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एफआईआर से पहले पकड़ाया, बचने में टूटी पैर की हड्डी, बोला- गलती हुई, चाकू नहीं मारना था

दवा बाजार में दिनदहाड़े सिरफिरे ने युवती को चाकू से गोदा, हालत गंभीर, निजी अस्पताल में आईसीयू में भर्ती

 

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1 मिनट 57 सेकंड के सीसीटीवी फुटेज में दिखा खौफनाक मंजर

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। भगवान महाकाल की नगरी में शुक्रवार को एक बेहद खौफनाक मामला सामने आया। यहां एकतरफा प्यार में पागल एक सिरफिरे ने सरेराह एक युवती को चाकू से गोद दिया। दवा बाजार जैसी व्यस्ततम जगह पर हुई इस वारदात से इलाके में हड़कंप मच गया। तत्काल लहूलुहान युवती को चरक अस्पताल ले जाया गया लेकिन हालत गंभीर होने पर उसे परिजने ीन बत्ती चौराहा स्थित निजी अस्पताल में ले गए जहां उसका ऑपरेशन किया गया।

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फिलहाल वह आईसीयू में भर्ती है। एसपी प्रदीप शर्मा भी युवती का हालचाल जाने अस्पताल पहुंचे। घटना का 1 मिनट 57 सेकंड का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है जिसमें महज 47 सेकंड में आरोपी युवती पर एक के बाद एक 14 वार कर रहा है। एफआईआर दर्ज होने से पहले ही युवक दबोच लिया गया। पुलिस से बचने में उसके एक पैर की हड्डी टूट गई है। वह जिंदगी भर अपनी टांगों पर ठीक तरीके से खड़ा नहीं हो सकेगा।

दरअसल, बापूनगर की रहने वाली 19 वर्षीय शालिनी (बदला नाम) दवा बाजार के डी ब्लॉक स्थित दयाल फार्मा में कम्प्यूटर ऑपरेटर है। वह रोज की तरह दोपहर करीब 12.45 बजे पैदल शॉप पर जा रही थी। रास्ते में डेंडिया का सुनील जारोलिया उसका इंतजार कर रहा था। उसे देख शालिनी ठिठकी तब तक वह उसके पास पहुंच गय और कुछ बात करने के बाद चाकू से 14 वार किए जो पेट, गर्दन, सिर और हाथ पर लगे।

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शोर सुनकर आसपास के लोग दौड़े तो सुनील अपना स्कूटर छोड़कर पैदल ही भाग निकला। मौके पर पहुंचे नीलगंगा पुलिस के जवानों ने उसका पीछा किया और इंजीनियरिंग कॉलेज के पास से उसे दबोच लिया। वह दीवार फांदकर भागने की कोशिश में गिर गया और उसका पैर की हड्डी टूट गई। इस समय तक एफआईआर भी दर्ज नहीं हुई थी। इलाज के लिए उसे चरक अस्पताल ले जाया गया है जहां वह बोलता रहा कि मुझसे गलती हो गई, मुझे उसे चाकू नहीं मारना चाहिए था।

बिना नंबर की स्कूटर पर आया

घटना को अंजाम देने के लिए सुनील दवा बाजार तक सफेद रंग के अपने स्कूटर से आया था और उसे एक दुकान के पास खड़ा किया था। खास बात यह है कि स्कूटर के आगे और पीछे नंबर प्लेट नहीं थी। इसका मतलब उसे पता था कि नंबर से वह पकड़ में आ सकता है इसलिए संभावना है कि उसने जानबूझकर प्लेट हटा दी हो या किसी से मांगकर बिना नंबर की स्कूटर लेकर आया हो।

पहले भी की थी शिकायत
शालिनी की मां ने बताया वह सुनील जारोलिया को वे नहीं जानती लेकिन वह बेटी को परेशान कर रहा था। 10 दिन पहले जब यह बात पता चली तो नानाखेड़ा थाने में आवेदन दिया था। इसके बाद भी वह पीछा करेगा, ऐसा पता नहीं था। वहीं युवती के ताऊ के पुत्र ने बताया कि रोज पूजा को उसकी मम्मी ही छोडऩे जाती थी लेकिन उन्हें भी जॉब पर समय पर पहुंचना होता था इसलिए शुक्रवार को वह छोडऩे नहीं जा सकीं और यह घटना हो गई।

