हरसिद्धि के पास बैरिकेड गिरे, एक दर्जन घायल, आधा दर्जन की तबीयत बिगड़ी , देखे वीडियो

1 घंटे नहीं, 4 घंटे में हुए श्रद्धालुओं को दर्शन
300 खर्च करने वालों के भी ऐसे ही हाल
उज्जैन। नागपंचमी, सावन सोमवार और महाकाल सवारी के त्रिसंयोग में 364 दिन बाद खुले नागचंद्रेश्वर मंदिर में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। नागचंद्रेश्वर में दर्शन करने के लिए सामान्य दर्शनार्थियों को 4 घंटे का वक्त लगा। 300 रुपए खर्च कर विशेष दर्शन करने वालों के भी यही हाल रहे। सोमवार की सुबह हरसिद्धि के पास बैरिकेड गिर गए और एक दर्जन से ज्यादा लोग घायल हो गए। कतार में देरी तक खड़े रहने से आधा दर्जन की हालत बिगड़ गई। इन्हें अस्पताल में दाखिल कराया गया है। श्री महाकालेश्वर में दर्शन सामान्य रहे और यहां एक घंटे का वक्त लोगों को लगा। फिलहाल अभी भी काफी भीड़ है और उम्मीद की जा रही है कि रात तक 12 लाख से ज्यादा श्रद्धालु दर्शन कर सकते हैं।
भारी भीड़ को नियंत्रित करने और दर्शन के लिए प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। भीड़ के दबाव को देखते हुए श्रद्धालुओं को मंदिर तक पहुंचने के लिए करीब डेढ़ से दो किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ रहा है। नागचंद्रेश्वर दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को प्रवेश कर्कराज पार्किंग से दिया जा रहा है।
यहां से वे भील समाज धर्मशाला, गोंड मोहल्ला, चारधाम, हरसिद्धि चौराहा एवं बड़ा गणेश होते हुए गेट नंबर 4 से मंदिर परिसर में दाखिल होंगे। इसके बाद विश्रामधाम के रास्ते श्री नागचंद्रेश्वर भगवान के दर्शन कर प्रीपेड बूथ की ओर बाहर निकलेंगे। वहीं शीघ्र दर्शन श्रद्धालुओं को हरसिद्धि द्वार की ओर से प्रवेश दिया जा रहा है। ये श्रद्धालु बड़ा गणेश मार्ग से होते हुए गेट नंबर 5 से मदिर परिसर मेें प्रवेश करेंगे और विश्रामधाम होते हुए भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन करेंगे। दर्शन के बाद वे प्रीपेड बूथ से निकलकर 24 खंबा रोड के रास्ते हरसिद्धि पाल की तरफ वापस जाएंगे।
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साल में सिर्फ एक बार खुलते हैं कपाट
महाकाल मंदिर की तीसरी मंजिल पर विराजमान भगवान श्री नागचंद्रेश्वर का यह मंदिर अपने आप में अनूठा है। नागपंचमी को छोड़कर शेष पूरे वर्ष यह मंदिर श्रद्धालुओं के लिए बंद रहता है। यही वजह है कि साल में सिर्फ 24 घंटे मिलने वाले इस दुर्लभ अवसर पर दर्शन करने के लिए देश भर से भारी संख्या में श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं।
लोग कतार में लगे रहे, पुजारी परिवार फोटोग्राफी करता रहा
नागचंद्रेश्वर दर्शन के दौरान सोमवार की सुबह लोग अपनी बारी का इंतजार करते रहे और इस दौरान पुजारी परिवार फोटोग्राफी करता रहा।इनकी फोटोग्राफी की वजह से श्रद्धालुओं को दर्शन में देरी भी हुई। सुबह ९ से १० का स्लाट पुजारी परिवार के दर्शन का था। यह फोटो उसी दौरान लिया गया। इसमें महिलाएं सेल्फी और फोटो खींचती दिखाई दे रही हैं।
मंदिर में अफरा-तफरी नहीं, दर्शन निर्बाध जारी
श्री महाकालेश्वर मंदिर परिसर में अफरा-तफरी नहीं हुई है। यहां नागचंद्रेश्वर और बाबा महाकाल के दर्शन निर्बाध जारी है। श्रद्धालुओं को हर तरह की सुविधा उपलब्ध करवाई गई है। प्रथम कौशिक, प्रशासक, मंदिर समिति
भस्मार्ती मेंं वासुकि नाग का कोटितीर्थ पर पूजन किया
सावन सोमवार पर बाबा महाकाल के दर्शन और पूजन के लिए श्रद्धालुओं का तांता देर रात से ही शुरू हो गया था। परंपरा के अनुसार तड़के 2.30 बजे श्री महाकालेश्वर मंदिर के कपाट खोले गए। भस्म आरती में भगवान श्री महाकालेश्वर ने वासुकि नाग धारण किया। वासुकि नाग का पुरोहितों ने कोटितीर्थ पर पूजन किया।
भगवान महाकाल के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का प्रवेश त्रिवेणी संग्रहालय स्थित त्रिवेणी प्रवेश द्वार से दिया जा रहा है। वे नंदी द्वार, मानसरोवर फैसिलिटी, गणेश मंडप और कार्तिक मंडप से होते हुए दर्शन मार्ग पर आगे बढ़ेंगे। दर्शन के बाद एम्बुलेंस गेट से निकासी करते हुए पिनाकी द्वार से बाहर प्रस्थान करेंगे। प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक सुबह 11 बजे तक करीब ३ लाख श्रद्धालु भगवान महाकाल के दर्शन कर चुके थे। शीघ्र दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का प्रवेश नीलकंठ द्वार से निर्धारित किया गया है।
डीपी में फॉल्ट, अफरा-तफरी, कई लोग घायल


