वरिष्ठ भाजपा नेता जगदीश अग्रवाल सिंहस्थ मेला प्राधिकरण अध्यक्ष बने

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। सिंहस्थ -2028 का आयोजन वरिष्ठ भाजपा नेता, यूडीए और नगर भाजपा के पूर्व अध्यक्ष जगदीश अग्रवाल के नेतृत्व में होगा। सरकार ने उन्हें सिंहस्थ मेला प्राधिकरण अध्यक्ष बनाया है। बुधवार को नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने उनकी नियुक्ति के आदेश जारी किए।
एबीवीपी से अपने राजनैतिक करियर की शुरुआत करने वाले अग्रवाल माधव साइंस कॉलेज में छात्रसंघ अध्यक्ष रह चुके हैं। भाजपा नगर अध्यक्ष के तौर पर उनके कार्यकाल को अभी भी याद किया जाता है। यूडीए में अध्यक्ष रहते हुए उन्होंने अटल स्मृति उद्यान का निर्माण कराया था। उनका सबसे महत्वकांक्षी प्रोजेक्ट कानीपुरा में आवासीय योजना लाने का था। इसके माध्यम से वह उज्जैन उत्तर क्षेत्र में यूडीए को मजबूत शुरुआत देने वाले थे। हालांकि उनका कार्यकाल पूरा हो गया था।
आरएसएस के कैडर से आने वाले अग्रवाल की गिनती भाजपा के उन नेताओं में होती है, जो कभी किसी गुट से नहीं बंधे। अग्रवाल के लिए संगठन सबसे पहले होता है और यहीं कारण है कि उन्हें संगठन स्तर पर भी महत्वपूर्ण दायित्व दिए जाते रहे हैं। सीएम डॉ. मोहन यादव ने उनको सिंहस्थ मेला प्राधिकरण का अध्यक्ष बनाकर इस बात का संकेत दिया है कि वह धमाकेदार सिंहस्थ कराना चाहते हैं।
सिंहस्थ के काम समय पर पूरा करना सबसे बड़ी चुनौती, अच्छे सुझाव का स्वागत- जगदीश अग्रवाल
सिंहस्थ मेला प्राधिकरण के नए अध्यक्ष से अक्षरविश्व की खास चर्चा
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। सिंहस्थ मेला प्राधिकरण के नए अध्यक्ष जगदीश अग्रवाल ने कहा कि सीएम ने सिंहस्थ के लिए खजाना खोल रखा है। 20 हजार करोड़ के निर्माण काम समय पर पूरा करने उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती है। सफल सिंहस्थ के लिए हर अच्छे सुझाव का वह स्वागत करते हैं। जल्दी ही प्रबुद्धजन से इस संबंध में बात की जाएगी। अग्रवाल गुरुवार को अक्षरविश्व से बात कर रहे थे। पेश है सुबह की सैर पर उनसे हुई बातचीत के संपादित अंश।
Q. सिंहस्थ के लिए आपके सामने सबसे बड़ी तीन चुनौती क्या है?
A. पहली चुनौती 20 हजार के निर्माण कार्यों को समय पर पूरा करने की है। दूसरी कामों की बेहतर क्वालिटी की गारंटी और तीसरी श्रद्धालुओं और साधु-संतों के लिए बेहतरीन सुविधा जुटाने की है।
Q. चौड़ीकरण में मुआवजा नहीं मिलना बड़ी समस्या है, कैसे निपटेंगे?
A. नगरनिगम चौड़ीकरण में मुआवजा नहीं देने का प्रावधान पूरे प्रदेश के लिए है, बावजूद इसके सीएम डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन को रियायत दी है। उन्होंने टीडीआर खरीदी करने का सुझाव दिया है।
Q. विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा ने पुराने शहर की तीन और सड़कों के चौड़ीकरण का सुझाव दिया है, क्या यह होना चाहिए ?
A. विधायक का प्रस्ताव बहुत अच्छा है। अगर यह तीन रोड चौड़े होते हैं तो पुराने शहर में ट्रैफिक जाम की समस्या करीब-करीब पूरी तरह खत्म हो जाएगी। बस हमें यह देखना है कि सिंहस्थ तक यह हो सकता है या नहीं। एजेंसियों से इस संबंध में बात करेंगे। अगर यह हो सकता है तो इसे जरूर करेंगे। हालांकि चौड़ीकरण से बहुत लोग प्रभावित होंगे।
Q. सिंहस्थ क्षेत्र में पाइपलाइन बिछाई जानी है। किसान खफा हैं। कैसे करेंगे?
A.कोई दिक्कत नहीं आएगी। क्योंकि पाइपलाइन जमीन के बहुत अंदर डलेगी। किसानों से सहमति बन चुकी है। उन्होंने अब तक तो आपत्ति दर्ज नहीं कराई है। फिर भी आती हैं तो हम उन्हें मना लेंगे।
Q. निर्माण एजेंसियों के बीच अभी समन्वय नहीं दिखता है, इसे कैसे बनाएंगे ?
A. ऐसा नहीं है। अधिकतर जगह समन्वय से ही काम हो रहा है। ब्यूरोक्रेसी ने समन्वय बना रखा है। फिर भी अगर कहीं कमी दिख रही है तो उसे ठीक करेंगे।
Q. आरोप लगते हैं कि ब्यूरोक्रेसी सिंहस्थ कामों में बहुत हावी है, इसे कैसे रोकेंगे ?
A. ऐसा नहीं है। ब्यूरोक्रेसी अपना काम कर रही है। उनका काम ही मॉनिटरिंग का है। वह वही कर रहे हैं। सिंहस्थ के काम जनप्रतिनिधि भी देख रहे हैं, आगे भी देखेंगे। खुद सीएम समय-समय पर कामों का अवलोकन कर रहे हैं।
Q. प्रबुद्धजन कहते कि सिंहस्थ को लेकर उनके सुझाव नहीं लिए जाते हैं, आप क्या करेंगे?
A. ऐसा नहीं है। अभी भी सुझाव लिए जा रहे हैं। आगे भी लिए जाएंगे। इस व्यवस्था को हम और ठीक करेंगे। मैं खुद सिंहस्थ कार्यालय में बैठूंगा। लोगों को बुलाकर सुझाव भी लूंगा। हर अच्छे सुझाव का स्वागत है।









