तेज बारिश के बीच निकली क्षत्रिय शौर्य पराक्रम यात्रा, लव जिहाद के खिलाफ अभियान की घोषणा

राजा हर्षवर्धन सिंह बैस की जयंती पर उमड़ा क्षत्रिय समाज, पाठ्यक्रमों में सही इतिहास और अधिक राजनीतिक प्रतिनिधित्व की मांग
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। राजा हर्षवर्धन सिंह बैस की जयंती पर क्षत्रिय समाज का अभूतपूर्व उत्साह और शौर्य देखने को मिला। अभा क्षत्रिय महासभा उज्जैन संभाग एवं बैस राजपूत समिति (ग्राम मंगरोला पंवासा) ने संयुक्त रूप से क्षत्रिय गौरव शौर्य पराक्रम यात्रा का आयोजन किया था। मौसम बदलने के कारण यात्रा के वक्त तेज बारिश शुरू हो गई, लेकिन क्षत्रिय सरदार का उत्साह तेज बारिश में भी बरकरार था। पूरे उत्साह के साथ यात्रा अपने निर्धारित मार्ग पर निकली। पारंपरिक राजपूती वेशभूषा में सजे सैकड़ों युवाओं और समाजजनों की उपस्थिति से पूरा मार्ग राजपूती आन-बान-शान से सराबोर हो उठा। यात्रा के उपरांत क्षीर सागर स्थित सम्मेलन में लव जिहाद के खिलाफ राष्ट्रव्यापी अभियान, पाठ्यपुस्तकों में इतिहास-सुधार और राजनीतिक प्रतिनिधित्व बढ़ाने जैसे कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए।
35 से अधिक मंचों से स्वागत व पुष्पवर्षा: शौर्य यात्रा सामाजिक न्याय परिसर आगर रोड से प्रारंभ होकर चामुंडा माता चौराहा, देवास गेट, मालीपुरा, दौलतगंज, फव्वारा चौक और नई सड़क होते हुए क्षीर सागर पहुंची। इस दौरान शहर के विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक, धार्मिक एवं राजनीतिक संगठनों ने 35 से अधिक स्वागत द्वार बनाकर यात्रा का गुलाब की पंखुडिय़ों से भव्य अभिनंदन किया। तेज बारिश के बावजूद क्षत्रिय सरदार, क्षत्राणियां और युवा जयघोष के साथ कदम से कदम मिलाकर चलते रहे।
शुजालपुर में स्थापित होगी 1 करोड़ की प्रतिमा
सम्मेलन के दौरान शाजापुर जिले से आए अतिथियों ने घोषणा की कि शुजालपुर तहसील में बैस राजपूत समाज के कुल शिरोमणि राजा हर्षवर्धन सिंह बैस की 1 करोड़ रुपये की लागत से एक प्रतिमा स्थापित की जाएगी। कार्यक्रम के दौरान समाज की उत्कृष्ट सेवाओं के लिए वरिष्ठ जनों और क्षत्राणियों का विशेष सम्मान किया गया। सम्मेलन को अभा क्षत्रिय महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भैरू सिंह चौहान, महिला विंग की राष्ट्रीय अध्यक्ष उषा पवार एवं महामंत्री राधा चौहान ने संबोधित किया। वरिष्ठ समाजसेवी अनूप सिंह राणा, विजय सिंह परिहार, बलबीर सिंह बैस, सदुल सिंह, महिला विंग की कार्यकारी अध्यक्ष आशा सेंगर, अनीता परिहार, जयसिंह राजपूत, राजेंद्र सिंह बैस, डॉ. जगदीश सिंह बैस, अशोक सिंह बैस, महेंद्र सिंह सेंगर, राजेंद्र सिंह चौहान, पल्लवी शुक्ला, अजय राय, कविता राय, राजपाल सिंह राजपूत आदि मौजूद रहे।
सम्मेलन में पारित प्रमुख प्रस्ताव व मांगें
यात्रा के संयोजक एवं अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा उज्जैन संभाग के अध्यक्ष महेंद्र सिंह बैस ने सम्मेलन में पारित प्रस्तावों की जानकारी देते हुए बताया कि समाज में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से लव जिहाद के विरुद्ध देशव्यापी जन-जागरुकता अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। पूर्व इतिहासकारों द्वारा समाज के विषय में फैलाई गई भ्रांतियों पर रोष व्यक्त किया गया।
मानव संसाधन विकास मंत्रालय एवं मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मांग की गई कि कक्षा 5वीं से 12वीं तक की पाठ्यपुस्तकों में राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले राजपूत राजाओं का सही व सम्मानजनक इतिहास शामिल किया जाए। इसके अलावा सम्मेलन में अपील की गई कि प्रत्येक गोपालक अपने घर में कम से कम दो गौवंश रखकर उनका पालन-पोषण करें। साथ ही केंद्र व राज्य सरकारों से राजपूत समाज को मुख्यधारा में उचित स्थान देने के लिए अधिक से अधिक राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने की मांग की गई। संचालन महेंद्र सिंह बैस ने कियाद्ध आभार मनीष सिंह बैस ने व्यक्त किया।