पढ़ाई के साथ करती है जॉब
परिजनों ने बताया कि शालिनी बीकॉम फस्र्ट ईयर की छात्रा है और कालिदास कॉलेज में अध्ययनरत है। १६ जून को ही उसकी एग्जाम खत्म हुई थी। उसके पिता का निधन हो चुका है। वह अगरबत्ती का कारखाना चलाते थे। फिलहाल वह मां, छोटी बहन और दादा-दादी के साथ रहती है। उसकी मां बिजली कंपनी के खेड़ापति झोन में आउटसोर्स कर्मचारी है। घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण वह पढ़ाई के साथ जॉब भी करती है। दयाल फार्मा के रोहित मोटवानी ने बताया कि शालिनी करीब एक साल से वहां कम्प्यूटर ऑपरेटर के रूप में काम कर रही है।

चार साल पहले शादी से संपर्क में आए
सूत्रों के मुताबिक चार साल पहले एक शादी में शालिनी और सुनीलं की मुलाकात हुई थी। उसके बाद से दोनों संपर्क में थे। सुनील शादी करना चाहता था लेकिन युवती की मां रिश्ते के लिए तैयार नहीं थी। इसकी वजह थी कि सुनील के पास कोई काम धाम नहीं था। पिछले एक साल में दोनों के बीच मोबाइल पर 240 बार बात हुई।

मोटर चालू करने गया था…

घटना के वक्त वहां दो सुरक्षाकर्मी तैनात थे। शास्त्रीनगर निवासी सुरक्षाकर्मी हेमंत बड़ोदिया ने बताया कि उनकी ड्यूटी सुबह ७ से दोपहर ३ बजे तक होती है। जिस वक्त चाकूबाजी की वारदात हुई मैं मोटर चालू करने के लिए गया थी तभी साथी देवनारायण बारोड़ का फोन आया तो मैं दौड़कर यहां पहुंचा लेकिन तब तक हमला कर युवक भाग चुका था।

मौके पर खून फैला था। इसी तरह वल्लभनगर के रहने वाले सुरक्षाकर्मी देवनारायण बारोड़ ने बताया कि उनकी ड्यूटी का टाइम दोपहर 12 से 8 बजे तक है। दोपहर में वह गेट पर गाडिय़ां को पलटा कर व्यवस्थित रूप से रख रहे थे तभी शोर सुनाई दिया। इसके बाद एक युवक मुंह पर कपड़ा बांधे दौड़ते हुए निकल गया। दोनों गार्ड ने बताया कि यहां पांच गार्ड रहते हैं। दोपहर 3 से 11 बजे तक हीरालाल अखंड नामक गार्ड की ड्यूटी होती है और फिर रात 11 से सुबह 7 बजे तक दो अन्य गार्ड तैनात रहते हैं।

व्यापारियों का कहना

वैसे तो यहां तीन सुरक्षागार्ड तैनात रहते हैं लेकिन धटना कीदोपहर में दो गार्ड तैनात थे। इनकी उम्र ज्यादा है। सिक्योरिटी की बात करें तो वह नहीं है और दिनदहाड़े हुई इस घटना ने सुरक्षा पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
-आनंद माहेश्वरी
कान्हा मेडिकल एजेंसी

दवा बाजार में सभी के लिए एंट्री होती है लेकिन सुरक्षा में दो गार्ड तैनात रहते हैं। इस घटना के बाद सुरक्षा को लेकर मीटिंग करेंगे और इसे और मजबूत करने की दिशा में जो भी जरूरी कदम होंगे, उठाए जाएंगे।
-सतपाल सिंह
दवा व्यापारी

यहां अब सुरक्षा बढ़ाएंगे और बंदूकधारी को भी रखा जाएगा। पुलिस से भी डिमांड करेंगे कि वह यहां कम से दो पुलिसकर्मियों की नियुक्ति करे। सिक्योरिटी केलिए जो भी जरूरी कदम होंगे वह उठाएंगे।
-प्रवीण खंडेलवाल
दवा व्यापारी

इनका कहना

युवती पर हमला करने वाले आरोपी युवक को गिरफ्त में ले लिया है। वह युवती को बात करने के लिए परेशान कर रहा था लेकिन वह बात नहीं करना चाहती थी इसलिए उसने हमला किया। भागने की कोशिश में वह इंजीनियरिंग कॉलेज की दीवार से गिर गया जिससे उसका पैर फ्रैक्चर हुआ है। फिलहाल उसका इलाज करवाया है। इसके बाद पूछताछ की जाएगी।
प्रदीप शर्मा, एसपी

आरोपी सुनील जारोलिया मजदूरी करता है। वह युवती के संपर्क में आ गया था और बात करने के लिए उसके पीछे पड़ गया, जबकि युवती उससे बात नहीं करना चाहती थी। संभवत: एकतरफा प्यार में उसने इस वारदात को अंजाम दे दिया।
-तरुण कुरील,
टीआई, थाना नीलगंगा

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