Advertisement

जननेता पारस जैन पंचतत्व में विलीन

सीएम डॉ. यादव ने पुष्प चक्र अर्पित किए, जनसैलाब उमड़ा अंतिम यात्रा में , तीन किलोमीटर का सफर तय करने में अंतिम यात्रा को लगे दो घंटे

Advertisement

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। भाजपा के दिग्गज नेता और पूर्व मंत्री पारस जैन सोमवार को चक्रतीर्थ पर पंचतत्व में विलीन हो गए। उनकी अंतिम यात्रा में सैलाब उमड़ पड़ा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी शोक जताने पहुंचे। उन्होंने उत्तमनगर स्थित जैन के निवास पर जाकर निधन पर गहरा शोक जताया। दोपहर करीब 40 मिनट के लिए शहर आए डॉ. यादव ने जैन की पार्थिव देह पर पुष्प चक्र अर्पित किए और बेटे संदेश तल्लेरा (जैन )और परिजन को सांत्वना दी।

छह बार उज्जैन की उत्तर विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करने वाले जैन की अंतिम यात्रा दोपहर २ बजे शुरू हुई। भाजपा के ध्वज में उनकी पार्थिव देह को लपेटा गया। अंतिम यात्रा कोयला फाटक, चेरिटेबल अस्पताल के सामने, अंकपात मार्ग, पीपलीनाका से होते हुए चक्रतीर्थ पहुंची। जहां से भी यात्रा गुजरी लोगों ने रास्ता फूलों से पाट दिया। नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने पीपलीनाका चौराहे पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। तीन किलोमीटर का सफर तय करने में अंतिम यात्रा को दो घंटे लगे। सीएनजी प्लांट में अंतिम संस्कार किया गया।

Advertisement

जगह-जगह पार्थिवदेह पर पुष्पवर्षा, बेटे संदेश ने पूरी की अंतिम संस्कार की प्रक्रिया

सीएनजी से अंतिम संस्कार

Advertisement

पार्थिव देह का अंतिम संस्कार सीएनजी से किया गया। पुत्र संदेश ने मुखाग्रि दी । चक्रतीर्थ हॉल में पूर्व सांसद डॉ. सत्यनारायण जटिया की अध्यक्षता में शोकसभा आयोजित की गई। महापौर मुकेश टटवाल, उच्चशिक्षा मंत्री इंदरसिंह परमार, तपन भौमिक, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, तेजबहादुरसिंह चौहान, महेश परमार, जैन समाज के मध्यप्रदेश प्रमुख रमेश धारीवाल, भाजपा नगर अध्यक्ष संजय अग्रवाल, वरिष्ठ कांग्रेस नेता मनोहर बैरागी, गुरु अखाड़े से जुड़े रविप्रकाश लंगर, आरएसएस के अशोक भंडारी, अनिल गंगवाल आदि ने शोक सभा को संबोधित किया। सभी ने पारसजी को जननेता बताया और अपनी स्मृतियां साझा की। हर किसी के पास पारस जी से जुड़ा एक संस्मरण था। सभी का कहना था कि वह कार्यकर्ता पैदा करने वाले संगठक थे। उन्हें जब भी जो भी दायित्व मिला, उसका निर्वहन उन्होंने बखूबी किया। वह कहते थे कि कार्यकर्ता ही चुनाव जीताता है और उसकी कद्र हम सबको करनी चाहिए।

यह भी थे प्रमुख रूप से उपस्थित
प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, पूर्व संगठन मंत्री राकेश डागोर, यूडीए अध्यक्ष डॉ रवि सोलंकी, विधायक जितेंद्र पंडया, वक्फ बोर्ड अध्यक्ष सनवर पटेल, पूर्व यूडीए अध्यक्ष जगदीश अग्रवाल, भाजपा प्रवक्ता राजेंद्र भारती, रूप पमनानी, वीरेंद्र कावडिय़ा, अशोक कोटवानी, विजय केवलिया, केसरसिंह पटेल, मदन सांखला, सुरेंद्र चतुर्वेदी, इकबालसिंह गांधी, अशोक प्रजापत, राजशेखर व्यास, कोमल भूतड़ा, दिनेश हरभजनका, हातिम भाई हररवाला, संजय ठाकुर, भूपेंद्र दलाल, सोनू गेहलोत, संजीव जैन , रजत मेहता, राकेश पंडया, आदि।

जैन लोकप्रिय नेता थे

सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि पारस जी वरिष्ठ एवं लोकप्रिय नेता थे। जनता के बीच उनकी गहरी पैठ थी। उन्होंने राजनीति के साथ-साथ सामाजिक क्षेत्र में भी सराहनीय कार्य किए। एक अच्छे पहलवान और सर्वोदयी इंसान के रूप में वे हमेशा याद किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल से दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने एवं शोकाकुल परिजन को यह असीम दु:ख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।

मरणोपरांत नेत्रदान, दो दृष्टिहीन को मिलेगी रोशनी: पारस जी ने जीवनकाल में ही मरणोपरांत नेत्रदान की घोषणा की थी। उनके नेत्रदान किए गए। दो दृष्टिहीन को यह नेत्र नई दृष्टि देंगे।

उठावना और शोक बैठक कल
उठावना बुधवार को होगा। अरविंदनगर स्थित मनोरमा गार्डन में सुबह १०.३० बजे पहले उठावना और उसके बाद सद्भावना सभा होगी। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराजसिंह चौहान के इसमें शामिल होने की उम्मीद है।

Related Articles

📢 पूरी खबर पढ़ने के लिए

बेहतर अनुभव के लिए ऐप का उपयोग करें

ऐप में पढ़ें
ऐप खोलें
ब्राउज़र में जारी रखें