रात 9 बजे के बाद खाना खाने की आदत पड़ सकती है भारी

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में देर रात खाना खाना एक आम आदत बन गई है। ऑफिस का काम, ट्रैफिक, मोबाइल और टीवी के ज्यादा इस्तेमाल के कारण कई लोग रात 9 या 10 बजे के बाद ही डिनर कर पाते हैं। हालांकि यह आदत सामान्य लग सकती है, लेकिन लंबे समय तक ऐसा करना सेहत पर असर डाल सकता है।
देर रात खाना खाने से सिर्फ पाचन ही प्रभावित नहीं होता, बल्कि इसका असर नींद, वजन और दिल की सेहत पर भी पड़ सकता है। आइए जानते हैं कि रात में देर से खाना खाने से शरीर पर क्या प्रभाव पड़ सकता है।
देर रात खाना खाने से बढ़ सकता है दिल की बीमारी का खतरा
रात में देर से खाना खाने की आदत शरीर के सामान्य संतुलन को प्रभावित कर सकती है। इससे ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर को नियंत्रित करने की प्रक्रिया पर असर पड़ सकता है।
लंबे समय तक यह आदत बनी रहने से मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर, टाइप-2 डायबिटीज और हार्ट से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।
वजन बढ़ने की हो सकती है वजह
रात में शरीर की गतिविधियां कम हो जाती हैं और मेटाबॉलिज्म भी धीमा हो जाता है। ऐसे में देर रात ज्यादा कैलोरी वाला खाना खाने से शरीर अतिरिक्त कैलोरी को आसानी से इस्तेमाल नहीं कर पाता, जिससे फैट जमा होने की संभावना बढ़ सकती है।
नींद की गुणवत्ता हो सकती है खराब
खाना खाने के तुरंत बाद सोने से एसिडिटी, सीने में जलन और अपच जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसके अलावा पेट भारी होने से नींद बार-बार टूट सकती है।
अच्छी नींद न मिलने का असर तनाव, ऊर्जा और पूरे स्वास्थ्य पर पड़ सकता है।

रात का खाना कितने बजे खाना बेहतर है?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, रात का खाना शाम 7 से 8 बजे के बीच कर लेना बेहतर माना जाता है। इसके अलावा डिनर और सोने के बीच कम से कम 2 से 3 घंटे का अंतर होना चाहिए। रात का खाना हल्का और संतुलित रखें। डिनर में दाल, सब्जियां, सलाद, सूप, मल्टीग्रेन रोटी या हल्की खिचड़ी जैसी चीजें शामिल की जा सकती हैं। वहीं ज्यादा तला-भुना, तेल वाला और मीठा खाना खाने से बचना चाहिए।









