यात्री: दिल्ली एयरपोर्ट पर करीब दो घंटे तक तकनीकी जांच और क्लीयरेंस का इंतजार करने के बाद विमान ने दोबारा अमृतसर के लिए उड़ान भरी। आखिरकार, सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात लगभग 2:20 बजे विमान अमृतसर एयरपोर्ट पर उतरा। इस पूरे घटनाक्रम के चलते यात्रियों को करीब चार घंटे की भारी देरी और मानसिक तनाव का सामना करना पड़ा।

जांच के आदेश: हालांकि विमानन अधिकारियों का कहना है कि ट्रैफिक के कारण विमान को हवा में होल्ड कराना एक सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन इस मामले में असली चिंता तकनीकी विफलता को लेकर है। नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) और संबंधित एजेंसियां इस बात की गहन जांच कर रही हैं कि हाई-टेक नेविगेशन सिस्टम में इतनी बड़ी खराबी आने की मुख्य वजह क्या थी।

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