बात-बात पर झूठ बोलता है बच्चा? डांटने से पहले जानें ये वजह

बच्चों का छोटी-छोटी बातों पर झूठ बोलना कई माता-पिता के लिए चिंता की वजह बन जाता है। कई बार पेरेंट्स इसे बच्चे की बुरी आदत मानकर डांटने लगते हैं। लेकिन हर बार झूठ बोलने के पीछे गलत इरादा हो, ऐसा जरूरी नहीं है। उम्र, डर, ध्यान पाने की इच्छा और घर का माहौल भी इसकी वजह हो सकता है।
बच्चे झूठ क्यों बोलते हैं?
1. डांट या सजा का डर
अगर बच्चे को लगता है कि सच बोलने पर उसे डांट पड़ेगी या सजा मिलेगी, तो वह खुद को बचाने के लिए झूठ बोल सकता है। उदाहरण के लिए, होमवर्क न करने या कोई चीज तोड़ देने पर बच्चा डर की वजह से सच छिपा सकता है। ऐसे में बच्चे को डराने के बजाय यह भरोसा दिलाना जरूरी है कि गलती बताने पर उसकी बात सुनी जाएगी।
2. परफेक्ट बनने का दबाव
कई बार माता-पिता बच्चों से अच्छे नंबर, अच्छा व्यवहार और हर काम में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद करते हैं। जब बच्चा लगातार तुलना या परफेक्ट बनने के दबाव में रहता है, तो वह अपनी गलतियों को छिपाने के लिए झूठ बोल सकता है। इसलिए बच्चे की तुलना दूसरे बच्चों से करने के बजाय उसकी कोशिश और सुधार पर ध्यान देना बेहतर है।
3. ध्यान पाने की कोशिश
कुछ बच्चे माता-पिता या दोस्तों का ध्यान पाने के लिए भी झूठ बोल सकते हैं। उन्हें लगता है कि अगर वे कोई खास या बड़ी बात बताएंगे तो लोग उनकी ओर ज्यादा ध्यान देंगे। अगर बच्चा बार-बार ऐसा कर रहा है, तो उसके साथ थोड़ा ज्यादा समय बिताने और उसकी बातें ध्यान से सुनने की कोशिश करें।
छोटी उम्र में झूठ बोलना हमेशा गंभीर बात नहीं
छोटे बच्चे कई बार अपनी कल्पना और वास्तविकता में अंतर नहीं कर पाते। खासकर कम उम्र में वे अपनी कल्पना को सच की तरह बता सकते हैं। जैसे-जैसे बच्चा बड़ा होता है, उसे धीरे-धीरे सच और झूठ का फर्क समझ आने लगता है।
पेरेंट्स क्या करें?
बच्चे के झूठ बोलने पर तुरंत गुस्सा या सजा देने के बजाय पहले यह समझने की कोशिश करें कि उसने ऐसा क्यों किया। उसे बताएं कि सच बोलना क्यों जरूरी है और जब वह सच बोले तो उसकी तारीफ करें। सबसे जरूरी बात यह है कि घर में ऐसा माहौल बनाएं जहां बच्चा अपनी गलती या परेशानी बिना डर के बता सके।
याद रखें बच्चे को सिर्फ झूठ न बोलने की सीख देना काफी नहीं है। उसके झूठ के पीछे छिपे डर, दबाव या जरूरत को समझना भी उतना ही जरूरी है।









