एसआईआर फॉर्म से युवती का फोटो निकाला फिर अश्लील वीडियो बनाकर वायरल किया

बीएलओ ने दिया था फोटो, पुलिस ने महिला सहित 4 को दबोचा, तीन का जुलूस निकाला

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। मतदाता पुनरीक्षण के तहत हुए एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिविजन) फॉर्म से एक युवती का फोटो निकाल कर तीन लोगों ने अश्लील वीडियो बनाया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। यह सनसनीखेज मामला सामने आने के बाद पंवासा पुलिस ने महिला बीएलओ सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। तीन पुरुष आरोपियों का जुलूस निकाल दिया। शासकीय कार्य में लापरवाही बरतने और गोपनीय दस्तावेजों से फोटो साझा करने वाली बीएलओ के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की गई है। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त 4 मोबाइल और पीडि़ता का एसआईआर फॉर्म जब्त किया है।
इस संबंध में 21 जून को फरियादी ने पंवासा में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी पुत्री के पासपोर्ट साइज फोटो को किसी अज्ञात व्यक्ति ने किसी अन्य युवती के फोटो के साथ एडिट कर अश्लील वीडियो बनाया और व्हाट्सएप व अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल कर दिया। वीडियो में दिख रहे मूल युवक-युवती अज्ञात हैं और उनका पीडि़ता से कोई संबंध नहीं है।
इन्हें किया गिरफ्तार
पुलिस ने मुजफ्फर पटेल पिता मुबारिक पटेल (43) निवासी ग्राम ब्यावरा, जिला उज्जैन के साथ, एहसान पटेल पिता शेर मोहम्मद पटेल (60) निवासी ग्राम ब्यावरा, आबिद पटेल पिता बाबू पटेल (48) निवासी ग्राम पंच मुंडला जिला देवास और बीएलओ फखरुनिशा उर्फ बेबी पति नईम खान (40) निवासी मिल्कीपुरा उज्जैन को गिरफ्तार किया है। यूसुफ पटेल पिता शेर मोहम्मद नायता ( 48) निवासी पंथ मुंडला, देवास फरार है।
फोटो ने दिया सुराग गिरफ्त में आगे गए अपराधी
जांच के दौरान पुलिस के समक्ष चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि अश्लील वीडियो में लगाया युवती का फोटो एसआईआर फॉर्म से निकाला गया है। पुलिस ने बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) फखरुनिशा उर्फ बेबी को पकड़ा तो उसने फॉर्म से फोटो निकालकर एहसान पटेल को व्हाट्सएप पर भेजने की बात स्वीकार कर ली। इसके बाद कडिय़ां जुड़ती गईं। एहसान पटेल, आबिद पटेल और मुजफ्फर पटेल ने पुलिस के समक्ष स्वीकार कर लिया कि उस फोटो को किसी अज्ञात लड़की की तस्वीर के साथ एडिट कर आपत्तिजनक रूप दिया और सोशल मीडिया पर फैलाया।
फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे गए मोबाइल
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 4 मोबाइल फोन जब्त किए हैं, जिनकी डिजिटल फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है ताकि डिलीट डेटा और अन्य तकनीकी साक्ष्य जुटाए जा सकें। तीनों पुरुष आरोपियों के विरुद्ध प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की गई है। इस मामले का त्वरित खुलासा करने में निरीक्षक प्रतीक शर्मा (टीआई जीवाजीगंज), उपनिरीक्षक प्रतीक यादव (साइबर सेल), उपनिरीक्षक गमर सिंह मंडलोई (टीआईपंवासा), सउनि संतोष राव, आरक्षक पंकज पाटीदार, महिला आरक्षक निकिता पाटीदार, आरक्षक अमर और आरक्षक बृजेंद्र भारती की विशेष और सराहनीय भूमिका रही।









