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35 करोड़ ऑफर, विजय सरकार गिराने की साजिश में तीन गिरफ्तार

तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में करिश्माई जीत हासिल करके सूबे के मुखिया बने मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय (Thalapathy Vijay) की सरकार को अस्थिर करने की एक सनसनीखेज साजिश सामने आई है। आगामी 10 जुलाई को सीएम विजय अपनी सरकार के दो महीने पूरे करने जा रहे हैं, लेकिन इससे ठीक पहले राज्य की राजनीति में बड़ा भूचाल आ गया है। तमिलनाडु पुलिस ने विधायकों को प्रलोभन देने और हॉर्स ट्रेडिंग (विधायकों की खरीद-फरोख्त) के आरोपों में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। इस पूरे मामले में द्रमुक (DMK) के कद्दावर नेता और पूर्व मंत्री वी सेंथिल बालाजी का नाम उछलने से सियासी सरगर्मी चरम पर पहुंच गई है।

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दावा किया जा रहा है कि पुलिस के इंटेलिजेंस (खुफिया) विभाग को इस साजिश की भनक समय रहते लग गई थी, जिसके बाद तुरंत एक्शन लेते हुए सरकार गिराने के इस खेल को विफल कर दिया गया। सूत्रों के मुताबिक, सत्ताधारी दल के करीब 15 विधायकों को तोड़कर विपक्ष के पक्ष में वोट दिलवाने का ताना-बाना बुना जा रहा था।

टीवीके (TVK) विधायक की शिकायत पर पुलिस का बड़ा एक्शन

पुलिस ने यह त्वरित कार्रवाई ‘तमिलगा वेट्री कझगम’ (TVK) के विधायक एन. इलैयाराजा द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के बाद की है। इलैयाराजा ने आरोप लगाया कि विधानसभा स्पीकर (अध्यक्ष) के खिलाफ आने वाले एक प्रस्तावित प्रस्ताव पर विपक्ष के समर्थन में वोट करने के लिए उन्हें 35 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि का ऑफर दिया गया था।

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जांच में बड़ा खुलासा: चेन्नई पुलिस कमिश्नर के पास 29 जून को दर्ज कराई गई इस शिकायत के बाद जब जांच आगे बढ़ी, तो बुधवार को जारी पुलिस विज्ञप्ति में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। इस साजिश के तार कथित तौर पर पूर्व डीएमके मंत्री वी सेंथिल बालाजी और उनके भाई वी अशोक कुमार से जुड़े पाए गए हैं।

गौरतलब है कि हालिया विधानसभा चुनावों में विजय की पार्टी टीवीके (TVK) अपने दम पर पूर्ण बहुमत के आंकड़े से थोड़ा चूक गई थी। ऐसे में थलपति विजय फिलहाल डीएमके के ही कुछ पूर्व सहयोगी दलों से मिले समर्थन के बदौलत सरकार चला रहे हैं।

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क्या था पूरा मामला और कैसे बुना गया जाल?

विधायक इलैयाराजा की शिकायत के अनुसार, इस पूरी साजिश की क्रोनोलॉजी कुछ इस प्रकार है:

घटनाक्रम / कड़ियां जांच में सामने आए मुख्य तथ्य
पहला संपर्क थिरुनावुक्करसु नाम के एक व्यक्ति ने खुद को ‘इंडियन पॉलिटिकल डेमोक्रेटिक स्ट्रैटेजीज़’ (IPDS) नाम की ओपिनियन पोलिंग संस्था का प्रमुख बताकर विधायक से संपर्क किया।
डील का ऑफर उसने दावा किया कि वह एक बड़ी राजनीतिक पार्टी के शीर्ष नेताओं की तरफ से बात कर रहा है। उसने विधायक से कहा कि जल्द ही स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जाएगा, जिसमें उन्हें सत्तापक्ष में होने के बावजूद खिलाफ में वोट करना है। बदले में 35 करोड़ रुपये देने की बात कही गई।
ऑफर ठुकराने पर धमकी जब टीवीके विधायक ने इस ऑफर को ठुकरा दिया और दोबारा फोन न करने को कहा, तो आरोपी थिरुनावुक्करसु ने उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी।

बैकग्राउंड में एक्टिव थे सेंथिल बालाजी और उनके भाई?

पुलिस की शुरुआती जांच और कॉल डिटेल्स खंगालने पर इस मामले में गंभीर कड़ियां जुड़ी हैं। जांचकर्ताओं का आरोप है कि पूर्व डीएमके मंत्री और कोयंबटूर दक्षिण से विधायक वी सेंथिल बालाजी के भाई वी अशोक कुमार ने इस सिलसिले में चेन्नई में नरेश नाम के एक व्यक्ति से मुलाकात की थी। पुलिस का दावा है कि सेंथिल बालाजी और उनके भाई अशोक कुमार के सीधे इशारे पर ही थिरुनावुक्कारासु ने टीवीके विधायक इलैयाराजा को मोहरा बनाने के लिए संपर्क साधा था।

इस पूरे घटनाक्रम पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए तमिलनाडु के मंत्री पी निर्मल कुमार ने बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि डीएमके पिछले 40 दिनों से लगातार सत्ताधारी गठबंधन के विधायकों को तोड़ने और प्रलोभन देने की कोशिशें कर रही है। आपको बता दें कि थलपति विजय ने 10 मई 2026 को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी और इस बड़ी साजिश के बेनकाब होने के बाद अब राज्य में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग बेहद तेज हो गई है।

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