Advertisement

दुर्लभ कछुओं की तस्करी करते दो गिरफ्तार, 30 कछुए बरामद

STSF की कार्रवाई में इंडियन स्टार टॉर्टॉइज समेत तीन संरक्षित प्रजातियां बरामद, तीन मोबाइल भी जब्त

Advertisement

अक्षरविश्व न्यूज इंदौर। दुर्लभ और संरक्षित वन्यजीवों की तस्करी के खिलाफ स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स (STSF) की इंदौर इकाई ने बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने अवैध रूप से तस्करी किए जा रहे 30 दुर्लभ कछुओं को बरामद कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी इंदौर के मुसाखेड़ी क्षेत्र के रहने वाले हैं। कार्रवाई के दौरान उनके कब्जे से तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। आरोपियों से पूछताछ कर कछुओं की तस्करी से जुड़े नेटवर्क का पता लगाया जा रहा है।

तीन प्रजातियों के कछुए बरामद

Advertisement

वन विभाग के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रोहन गौड़, पिता कमल गौड़ और केशव शर्मा, पिता विमल शर्मा के रूप में हुई है। टीम ने आरोपियों के पास से 14 इंडियन स्टार टॉर्टॉइज (Geochelone elegans), 10 इंडियन रूफ्ड टर्टल (Pangshura tectoria) और 6 स्पॉटेड पोंड टर्टल (Geoclemys hamiltonii) बरामद किए हैं।

STSF के मुताबिक, आरोपी संगठित तरीके से दुर्लभ वन्यजीवों का अवैध व्यापार और तस्करी कर रहे थे। बरामद सभी कछुए वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची-1 के तहत संरक्षित हैं।

Advertisement

वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत केस

मामले में वन अपराध क्रमांक 3951/02, दिनांक 19 अगस्त 2026 दर्ज किया गया है। आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। वन विभाग के अनुसार, इस तरह के अपराध में तीन से सात वर्ष तक की सजा और न्यूनतम 25 हजार रुपए जुर्माने का प्रावधान है।

फॉरेस्ट रिमांड पर लेकर पूछताछ

गिरफ्तार दोनों आरोपियों को विशेष न्यायालय, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट इंदौर के समक्ष पेश किया गया। न्यायालय से फॉरेस्ट रिमांड मिलने के बाद उनसे पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कछुए कहां से लाए गए थे और इन्हें आगे किसे सप्लाई किया जाना था। पूछताछ के आधार पर तस्करी से जुड़े अन्य लोगों के नाम सामने आने की संभावना है।

पालतू व्यापार और अंधविश्वास से जुड़ी मांग

कछुओं की तस्करी के पीछे मुख्य रूप से अवैध पालतू पशु व्यापार, पारंपरिक उपचार, अंधविश्वास और मांस की मांग को प्रमुख कारण माना जाता है। दुर्लभ प्रजातियों के कछुओं की अंतरराष्ट्रीय अवैध बाजार में ऊंची कीमत के चलते इनके तस्करी नेटवर्क सक्रिय रहते हैं। वन विभाग और STSF ऐसे मामलों में सूचना के आधार पर लगातार कार्रवाई कर रहे हैं।

Related Articles

📢 पूरी खबर पढ़ने के लिए

बेहतर अनुभव के लिए ऐप का उपयोग करें

ऐप में पढ़ें
ऐप खोलें
ब्राउज़र में जारी रखें