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नैनोमटेरियल्स होंगे एनर्जी सेक्टर के गेम चेंजर : प्रो. अजयन वीनू

सम्राट विक्रमादित्य विवि के इंटरनेशनल सम्मेलन में स्वच्छ हाइड्रोजन ऊर्जा और फ्यूल सेल तकनीक पर चर्चा

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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय में हो रहे नेक्स्ट जेनरेशन मटेरियल्स फॉर फ्यूचर टेक्नोलॉजी इंटरनेशनल सम्मेलन एवं फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम के तीसरे दिन नैनोमटेरियल्स पर एक्सपर्ट ने बात की। ऑस्ट्रेलिया की न्यूकैसल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर एवं ग्लोबल इनोवेटिव सेंटर फॉर एडवांस्ड नैनोमटेरियल्स के निदेशक प्रो. अजयन वीनू ने कहा कि एनर्जी सेक्टर में नैनोमटेरियल्स भविष्य के गेमचेंजर होंगे।

प्रो. वीनू ने मेसोपोरस कार्बन नाइट्राइड पदार्थों के विकास एवं उन्नत फोटोकैटलिटिक जल-विभाजन और फ्यूल सेल अनुप्रयोग की जानकारी दी। वीनू ने कहा भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने में हाइड्रोजन बेस्ड टेक्नोलॉजी बेहद जरूरी है। इसमें उन्नत नैनोमटेरियल्स महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। वीनू ने बताया कि कार्बन नाइट्राइड की एटेमिक संरचना में बदलाव कर पहला मेसोपोरस विकसित किया, जिसमें अधिक नाइट्रोजन, बेहतर विद्युत चालकता और कम बैंड गैप के कारण हाइड्रोजन उत्पादन क्षमता में बढ़ोतरी हुई है। इसने कार्बन एवं सल्फर डोपिंग, ग्राफिन संयोजन क्रिस्टलीय मेसोपोरस संरचना विकसित कर कार्यक्षमता बढ़ाई है।
सम्मेलन के दौरान वैज्ञानिकों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों ने नए रिसर्च सब्जेक्ट पर एक्सपर्ट के साथ बातचीत की।

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जानिए प्रो. अजयन वीनू के बारे

प्रो. अजयन वीनू की गिनती दुनिया के बेस्ट नैनोमटेरियल वैज्ञानिकों में होती हैं। उनके 600 से अधिक रिसर्च पेपर प्रकाशित हो चुके हैं। उनके नाम 32 पेटेंट हैं । उनके रिसर्च पर 48 हजार से अधिक साइटेशन दिए जा चुके हैं। वे ऑस्ट्रेलिया, जापान, जर्मनी, चीन और भारत के नामचीन संस्थानों में काम कर चुके हैं।

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आईआईटी इंदौर की विजिट से स्टूडेंटस रोमांचित

सम्मेलन के दौरान 60 स्टूडेंटस को आईआईटी इंदौर की विजिट कराई गई। स्टूडेंटस ने वहां मौजूद रिसर्च सुविधाओं और आधुनिक एनालिटिकल उपकरणों की जानकारी हासिल की।

उज्जैन की निकिता और देवास की प्रतीक्षा ने बताया कि आईआईटी रिसर्च लैब में डीएनए फिंगरप्रिंटिंग, स्पेक्ट्रोस्कोपी, फोटोमीटर सहित कई आधुनिक वैज्ञानिक उपकरण देखें। वहां की लैबों में होने वाले रिसर्च को देखकर वैज्ञानिक रिसर्च के प्रति रुचि और बढ़ी। यूजी की पढ़ाई कर रही उज्जैन की योगिता और तेजस्विनी ने तो कई उपकरण पहली ही बार देखें थे।

आईआईटी की फैकल्टी ने एचआरएमएस , एनएमआर, स्पेक्ट्रोस्कोपी तथा सेपरेशन टेक्नीक की विस्तार से जानकारी दी। उज्जैन की जाह्नवी (उज्जैन) ने बताया कि केमिस्ट्री और फार्मास्यूटिकल्स के उन्नत उपकरण देखना बेहद प्रेरणादायक अनुभव रहा। जिन तकनीकों को सिर्फ पढ़ा था, उन्हें प्रयोगशाला में प्रयुक्त होते भी देखा। एनएमआर, क्रोमेटोग्राफी, लेजर आधारित उपकरणों सहित कई आधुनिक मशीनों की कार्यप्रणाली, उपयोग और लागत की विशेषज्ञों ने विस्तार से जानकारी दी।

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