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त्योहारी सीजन में मांग बढऩे पर तेज हुए शक्कर के भाव

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। त्योहारी सीजन की डिमांड को देखते हुए शक्कर का बाजार तेज होना शुरू हो गया है। जुलाई में भावों में अचानक तेजी आई थी और उसके बाद अचानक भाव गिरे और बाजार सुस्त हो गया। पिछले सप्ताह शक्कर के भाव थोक बाजार में 4900 रुपए क्विंटल तक गिर गए थे परंतु इस सप्ताह इसमें सुधार होना शुरू हुआ है।

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गुरुवार को बाजार भाव 5200 रुपए खुला। व्यापारियों ने बताया त्योहारी मांग बढऩे के कारण भाव बढ़े हैं। आगामी दिनों में शक्कर बाजार में मजबूती आने के संकेत हैं। थोक बाजार के कमीशन एजेंट राजेंद्र गर्ग ने बताया त्योहारी सीजन के कारण भाव बढ़े हैं। बाजार सुधर रहा है। इस सप्ताह के अंत तक भाव 55 रुपए किलो तक पहुंच सकते हैं।

सितंबर में भाव गिरने के कारण

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जमाखोरी रोकने के लिए थोक उपभोक्ताओं और डीलरों के सिए स्टॉक सीमा घटाकर सीमित कर दी जिससे अतिरिक्त स्टॉक बाजार में आया।

सितंबर से मासिक कोटे के बजाय 15 दिनों पर आधारित पखवाड़ेवार सप्लाय व्यवस्था लागू की

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घरेलू उपलब्धता बढ़ाने के लिए सरकार ने शुल्क मुक्त कच्ची शक्कर आयात करने का निर्णय लिया जिससे भावों की तेजी पर लगाम लगी।

बाजार में सुधार का कारण

आगामी दिनों में गणेश चतुर्थी, दशहरा और बड़े त्यौहारों के चलते मिठाइयों की डिमांड बढ़ेगी। इस कारण मिठाई निर्माताओं और खुदरा बाजार में शक्कर की मांग बढ़ेगी।

गन्ने की फसल में रोग और अत्यधिक बारिश के कारण इस बार गन्ने के उत्पादन में कमी आई है। अनुमान के अनुसार सीजन का उत्पादन कम रहने से भी शक्कर के भाव बढे हैं।

मिलों से माल उठाने के समय ट्रकों और मालवाहक वाहनों की कमी के कारण तय समय पर सप्लाय बाजार तक पहुंची जिससे स्थानीय स्तर पर कीमत बढ़ी।

घरेलू उपभोक्ताओं तक नहीं पहुंचा भाव गिरने का लाभ: थोक भाव में भले ही शक्कर की कीमत गिर गई हो परंतु किराना बाजार रिटेल में भाव 65 से 70 रुपए किलो ही चल रहे हैं। भाव गिरने का लाभ आम उपभोक्ता तक नहीं पहुंचा है। उधर थोक बाजार में शक्कर के भाव फिर बढऩे लगे हैं इसलिए आगामी दिनों में भी आम उपभोक्ता को कोई लाभ होता दिख नहीं रहा है।

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