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झांसा देकर भागा भाई, बहन के सामान का ट्रक आरक्षक ने रोका

पुलिस-फरियादी के चक्कर में ट्रांसपोर्टर है परेशान

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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। सुदामानगर का एक शख्स झांसा देकर भाग गया। इस शख्स की इंंदौर में रहने वाले वाली बहन घर का सामान लेने पहुंची तो चिमनगंज और देवासगेट थाने में पदस्थ दो आरक्षकों ने मकान की चाबी ले ली और ट्रक खड़ा करवा दिया। एएसपी शहर ने कहा कि उनकी जानकारी में मामला नहीं है, अगर पुलिसकर्मियों ने गलती की है और जांच में दोषी मिलते हैं तो उन पर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस और कस्टमर की इस लड़ाई में ट्रांसपोर्टर परेशान है। उसकी गाड़ी खड़ी है और गाड़ी मालिक दो हजार रुपए रोजाना का चार्ज मांग रहा है।

111 सुदामानगर की रहने वाली प्रेरणा पिता रमेशचंद्र मेहता इंदौर में हॉस्टल में रहती हैं। उनकी मां रक्षा मेहता ने 750 स्केवयर फीट जमीन पर दो मंजिला बने भवन का सौदा कपड़ा कारेाबारी शशांक शर्मा और शुभम शर्मा से किया है। भवन की रजिस्ट्री हो चुकी है और कब्जा भी हो चुका है। मकान का घरेलू सामान शिफ्ट करने के लिए प्रेरणा ने क्रेता शुभम शर्मा से मदद मांगी थी और उन्होंने इंदौर के न्यू यूनिक पैकर्स एवं मूवर्स को बुकिंग दी थी।

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38 हजार रुपए में सामान उज्जैन से भोपाल जाना था और इसके लिए ट्रांसपोर्टर ने ट्रक ( एमएच-18 एए 8230) भेजा था। बुधवार को लोडिंग के बाद ट्रक रवाना होने ही वाला था कि उस समय चिमनगंज थाने से आरक्षक रवि पटेल और देवासगेट प्रफुल्ल शुक्ला पहुंच गए और ट्रक रुकवा लिया। उन्होंने प्रेरणा के भाई प्रतीक पर कर्ज लेकर भागने का हवाला देते हुए मकान पर ताला जड़ दिया और ट्रक खड़ा करवाकर चाबी अपने पास रख ली। तीन दिन से ट्रक खड़ा है और ट्रांसपोर्टर परेशान हो रहा है।

मकान की रजिस्ट्री हो गई, कब्जा भी, फिर भी ताला लगा दिया: हमने रक्षा मेहता से मकान खरीदा है। रजिस्ट्री भी हो चुकी है। नामांतरण आवेदन ननि में लंबित है। कब्जा हमारे पास है। फिर भी पुलिसवालों ने मकान पर ताला डाल दिया और ट्रक खड़ा करवा लिया।
शशांक शर्मा, मकान क्रेता

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ऑनलाइन बुकिंग मिली थी: उज्जैन से घरेलू सामान भोपाल शिफ्ट करना था। ३८ हजार रुपए में पैकिंग, लोडि़ंग, अनलोडिंग और ट्रांसपोर्ट होना था। तीन दिन से गाड़ी उज्जैन में खड़ी है। मालिक रोजाना के २ हजार रुपए मांग रहा है। बुकिंग शुभम शर्मा ने की थी। हम परेशान हो रहे हैं।
योगेंद्र कुमार, संचालक न्यू यूनिक पैकर्स
एवं मूवर्स

मेरे संज्ञान में मामला नहीं है। अगर आरक्षक दोषी होंगे तो उन पर कार्रवाई होगी। आप मसला मुझे भेजिए। मैं दिखवाता हूं।
गुरुप्रसाद पाराशर, एएसपी

मैं इंदौर में रहकर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही हूं। अपना सामान लेने आई थी। सामान भरा ट्रक खड़ा करवा लिया और मकान पर ताला लगा दिया।
प्रेरणा मेहता

घरेलू सामान ले जाने के लिए प्रेरणा जी ने ट्रक बुक करने का कहा था, ऑनलाइन बुकिंग की थी। हमें क्या मालूम था कि ट्रक रोक लेंगे।
शुभम वर्मा, मकान क्रेता

आवेदन मिला था इसलिए ट्रक रुकवाया देवासगेट थाने को सौंपा

रवि पटेल चिमनगंज थाने में पदस्थ है। थाने में लोकेश चौधरी ने धोखाधड़ी का आवेदन दिया है। उससे प्रेरणा के भाई प्रतीक पर १.१० करोड़ रुपए की धोखाधड़ी की है। प्रतीक ट्रक में सामान लेकर फरार हो रहा था। इस सूचना पर ट्रक रुकवाया। चूंकि मामला देवासगेट थाने का है तो ट्रक उसे सौंप दिया है।
विवेक कनोडिय़ा
टीआई चिमनगंज

पुलिस की कार्रवाई पर इसलिए सवाल

1- लोकेश चौधरी ने 8 जुलाई को आवेदन दिया और पुलिस ने ताबड़तोड़ एक्शन ले लिया, यूं अन्य आवेदन जांच में सालों तक पेडिंग रहते हैं।

2- ट्रक में भरा सामान रक्षा मेहता, प्रेरणा मेहता का था, प्रतीक का नहीं, ऐसे में कार्रवाई क्यों की गई?

3- मकान पर आरक्षक ने ताला क्यों लगाया और ट्रक की चाबी क्यों ली?

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