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ChatGPT से गर्भगृह दर्शन का पास बनाया

सुरक्षाकर्मियों ने पकड़ा, मंदिर समिति ने भोपाल के तीन युवकों को किया पुलिस के हवाले

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अक्षरविश्व न्यूज:उज्जैन। चैट जीपीटी ने लोगों के ऑनलाइन कामों को आसान जरूर बना दिया है, लेकिन इसका दुरुपयोग जेल की हवा भी खिला सकता है। अनजान युवक के झांसे में आकर तीन लोग इसी चैट जीपीटी के कारण अब सलाखों के पीछे पहुंच गए हैं।

सुबह महाकालेश्वर मंदिर में गर्भगृह से दर्शन का पास अपने मोबाइल में लेकर तीन लोग मंदिर पहुंचे। निजी सुरक्षा कंपनी के एसओ मनोजकरण राजपूत ने पास देखे तो शंका हुई। उन्होंने मंदिर समिति के कम्प्यूटर ऑपरेटर को पास के क्यूआर कोड स्कैन कराया तो पता चला कि पास नकली हैं। शीघ्र दर्शन के पास को एडिट कर उसमें गर्भगृह दर्शन लिख दिया गया था। एसओ अपने साथी गोपाल के साथ तीनों को लेकर ड्यूटी पर तैनात सहायक प्रशासक शिवकांत पांडेय के पास पहुंचे।

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रास्ते में मिले युवक ने बनाकर दिए पास

भरत उइके का कहना है कि उन्हें ट्रेन में एक युवक मिला था। उसने महाकालेश्वर मंदिर में गर्भगृह से दर्शन के लिए पास देने की बात कही। उसने शीघ्र दर्शन पास का उसके मोबाइल में फोटो खींचा और चैट जीपीटी से एडिट कर उसे गर्भगृह दर्शन का पास बनाकर हमारे मोबाइल में डाल दिया। उसका कहना था कि इस पास के माध्यम से हम मंदिर में वीआईपी तरीके से पहुंचकर गर्भगृह से दर्शन कर सकते हैं।

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यह लिखा है पास में

पास में क्यूआर कोड, दर्शनार्थी के आधार का फोटो, एंट्री पास श्री महाकालेश्वर ज्योर्तिलिंग उज्जैन लिखा है। दर्शनार्थी का नाम, मोबाइल नंबर, टाइप ऑफ विजिट, पेमेंट टाइप, डेट ऑफ विजिट, ट्रांजेक्शन आईडी, टाइम ऑफ विजिट, स्टेट, सिटी, रजिस्ट्रेशन नंबर, आईडी प्रूफ और गेट नंबर भी है। कर्मचारियों ने बताया कि भरत उइके (20) निवासी कोलार रोड भोपाल दो अवयस्क दोस्तों के साथ गर्भगृह दर्शन पास मोबाइल में लेकर शीघ्रदर्शन लाइन से आया था।

तीनों को पुलिस को सौंपा

मंदिर समिति कर्मचारी कुलदीप सिंह ने बताया कि फर्जी पास बनाकर मंदिर आए तीनों दर्शनार्थियों को मंदिर समिति ने शिकायती आवेदन के साथ महाकाल पुलिस के हवाले कर दिया है। पुलिस का कहना है कि मंदिर समिति की ओर से आवेदन मिला है जिसकी जांच की जा रही है।

कावडिय़ों के लिए भोजन स्टाल लगाएगी महाकाल मंदिर समिति

अक्षरविश्व न्यूज|उज्जैन। श्री महाकालेश्वर मंदिर समिति इस बार भी सावन में उज्जैन आने वाले कावड़ यात्रियों को भोजन कराएगी। इसके लिए इंदौर रोड पर कैंप लगाया जाएगा।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशानुसार पिछले वर्ष श्री महाकालेश्वर मंदिर समिति ने इंदौर रोड पर बाहर से आने वाले कावड़ यात्रियों के लिए भोजन और विश्राम की व्यवस्था उपलब्ध कराई गई थी। त्रिवेणी के आगे यह व्यवस्था की गई थी। भोजन में पूड़ी, आलू की सूखी सब्जी और हलवा दिया गया था। इस साल भी ऐसी ही व्यवस्था करने की तैयारी मंदिर समिति ने शुरू कर दी है। सावन के पहले दिन से कावड़ यात्रियों के लिए भोजन और विश्राम की व्यवस्था की तैयारी मेें समिति जुट गई है।

सावन सोमवार को फरियाली भोजन

मंदिर समिति द्वारा संचालित अन्नक्षेत्र में सावन सोमवार पर इस बार भी फरियाली भोजन की व्यवस्था रहेगी। जिसमें साबूदाने की खिचड़ी, खीर, आमटी और चिप्स रहेगी। करीब १० से १२ हजार लोगों के लिए यह सामग्री बनाई जाएगी। सावन के अन्य दिनों में भी भोजनशाला में करीब दो हजार अधिक लोगों का भोजन बनेगा।

अधिकारियों से साथ नहीं रहेगी क्यूआरटी

आमतौर पर मंदिर में घूमने वक्त प्रशासक, उप प्रशासक और सहायक प्रशासक स्तर के कुछ चुनिंदा अधिकारियों के साथ निजी सुरक्षा कंपनी की क्यूआरटी (क्विक रिस्पांस टीम) के गार्ड फॉलो के रूप में चलते थे। रविवार को मंदिर में बैठक के बाद कलेक्टर रौशनकुमार सिंह ने इस व्यवस्था पर रोक लगाते हुए कहा कि क्यूआरटी जवानों से मंदिर परिसर में ड्यूटी कराइए। साथ ही अधिकारियों की ड्यूटी में तैनात ई-कार्ट भी कार्यालय के पास नहीं रहेगी। अधिकारी को छोडऩे के बाद ई-कार्ट दूसरी सेवाओं में उपयोग होगी।

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