स्कूल शिफ्टिंग : अफसरों की सांसद ने फोन पर ली क्लास
कहा किससे पूछ कर शिफ्टिंग की

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। बगैर जानकारी मेंं लाए चारधाम क्षेत्र स्थित सराफा गल्र्स हायर सेकंडरी स्कूल को शिफ्ट करने पर सांसद अनिल फिरोजिया का गुस्सा रविवार को फट पड़ा। संसद के मानसून सत्र की समाप्ति के बाद शहर पहुंचे सांसद ने फोन पर ही शिक्षा विभाग के अफसरों की क्लास ले डाली। उन्होंने कहा कि आखिर किससे पूछकर स्कूल शिफ्ट कर रहे हों, क्या इस शहर में सांसद-विधायक नहीं हैं।
दरअसल, चारधाम क्षेत्र स्थित सराफा गल्र्स हायर सेकंडरी की शिफ्टिंग का विवाद राष्ट्रीय स्तर पर छाया हुआ है।स्कूल की जेन-जी और जेन-अल्फा पीढ़ी की छात्राएं उज्जैन शहर से करीब 12-15 किलोमीटर दूर स्थित दाऊदखेड़ी सांदीपनि स्कूल (राइज) के भवन में जाने को तैयार नहीं हैं। यह पढऩे वाली अधिकतर छात्राएं निम्न वर्गीय या निम्न मध्यमवर्गीय परिवारों की हैं। अधिकांश के अभिभावक दिहाड़ी या छोटी-मोटी नौकरी करते हैं। काम के सिलसिले में वह घर से बाहर रहते हैं।
ऐसे में बच्चियों को स्कूल भेजना उनके लिए बहुत बड़ी चुनौती है। सराफा हायर सेकंडरी स्कूल उनकी पहुंच के दायरे में होने से वह बच्चियों को पढऩे भेज देते हैं लेकिन दाउदखेड़ी सांदीपनि की दूरी अधिक होने से वे कतरा रहे हैं। उनको लगता है कि बस सुविधा स्थगित होने की स्थिति में वह बच्चियों को कैसे स्कूल भेज पाएंगे? यही कारण है कि पिछले साल से चल रही स्कूल शिफ्टिंग की प्रक्रिया के बीच अब तक 165 छात्राओं ने सराफा स्कूल छोड़ दिया है। इनमें से 80 ने अन्य स्कूलों में एडमिशन लिया है, जबकि 85 अभी कहां हैं और क्या कर रही हैं, इसका पता नहीं है।
डीईओ से फोन पर कहा – इस शहर में सांसद-विधायक नहीं हैं क्या ?
सांसद अनिल फिरोजिया ने रविवार को इस मसले पर डीईओ से फोन पर बात की और कहा कि आखिर किससे पूछकर स्कूल की शिफ्टिंग की जा रही है? इस शहर में सांसद-विधायक नहीं हैं क्या? जब डीईओ ने शिफ्टिंग के लिए जिला मॉनिटरिंग समिति के फैसले का हवाला दिया तो सांसद ने उनसे ही यह पूछ लिया कि यह कौनसी कमेटी है, जिसमें सांसद-विधायक नहीं है?
सांसद ने कहा कि स्कूल स्थानांतरण का इश्यू छात्राओं की शिक्षा, सुरक्षा और सुविधा से जुड़ा है और आप लोग सांसद एवं जनप्रतिनिधियों को जानकारी दिए बिना कैसे इतना बड़ा फैसला कर सकते हैं?
उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्र में सालों से संचालित बालिका विद्यालय की शिफ्टिंग से छात्राओं को आने-जाने में परेशानी होगी। उनकी सुरक्षा, परिवहन को लेकर अभिभावकों की परेशानी जायज है। बेटियों की शिक्षा से जुड़ा कोई भी फैसला करते समय सुविधा और सुरक्षा का खास ख्याल रखना चाहिए। सासंद ने डीईओ को शिफ्टिंग की जगह कोई और समाधान निकालने के निर्देश दिए।









