महीने का एक शनिवार हो सकता है स्कूलों में बैगलेस डे

इस दिन विद्यार्थियों को कराई जाएगी आउटडोर एक्टिविटी, अगले महीने से हो सकता है लागू
बिहार, राजस्थान, उत्तरप्रदेश सहित कई प्रदेशों में नो बेग डे लागू है। इस दिन बच्चे स्कूल में सिर्फ एंज्वाय करते हैं। इसके परिणाम भी बेहतर आ रहे हैं।
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। शासकीय स्कूलों में कक्षा 6 से 8 वीं के विद्यार्थियों के लिए महीने में एक दिन स्कूल बैग फ्री रहेगा। इस दिन स्कूल में आर्ट एंड क्राफ्ट, पुस्तकालय, शैक्षणिक भ्रमण जैसी गतिविधियां होंगी।
राज्य शिक्षा केंद्र ने जुलाई में सभी जिलों के जिला परियोजना समन्वयक को पत्र लिखा है कि वे बैगलेस डे की गतिविधियों के संबंध में कैलेंडर तैयार करें। महीने में किसी एक शनिवार को बैगलेस डे रखा जाए जिसमें विभिन्न गतिविधियां आयोजित हों। राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा जारी पत्र में बैगलेस दिवसों में कराई जाने वाली गतिविधियों के सुझाव भी दिए हैं। प्रत्येक बैगलेस डे में अलग-अलग गतिविधियां होंगी। इसे अगस्त से लागू किया जा सकता है।
खाचरौद बीआरसी डॉ. पुष्पराज तिवारी ने बताया बैगलेस डे पर आर्ट एंड क्राफ्ट, एतिहासिक साहित्यिक एवं सांस्कृतिक, खेती की आधुनिक पद्धतियां, शैक्षणिक भ्रमण, लघु उद्योग व्यवसाय, शासकीय कार्यालयों और महत्वपूर्ण स्थानों का भ्रमण, प्लंबिंग, हथकरघा, हैंडबैग निर्माणकार्य से संबंधित विशेषज्ञों से चर्चा, पुस्तकालय के अलावा जैविक खाद, किचन गार्डन अपशिष्ट प्रबंधन आदि विषयों पर निबंध क्विज प्रतियोगिता और इनडोर आउटडोर खेल गतिविधियां करवाई जा सकती हैं।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति का हिस्सा
यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति का एक प्रमुख हिस्सा है? इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों के कंधों से भारी बैग का बोझ कम करना और उन्हें केवल रटने की बजाय करके सीखने का अनुभव देना है। इस दिन विद्यार्थियों को स्थानीय कारीगरों (जैसे बढ़ई, कुम्हार, माली आदि) से मिलने और नए कौशल को देखने-सीखने का मौका मिलता है। योग, माइंडफुलनेस, और शारीरिक गतिविधियों से जुड़े मानसिक विकास संबंधी विभिन्न प्रकार के व्यावहारिक प्रोजेक्ट्स इसमें शामिल होते हैं









