सख्ती : वंदे मातरम् के अपमान पर होगी तीन साल तक की सजा

नई दिल्ली, एजेंसी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के गायन में जानबूझकर बाधा डालने या उसे रोकने को अपराध बनाने वाले विधेयक को मंजूरी दे दी। अब वंदे मातरम् के अपमान पर तीन साल तक की सजा हो सकती है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मंजूरी मिलने बाद राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026 कानून बन गया है। इससे पहले लोकसभा में 30 जुलाई को यह विधेयक पारित हुआ था, जबकि राज्यसभा ने इसे एक दिन पहले ही मंजूरी दे दी थी। इस कानून के तहत वंदे मातरम् को राष्ट्रगान जन गण मन के समान दर्जा प्राप्त हुआ है। अब इसमें व्यवधान डालने पर सजा होगी। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस समारोह में पहली बार लालकिले की प्राचीर से राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् गाया जाएगा।
स्कूलों में राष्ट्रगीत से दिन की शुरुआत
गृह मंत्रालय ने एक आदेश में पहली बार राष्ट्रगीत के गायन के लिए प्रोटोकॉल तय किया था। इसमें निर्देश था कि वंदे मातरम् के छह अंतरे, तीन मिनट 10 सेकंड में पूरे होंगे। राष्ट्रपति के आगमन, राष्ट्रीय ध्वज फहराने और राज्यपालों के भाषण जैसे आधिकारिक कार्यक्रमों में गाए जाएंगे। जब राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान दोनों गाए या बजाए जाएं, तो सबसे पहले राष्ट्रगीत गाया या बजाया जाएगा। सभी स्कूलों में दिन की शुरुआत राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के सामूहिक गायन के साथ की जाएगी।









