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पर्यूषण में पहल : जैन समाज तक रोज पहुंच रहे 900 चंदन टिफिन

साधना में लीन लोगों के लिए नि:शुल्क भोजन सेवा शुरू

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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। पर्यूषण पर्व के दौरान रात्रि भोजन त्यागने वालों के लिए शहर के युवाओं ने नई पहल की है। इसके तहत वे जैन समाज के लोगों तक नि:शुल्क चंदन टिफिन पहुंचा रहे हैं। रोजाना 900 लोग इस सेवा का लाभ रहे हैं।
श्वेतांबर जैन समाज के पयुर्षण पर्व मंगलवार से शुरू हुए हैं। यह अगले 5 दिन और चलेंगे। चूंकि पयुर्षण में जैन समाज रात्रि में भोजन वर्जित है। ऐसे में उन लोगो की मुसीबत बढ़ जाती है, जो व्यापार जगत से जुड़े होते हैं। इन लोगों का घर पहुंचना संभव नहीं होता, ऐेसे में समाज के कुछ युवाओं ने चंदन टिफिन की सेवा शुरू की है। आचार्य विश्वरत्न सागर जी की प्रेरणा से पांच साल पहले शुरू की गई सेवा में उन लोगों तक चंदन टिफिन पहुंचाए जा रहे हैं, जो काम की व्यस्तता के कारण शाम को घर नहीं पहुंच पाते, या जिनके परिवार के लोग साधना में लीन होते हैं।

कैसे पहुंचते हैं टिफिन
दोपहर 3 बजे तक फोन पर टिफिन की मांग की जा सकती है। इसमें जगह का उल्लेख करना होता है। निर्धारित समय पर घर, दुकान या कार्यालय तक भोजन पहुंचाया जाता है। सेवा पूर्णत: फ्री है। भोजन भी जैनी ही तैयार किया जाता है। विपुल अशोक कुमार जैन ने बताया कि हासामपुरा में रोजाना 900 लोगों का भोजन तैयार करते हैं। इसे मिठाई के पैकेट में पैक कर संबंधित को भेजा जाता है। चंदन टिफिन में दो तरह की सब्जी, रोटी, चावल, दाल, मिठाई, नमकीन रहता है।

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40 लोगों की टीम जुटी
करीब 35 से 40 लोगों की टीम पूरी व्यवस्था देखती है। इनमें से करीब 20 लोग भोजन बनाने, पैकिंग और वितरण की व्यवस्था में रहते हैं। सुबह 7 से शाम 6 बजे तक टीम काम करती है। टिफिन वितरण सुबह 10 बजे से शुरू हो जाता है।

निजी वाहन से पहुंचाते हैं टिफिन
टिफिन पहुंचाने के लिए टीम के सदस्य अपने वाहनों का उपयोग करते हैं। टीम का कहना है कि व्यस्त जीवनशैली के कारण कई बार लोग समय पर घर नहीं पहुंच पाते। ऐसे में यह व्यवस्था उन्हें धार्मिक नियमों का पालन करने में छोटा सा सहयोग करती है।
यह निभा रहे भूमिका: विपुल अशोक कुमार जैन, सौरभ अशोक कुमार जैन, यश जैन

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