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नए घाट को जोडऩे वाला एप्रोच रोड सुविधाजनक होना चाहिए

संभागायुक्त, कलेक्टर ने किया नवीन घाट पंहुच मार्गों का निरीक्षण

 

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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। सिंहस्थ के दौरान घाट तक पहुंचने वाले एप्रोच रोड का ऐसा रूट प्लान तैयार किया जाए, जिससे श्रद्धालुओं को कम से कम दूरी तय करनी पड़े और वे सुलभता से स्नान कर अपने गंतव्य की ओर लौट सकें।

यह निर्देश बुधवार को संभागायुक्त (सिंहस्थ मेला अधिकारी) आशीष सिंह और कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने अधिकारियों को दिए हैें। वे त्रिवेणी श्री शनि मंदिर के सामने शक्करवासा में निर्माणाधीन नवीन घाट और प्रस्तावित पहुंच मार्ग का निरीक्षण करने पहुंचे थे। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशानुरूप सिंहस्थ की तैयारी में प्रशासनिक अमला लगा है। देश-विदेश से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को शिप्रा नदी में सुगमता से स्नान कराने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं।

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त्रिवेणी पुलिया पर बारिश में नहीं रुकेगा रास्ता
संभागायुक्त और कलेक्टर ने त्रिवेणी पुल के नीचे बनाई जा रही नई पुलिया के निर्माण कार्य का भी अवलोकन किया। इस पुलिया के तैयार होने से बारिश के मौसम में जलजमाव की समस्या खत्म हो जाएगी और मार्ग अवरुद्ध नहीं होगा। इससे शक्करवासा की ओर जाने वाला रास्ता हर मौसम में चालू रहेगा।

29 किमी क्षेत्र में बन रहे हैं विश्वस्तरीय घाट

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सिंहस्थ के लिए शिप्रा नदी के 29 किलोमीटर लंबे क्षेत्र में नवीन घाटों का निर्माण कार्य युद्धस्तर पर जारी है। बुधवार को प्रशासनिक अधिकारियों ने अधिकारियों ने निर्देश दिए कि भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा के लिहाज से अभी से ही विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर
ली जाए।

भीड़ नियंत्रण के लिए बनेगा वैकल्पिक मार्ग

सिंहस्थ में जनसैलाब को नियंत्रित करने और यातायात को सुगम बनाने के लिए शक्करवासा से देवास रोड (हामूखेड़ी) को जोडऩे वाले मार्ग की भी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। यह मार्ग बाईपास की तरह काम करेगा, जिससे शहर के भीतर यातायात का दबाव कम होगा। निरीक्षण के दौरान शांतम आश्रम के पं. विजय शंकर मेहता भी साथ थे।

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