चलते ई-रिक्शा रोकने वाले BAT-BMS समेत 2 चीनी ऐप पर कार्रवाई

केंद्र सरकार ने ई-रिक्शा को चलते-चलते बंद करने के आरोपों के बाद BAT-BMS और एक अन्य संदिग्ध मोबाइल ऐप के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है। इन ऐप्स को ऐप स्टोर से हटाने के निर्देश दिए गए हैं। जांच में सामने आया कि कुछ ई-रिक्शा की लिथियम बैटरियों के Bluetooth Battery Management System (BMS) में सुरक्षा खामियां थीं, जिनका फायदा उठाकर कोई भी व्यक्ति करीब 10-15 मीटर की दूरी से बैटरी से कनेक्ट होकर पावर सप्लाई बंद कर सकता था।

BAT-BMS ऐप क्या है?
BAT-BMS एक बैटरी मॉनिटरिंग ऐप है, जिसे ब्लूटूथ आधारित लिथियम बैटरियों की चार्जिंग, वोल्टेज, तापमान और बैटरी हेल्थ देखने के लिए बनाया गया था। इसका उद्देश्य बैटरी मैनेजमेंट था, लेकिन भारत में कुछ असुरक्षित ई-रिक्शा बैटरियों के साथ इसका गलत इस्तेमाल होने लगा।
ई-रिक्शा कैसे बंद हो रहे थे?
यदि किसी ई-रिक्शा की लिथियम बैटरी का Bluetooth BMS बिना पासवर्ड या कमजोर सुरक्षा के खुला था, तो ऐप के जरिए उससे कनेक्ट होकर बैटरी का Discharge फीचर बंद किया जा सकता था। इससे मोटर तक बिजली की सप्लाई रुक जाती थी और ई-रिक्शा बीच रास्ते में बंद हो जाता था।
क्या सभी इलेक्ट्रिक वाहन खतरे में हैं?
नहीं। यह समस्या केवल उन ई-रिक्शा तक सीमित है जिनकी बैटरियों में असुरक्षित Bluetooth BMS लगा है।
- लेड-एसिड बैटरी वाले ई-रिक्शा पूरी तरह सुरक्षित हैं।
- मजबूत पासवर्ड वाले लिथियम BMS पर यह तरीका काम नहीं करता।
- इलेक्ट्रिक कारों और स्कूटरों में एडवांस एन्क्रिप्शन और सुरक्षा होने के कारण वे इस खतरे से सुरक्षित हैं।
सरकार ने क्या कार्रवाई की?
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने BAT-BMS समेत दो संदिग्ध ऐप्स को हटाने के निर्देश दिए हैं। वहीं दिल्ली परिवहन विभाग भी मामले की जांच कर रहा है और असुरक्षित बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम पर सख्त नियम बनाने पर विचार कर रहा है।
ई-रिक्शा चालकों के लिए जरूरी सुरक्षा टिप्स
- बैटरी के Bluetooth BMS पर मजबूत पासवर्ड जरूर लगवाएं।
- 1234, 0000 जैसे डिफॉल्ट पासवर्ड तुरंत बदलें।
- केवल अधिकृत डीलर से BMS सेटिंग्स अपडेट कराएं।
- यदि ई-रिक्शा अचानक बंद हो जाए तो सुरक्षित स्थान पर वाहन रोककर MCB स्विच ऑफ-ऑन करें और बैटरी की जांच कराएं।
BMS क्या होता है?
Battery Management System (BMS) लिथियम बैटरी का कंट्रोल सिस्टम होता है। यह बैटरी को ओवरचार्जिंग, ओवरहीटिंग और शॉर्ट सर्किट से बचाने के साथ उसकी परफॉर्मेंस की निगरानी करता है। आधुनिक बैटरियों में ब्लूटूथ BMS होने से मोबाइल ऐप के जरिए बैटरी की जानकारी देखी जा सकती है।