हरसिद्धि चौराहा से बड़ा गणेश के बीच फंसे घायल, 2 घंटे में पहुंचे अस्पताल

उज्जैन। हरसिद्धि बैरिकेड में भगदड़ और डीपी में फाल्ट की घटनाएं हुईं जिसमें 12 से अधिक लोग घायल हुए। आधा दर्जन से अधिक लोग बीमार होकर अस्पताल पहुंचे।

हरसिद्धि चौराहे से बड़ा गणेश के बीच बैरिकेड गिरने से हरसिद्धि चौराहे पर अफरा-तफरी मच गई। बैरिकेड्स गिरने से लोग भागने लगे। अधिकतर लोगों के पैरों में चोट आईं। बड़ा गणेश के सामने डीपी में फाल्ट होने से एक श्रद्धालु को करंट लगा और वहां भी आधा दर्जन लोग घायल हो गए।
घायलों ने बताया ऐसे हुई घटना
किशनपुरा के सागर ने बताया कि श्री नागचंद्रेश्वर दर्शन की लाइन में रात 1 बजे कर्कराज पार्किंग से लगा था। सुबह 8.30 बजे हरसिद्धि चौराहे पर पुलिस ने रोक दिया। दो घंटे तक एक ही जगह खड़े रहने से भीड़ का दबाव बढ़ता गया और बैरिकेड्स गिरने लगे। लोग बैरिकेड्स में दबकर घायल हो गए। अनुसूईया पिता बहादुरसिंह, ममता पति बहादुर सिंह निवासी गंजबासौदा, इंदूबाई, सावित्राबाई निवासी ढांचा भवन घायल हुए हैं। करीब डेढ़ घंटे बाद घायलों को एम्बुलेंस से चरक अस्पताल भेजा गया।
दरभंगा बिहार से आए संजीव कुमार पिता नूनू चौधरी ने बताया बड़ा गणेश के पास विद्युत डीपी में फाल्ट हुआ। चिंगारी निकलने से अफरा-तफरी मच गई। संजीव कुमार सहित सोनम पिता मनोज निवासी ग्वालियर, हरीशचंद पिता अशोक कुमार निवासी वापी, तुलसी पिता जयप्रकाश मिस्त्री (16), रेखाबेन निवासी राजूपुरा गुजरात घायल हुए। घायलों को एम्बुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया।
घंटों लाइन में लगे, चक्कर आए
धार मेें पुलिस हेडकांस्टेबल लखन मकाश्रे पत्नी प्रीति व बेटे के साथ रात 11 बजे लाइन में लगे थे। सुबह 8 बजे बैरिकेड्स में तबीयत बिगड़ गई। प्रीति ने बताया कि बताने के बाद भी पुलिस जवान या अन्य ने मदद नहीं की। बैरिकेड्स से बाहर नहीं जाने दिया। लोगों ने शोर मचाया तब पुलिस ने बाहर निकाला और ई रिक्शा से लखन को लेकर अस्पताल पहुंचे। खुशी पिता माधवराव निवासी ग्वालियर भी घंटों लाइन में लगने से बीमार हुई। उन्होंने बताया कि बैरिकेड कूदकर बाहर निकलने में घायल हुईं। परिवार के लोग उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे।
कॉरिडोर में पानी के लिए परेशान हुए लोग
श्री महाकालेश्वर के दर्शन के लिए महाकाल महालोक कॉरिडोर से सामान्य श्रद्धालुओं की व्यवस्था की गई। यहां भीड़ का अत्यधिक दबाव होने से लोगों को 2 से 3 घंटे बैरिकेड्स में खड़ा होना पड़ रहा है। प्रशासन ने पीने के पानी की व्यवस्था की है लेकिन कर्मचारी लोगों को पानी देने में लापरवाही कर रहे थे।
| स्थान | भीड़ | स्थिति |
|---|---|---|
| महाकाल क्षेत्र | 5 लाख | लाल पुल तक भीड़ |
| गुदरी चौराहा | 1 लाख | सारे वाहन बंद, पैदल एंट्री |
| रामघाट | 50 हजार | वाहन बंद, पैदल एंट्री |
| गोपाल मंदिर | 20 हजार | वाहन बंद, पैदल एंट्री |
| रेलवे स्टेशन | 1 लाख | भीड़ की स्थिति |
| देवासगेट बस स्टैंड | 50 हजार | भीड़ की स्थिति |
| नानाखेड़ा | 20 हजार | भीड़ की स्थिति |
नोट: यह आंकड़े दोपहर 12 बजे तक के हैं।









