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उज्जैन में गोवर्धन ब्रांड का 156 लीटर घी जब्त, बिक्री पर रोक, विज्ञापन में दिखते हैं अमिताभ बच्चन

फूड कंट्रोलर के आदेश पर मिलावटी घी पर शुरू हुई प्रदेशभर में कार्रवाई, अन्य ब्रांड का 1116 लीटर घी भी जब्त हुआ

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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। फूड एवं कंट्रोल विभाग ने प्रदेश में गोवर्धन घी की खरीदी बिक्री पर रोक लगा दी है। बिग बी के नाम से ख्यात अमिताभ बच्चन इस ब्रांड के विज्ञापन में दिखते हैं। आदेश के बाद उज्जैन में इस ब्रांड का 156 और अन्य ब्रांड का 1116 लीटर घी जब्त किया गया है। हार्ट स्पेशलिस्ट के अनुसार मिलावटी घी हृदय के लिए खतरनाक है और यह हार्ट अटैक का कारण बना सकता है। प्रदेश के फूड एंड ड्रग कंट्रोलर का कहना है कि मानव स्वास्थ्य के घातक खाद्य सामग्रियों की बिक्री नहीं होने दी जाएगी। इसे लेकर लगातार अभियान चलेगा। लोग उन तक सीधे सूचना दे सकते हैं।

इंदौर की फर्म पराग मिल्क फूड्स लिमिटेड गोवर्धन ब्रांड नेम से बाजार में घी सप्लाई करती है। प्रदेश के घी मार्केट में कंपनी की हिस्सेदारी करीब 35 फीसदी है। हाल ही गोवर्धन ब्रांड के 20 सैंपल जांच में फेल हो गए हैं। ऐसे में घी की खरीदी-बिक्री रोक लगा दी गई है। फूड एंड ड्रग कंट्रोलर के आदेश के बाद खाद्य विभाग की टीम ने प्रदेश भर में अमानक घी की जब्ती की कार्रवाई शुरू की है। इसी के तहत उज्जैन में 1272 लीटर घी जब्त किया गया। इसमें गोवर्धन ब्रांड का 156 लीटर घी भी शामिल है।

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दौलतगंज और इंदौरगेट की फर्म पर कार्रवाई

उज्जैन में फूड विभाग की टीम ने दौलतगंज स्थित सेवकराम घनश्यामदास फर्म से धोलपुर फ्रेश प्रीमियम क्वालिटी देसी घी जब्त किया। 180, 450, 900 एमएल तथा 15 किलो पैक में जब्त यह घी इंदौर के नवलखा स्थित भोले बाबा मिल्क फूड प्रोडक्ट से खरीदा गया था। 1116 लीटर घी की कीमत 6 लाख 90 हजार 70 रुपए है। इसी तरह इंदौर गेट स्थित श्री शिवम इंटरप्राइजेस से गोवर्धन घी जब्त किया गया। 500 एमएल और एक लीटर की पैकिंग वाले इस घी की खरीदी पराग मिल्क फूड्स लिमिटेड इंदौर से की गई थी। 156 लीटर घी की कीमत 1 लाख 20 हजार 372 रुपए है। दोनों जगह से सैंपल लेकर फूड प्रयोगशाला भेजे गए हैं।

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मिलावटी घी का उपयोग हार्ट के लिए खराब, गाय का घी ठीक
मिलावटी घी हार्ट के लिए नुकसानदायक है, क्योंकि इसमें फैट और बैड कोलेस्ट्रॉल (एलडीएल) होता है। गाय का घी हार्ट के लिए ठीक है, क्योंकि इसमें अच्छा कोलेस्ट्रॉल (एचडीएल) होता है। आयुर्वेदिक दवाओं में गाय का घी का इसी लिए प्रयोग किया जाता है। बैड कोलेस्ट्रॉल से धमनियां ब्लॉक हो सकती हैं और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। हैमरेज की समस्या भी हो सकती है। अच्छे घी से हार्मोन एवं एंजाइम्स का फ्लो बढ़ता है और यह बॉडी के लिए ठीक होता है।
डॉ. अनुराधा दुबे, हार्ट स्पेशलिस्ट

एसेंस मिलाने से घी में मिलावट की पहचान आसान नहीं
देसी घी में अब मिलावट की पहचान करना आसान नहीं है। पहले हाथ के अंगूठे पर घी घिसकर खुशबू से उसकी पहचान करते थे, पर अब ऐसे एसेंस हैं कि खुशबू का पता नहीं चलता। एकमात्र पैमाना लैब की जांच है। हम इसी पैमाने पर घी परखते हैं। 6 फैट वाले 100 लीटर दूध में 6 किलो शुद्ध घी तैयार होता है। अगर फैट 8 तक हो तो 8 किलो घी बनता है। इस हिसाब से घी की लागत 700 रुपए किलो तक आती है।
कृष्णा यादव
संचालक कृष्णा, श्री कृष्ण-बलराम,
और मां नर्मदा डेयरी (चुन्नी पहलवान)

पूरे प्रदेश में चल रहा है अभियान
पूरे प्रदेश में मानवीय हेल्थ को नुकसान पहुंचाने वाली खाद्य सामग्रियों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। शुरुआत घी से हुई है। फूड विभाग का मकसद आम आदमी तक शुद्ध सामग्री पहुंचाना है। ऐसे में खाद्य सामग्रियों की जांच करवाई जा रही हैं और जिनके सैंपल फेल हो रहे हैं, उनकी खरीदी-बिक्री पर रोक लगा रहे हैं। यह अभियान आगे भी हर तरह की खाद्य सामग्री को लेकर लगातार चलता रहेगा।
मनोज पुष्प, कंट्रोलर फूड एंड ड्रग्स

सांची का घी शुद्धता से बनता है
उज्जैन दुग्ध संघ का सांची घी पूरी शुद्धता से तैयार होता है। इसकी शुरुआत दूध की जांच से होती है। यह देखा जाता है कि दूध प्राकृतिक है कि नहीं, अगर वह सिथेंटिक या अप्राकृतिक होता है तो उसे रिजेक्ट कर देते हैं। जीसी (गैस क्रोमेटोग्राफी) मशीन से भी कई पैरामीटर पर घी को परखते हैं। ब्रांड की नकल कोई नहीं कर सके, इसके लिए पैकेजिंग पर क्यूआर कोड और होलोग्राम तक लगाते हैं।
धनराज खत्री, सीईओ, उज्जैन दुग्घ संघ

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