श्री महाकालेश्वर की तीसरी सवारी आज शिव ताडंव स्वरूप मेें निकलेंगे

शाम 4 बजे सवारी : बैंड प्रदर्शन रहेगा आकर्षण का केंद्र
महाकाल ने धारण किया वासुकि नाग
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। सावन के तीसरे सोमवार पर आज शाम ४ बजे भगवान श्री महाकालेश्वर की सवारी निकलेगी। जिसमें श्री चंद्रमौलेश्वर पालकी में, श्री मनमहेश हाथी पर और श्री शिव-तांडव प्रतिमा गरुड़ रथ पर विराजित रहेगी। इस बार सवारी का थीम बैंड प्रदर्शन है। जिसमें महाकाल मंदिर के बैंड के साथ ही पुलिस, आर्मी, होमगार्ड, विद्यालयीन एवं निजी बैंड अपनी प्रस्तुति देंगे। जो कि सवारी की प्रमुख आकर्षण रहेगा। सवारी अपने परंपरागत मार्ग से निकलेगी। तैयारी के लिए प्रशासन ने सवारी मार्ग पर सुबह से ही वाहनों का आवागमन रोक दिया था। सिर्फ पैदल यात्री ही गुजर रहे थे।
1950 के श्रावण मास में निकाली गई पहली सवारी का फोटो…
दूसरे सोमवार को भगवान महाकाल की सवारी का लगभग 75 वर्ष पुराना फोटो प्रकाशित किया था। आज पेश है भगवान महाकाल की 1950 के श्रावण मास में निकाली गई पहली सवारी का फोटो। भगवान महाकाल जी की फूलों से आच्छादित प्रतिमा इतनी ऊंची विराजित की जाती थी कि दूर से भी राजाधिराज के दर्शन आसानी से हो जाते थे। प्रतिमा पर नाग-फणों की छाया एवं छत्र स्पष्टत: देखे जा सकते थे। आज यह स्थिति दुर्लभ है।









